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Karnal News: बसों में सीट के लिए मारामारी, खिड़कियों से घुसे बच्चे और महिलाएं
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पुराने बस स्टैंड पर बस में चढ़ने के लिए हो रही मारा मारी। संवाद
करनाल। रक्षाबंधन पर बहनों को नि:शुल्क सफर का सरकार ने भले ही तोहफा दिया हो लेकिन परिवहन व्यवस्था बेपटरी रही। भीड़ ज्यादा होेने के कारण लोग बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहे। कई लोग बस काउंटर पर आने पर भी भीड़ में फंसे रहे। जब बच्चे और महिलाओं को बसों में चढ़ने की जगह नहीं मिली तो वे शीशों के बीच और खिड़कियों से अंदर घुसते दिखाई दिए।
यह हालात शुक्रवार को करनाल के पुराने बस अड्डे पर दिखाई दिए। जहां पहले बस पर चढ़ने और फिर सीट के लिए मारामारी रही। महिलाओं को भी लटक कर जान जोखिम में डालते हुए सफर करना पड़ा। कई निजी बसें पेट्रोल पंप के नजदीक बंद खड़ी भी दिखाई दी। बसों के ठहराव को लेकर भी रोडवेज और निजी बसों के कर्मियों व सवारियों के बीच बहस भी हुई।
वहीं, रोडवेज की ओर से बेहतर सुविधा के दावे किए गए। विभाग का दावा है कि 178 बसें मार्ग पर दौड़ीं, विभिन्न मार्गों पर पूरे दिन में 50 अतिरिक्त फेरे भी लगे लेकिन बस अड्डे और हाईवे पर इंतजार में खड़ी सवारियों को देखकर ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं। स्थिति यह रही कि अपने भाई के घर जाने के लिए कई बहनें बस अड्डे पर बस पर चढ़ने के लिए पीछे दौड़ती दिखाई दी लेकिन बसों के ब्रेक नहीं लगे। वहीं बसें रुकवाने के लिए रोडवेज व निजी बसों के कर्मचारी भी आपस में उलझते दिखाई दिए।
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हाईवे पर भी इंतजार में खड़े दिखे लोग, कई पैदल भटके
कई मार्गों पर बस न मिलने पर महिलाएं नेशनल हाईवे के विभिन्न चौकों और अड्डे पर भटकती भी दिखाई दीं। देरी होने पर मजबूरन कई लोगों को टैक्सी व अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बसों में हालात यह रहे कि भीड़ के कारण जो यात्री बस में सवार थे, उन्हें भी कई किलोमीटर खड़े होकर सफर तय करना पड़ा।
भीड़ काबू करने के लिए नहीं दिखी पुलिस
पुराने बस अड्डे पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा की ओर से इस बार विशेष इंतजाम करने की हिदायत दी गई थी। लोगों की सुविधा के लिए पुलिसकर्मियों को नियुक्त करने के आदेश थे लेकिन शुक्रवार को दोपहर को भीड़ के समय पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दिए, बसों के परिचालक ही संयम बनाने की अपील करते दिखे।
सीट के लिए हुई बहस
महिलाएं को बसों में सीट के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कई महिलाओं में बहस भी हुई। सवारियां बढ़ने से लोगों ने बसों की छतों पर बैठकर सफर किया। सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द होने के बावजूद स्टाफ और बसों की कमी खली। करनाल बस स्टैंड पर कई महिलाएं अपने नवजात को गोद में लिए धूप में बसों का इंतजार करती दिखीं।
टैक्सी वालों ने 500 रुपये तक वसूले
बसों में भीड़ के कारण रक्षाबंधन पर्व पर टैक्सी चालकों ने भी मनमर्जी का किराया वसूला। अमूमन 150 रुपये प्रति सवारी पर चलने वाली टैक्सी ने भी लोगों से किराये के रूप में 500 रुपये तक वसूले। इससे काफी सवारियों को बेहतर सफर लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हाईवे से अंबाला व दिल्ली की तरफ दिनभर कई टैक्सी चलती हैं।
रक्षाबंधन पर बस सेवा बढ़ाई गई। कई मार्गों पर बसों के ज्यादा चक्कर लगे। रिकार्ड के अनुसार, दो दिन करीब पांच हजार किलोमीटर बसें अतिरिक्त चली। हमारा प्रयास रहा कि किसी को परेशानी न आए, सभी बसों को ऑन रूट रखा गया। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
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यह हालात शुक्रवार को करनाल के पुराने बस अड्डे पर दिखाई दिए। जहां पहले बस पर चढ़ने और फिर सीट के लिए मारामारी रही। महिलाओं को भी लटक कर जान जोखिम में डालते हुए सफर करना पड़ा। कई निजी बसें पेट्रोल पंप के नजदीक बंद खड़ी भी दिखाई दी। बसों के ठहराव को लेकर भी रोडवेज और निजी बसों के कर्मियों व सवारियों के बीच बहस भी हुई।
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वहीं, रोडवेज की ओर से बेहतर सुविधा के दावे किए गए। विभाग का दावा है कि 178 बसें मार्ग पर दौड़ीं, विभिन्न मार्गों पर पूरे दिन में 50 अतिरिक्त फेरे भी लगे लेकिन बस अड्डे और हाईवे पर इंतजार में खड़ी सवारियों को देखकर ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं। स्थिति यह रही कि अपने भाई के घर जाने के लिए कई बहनें बस अड्डे पर बस पर चढ़ने के लिए पीछे दौड़ती दिखाई दी लेकिन बसों के ब्रेक नहीं लगे। वहीं बसें रुकवाने के लिए रोडवेज व निजी बसों के कर्मचारी भी आपस में उलझते दिखाई दिए।
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हाईवे पर भी इंतजार में खड़े दिखे लोग, कई पैदल भटके
कई मार्गों पर बस न मिलने पर महिलाएं नेशनल हाईवे के विभिन्न चौकों और अड्डे पर भटकती भी दिखाई दीं। देरी होने पर मजबूरन कई लोगों को टैक्सी व अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बसों में हालात यह रहे कि भीड़ के कारण जो यात्री बस में सवार थे, उन्हें भी कई किलोमीटर खड़े होकर सफर तय करना पड़ा।
भीड़ काबू करने के लिए नहीं दिखी पुलिस
पुराने बस अड्डे पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा की ओर से इस बार विशेष इंतजाम करने की हिदायत दी गई थी। लोगों की सुविधा के लिए पुलिसकर्मियों को नियुक्त करने के आदेश थे लेकिन शुक्रवार को दोपहर को भीड़ के समय पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दिए, बसों के परिचालक ही संयम बनाने की अपील करते दिखे।
सीट के लिए हुई बहस
महिलाएं को बसों में सीट के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कई महिलाओं में बहस भी हुई। सवारियां बढ़ने से लोगों ने बसों की छतों पर बैठकर सफर किया। सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द होने के बावजूद स्टाफ और बसों की कमी खली। करनाल बस स्टैंड पर कई महिलाएं अपने नवजात को गोद में लिए धूप में बसों का इंतजार करती दिखीं।
टैक्सी वालों ने 500 रुपये तक वसूले
बसों में भीड़ के कारण रक्षाबंधन पर्व पर टैक्सी चालकों ने भी मनमर्जी का किराया वसूला। अमूमन 150 रुपये प्रति सवारी पर चलने वाली टैक्सी ने भी लोगों से किराये के रूप में 500 रुपये तक वसूले। इससे काफी सवारियों को बेहतर सफर लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हाईवे से अंबाला व दिल्ली की तरफ दिनभर कई टैक्सी चलती हैं।
रक्षाबंधन पर बस सेवा बढ़ाई गई। कई मार्गों पर बसों के ज्यादा चक्कर लगे। रिकार्ड के अनुसार, दो दिन करीब पांच हजार किलोमीटर बसें अतिरिक्त चली। हमारा प्रयास रहा कि किसी को परेशानी न आए, सभी बसों को ऑन रूट रखा गया। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज

पुराने बस स्टैंड पर बस में चढ़ने के लिए हो रही मारा मारी। संवाद

पुराने बस स्टैंड पर बस में चढ़ने के लिए हो रही मारा मारी। संवाद

पुराने बस स्टैंड पर बस में चढ़ने के लिए हो रही मारा मारी। संवाद

पुराने बस स्टैंड पर बस में चढ़ने के लिए हो रही मारा मारी। संवाद