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Karnal News: प्राकृतिक प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण सेवा क्षेत्र
Thu, 21 Aug 2025 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:17 AM IST
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1002 एनडीआरआई में पुस्तक मेले में किताबें देखती एएसपी व निदेशक। संवाद
- फोटो : ई रिक्शा पलटने से घायल बुजुर्ग।
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मीडिया सिर्फ सूचना तंत्र, ज्ञान का भंडार किताबों में ही है:कांची सिंघल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में हरियाणा पुलिस एवं इंडियन ऑयल के सहयोग से आयोजित किए जा रहे प्रकृति उत्सव एवं डेयरी फार्मिंग-2025 के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि एएसपी कांची सिंघल पहुंची। मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो.डॉ.अशोक चौहान ने कहा कि प्राकृतिक प्रदूषण का सबसे बड़ा क्षेत्र सेवा क्षेत्र है। कोई भी वस्तु जब एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जायी जाती है उस दौरान कार्बन डाई आक्साइड के पैरों के निशान जाने-अनजाने पूरे वातावरण को प्रदूषित करते हैं। जिसके कारण धरती के तापमान में वृद्धि होती है।
एनडीआरआई के निदेशक डॉ.धीर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि एएसपी कांची सिंघल ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ हर एक व्यक्ति में जिज्ञासा का होना बेहद आवश्यक है, तभी वह जीवन में तरक्की कर सकता है। उन्होंने किताबों के महत्व को परिभाषित करते हुए कहा कि यू ट्यूब, एआई या कोई अन्य मीडिया, ये सभी सूचना तंत्र हैं लेकिन ज्ञान का भंडार तो किताबे ही हैं। किताबें हमें विवेकशील और विचारशील बनाती हैं,हमें दूसरों को सुनने, समझने और मान सम्मान करने की समझ आती है। किताबों को पढ़ने से आत्मिक शांति भी मिलती है। विद्याथियों के अंदर नए-नए ज्ञान को आत्मसात करने की ललक होनी चाहिए। पुस्तक मेला ज्ञान का सागर है, ये आप पर निर्भर है कि सागर से कितने मोती चुनते हैं।
डीएफओ पवन शर्मा ने कहा कि यह समय पौधरोपण का है, सही पौधों का चुनाव कर उसे रोपित करें और तब तक देखभाल करें जब तक वह पेड़ न बन जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ दिखावे के लिए किया गया कार्य फलदायी नहीं होता। परिवहन अधिकारी योगेंद्र ढुल ने कहा कि अपने जीवन में थ्री-आर को आत्मसात करे-रिड्यूस, रीयूज और रिसाईकिल, जो आज की वर्तमान समस्या से निजात दिलाने में सहायक होंगी। अध्यक्षता करते हुए एनडीआरआई के निदेशक एवं कुलपति डा. धीर सिंह ने कहा कि प्रकृति उत्सव का आयोजन कई विभागो के आपसी समंवय से किया गया है जो सांस्कृतिक विविधता एवं अनेकता में एकता का सुंदर उदाहरण है। संचालन करते हुए पुलिस पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने कहा कि किताबें कभी भी अपना औचित्य नहीं खोएगी, कोई भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एक माध्यम हो सकता है विवेक नहीं। कार्यक्रम संयोजक डा. जय कौशिक ने कहा कि अच्छे काम करने की शुरूआत कल पर न छोड़े बल्कि आज से ही उसे शुरू करने के लिए खुद से वादा करें। सभी अतिथियों ने पार्क में सिंदूर का पौधा लगाया. पुस्तक मेले में पुस्तके देखी। निदेशक ने सभी को उपहार स्वरूप पुस्तकें भेंट की।
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इस मौके पर डा. बीएस मीणा, डा. सुमन कपिला, डा. मनोरमा व एएसआई अजय कुमार ने सहयोग किया।
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सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्ता हमारा...
- प्रकृति महोत्सव में जैन गर्ल्स सीनियर सेंकेड़री स्कूल करनाल के बच्चों ने -सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्ता हमारा। डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूलके बच्चों ने देशभक्ति नृत्य, एसडी गर्ल्स सीनियर सेंकेंडरी स्कूल के बच्चों कविता पाठ, दूर इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित नृत्य व देश भक्ति गीत सामूहिक प्रस्तुति दी।
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में हरियाणा पुलिस एवं इंडियन ऑयल के सहयोग से आयोजित किए जा रहे प्रकृति उत्सव एवं डेयरी फार्मिंग-2025 के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि एएसपी कांची सिंघल पहुंची। मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो.डॉ.अशोक चौहान ने कहा कि प्राकृतिक प्रदूषण का सबसे बड़ा क्षेत्र सेवा क्षेत्र है। कोई भी वस्तु जब एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जायी जाती है उस दौरान कार्बन डाई आक्साइड के पैरों के निशान जाने-अनजाने पूरे वातावरण को प्रदूषित करते हैं। जिसके कारण धरती के तापमान में वृद्धि होती है।
एनडीआरआई के निदेशक डॉ.धीर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि एएसपी कांची सिंघल ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ हर एक व्यक्ति में जिज्ञासा का होना बेहद आवश्यक है, तभी वह जीवन में तरक्की कर सकता है। उन्होंने किताबों के महत्व को परिभाषित करते हुए कहा कि यू ट्यूब, एआई या कोई अन्य मीडिया, ये सभी सूचना तंत्र हैं लेकिन ज्ञान का भंडार तो किताबे ही हैं। किताबें हमें विवेकशील और विचारशील बनाती हैं,हमें दूसरों को सुनने, समझने और मान सम्मान करने की समझ आती है। किताबों को पढ़ने से आत्मिक शांति भी मिलती है। विद्याथियों के अंदर नए-नए ज्ञान को आत्मसात करने की ललक होनी चाहिए। पुस्तक मेला ज्ञान का सागर है, ये आप पर निर्भर है कि सागर से कितने मोती चुनते हैं।
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डीएफओ पवन शर्मा ने कहा कि यह समय पौधरोपण का है, सही पौधों का चुनाव कर उसे रोपित करें और तब तक देखभाल करें जब तक वह पेड़ न बन जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ दिखावे के लिए किया गया कार्य फलदायी नहीं होता। परिवहन अधिकारी योगेंद्र ढुल ने कहा कि अपने जीवन में थ्री-आर को आत्मसात करे-रिड्यूस, रीयूज और रिसाईकिल, जो आज की वर्तमान समस्या से निजात दिलाने में सहायक होंगी। अध्यक्षता करते हुए एनडीआरआई के निदेशक एवं कुलपति डा. धीर सिंह ने कहा कि प्रकृति उत्सव का आयोजन कई विभागो के आपसी समंवय से किया गया है जो सांस्कृतिक विविधता एवं अनेकता में एकता का सुंदर उदाहरण है। संचालन करते हुए पुलिस पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने कहा कि किताबें कभी भी अपना औचित्य नहीं खोएगी, कोई भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एक माध्यम हो सकता है विवेक नहीं। कार्यक्रम संयोजक डा. जय कौशिक ने कहा कि अच्छे काम करने की शुरूआत कल पर न छोड़े बल्कि आज से ही उसे शुरू करने के लिए खुद से वादा करें। सभी अतिथियों ने पार्क में सिंदूर का पौधा लगाया. पुस्तक मेले में पुस्तके देखी। निदेशक ने सभी को उपहार स्वरूप पुस्तकें भेंट की।
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इस मौके पर डा. बीएस मीणा, डा. सुमन कपिला, डा. मनोरमा व एएसआई अजय कुमार ने सहयोग किया।
सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्ता हमारा...
- प्रकृति महोत्सव में जैन गर्ल्स सीनियर सेंकेड़री स्कूल करनाल के बच्चों ने -सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्ता हमारा। डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूलके बच्चों ने देशभक्ति नृत्य, एसडी गर्ल्स सीनियर सेंकेंडरी स्कूल के बच्चों कविता पाठ, दूर इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित नृत्य व देश भक्ति गीत सामूहिक प्रस्तुति दी।