फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   science and farmers can bring miracles together

किसान के हाथ में हो तकनीक तब सुधरेगी उसकी दशा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2020 02:33 AM IST
विज्ञापन
science and farmers can bring miracles together
पर्यावरणविद् पद्मभूषण डा. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि किसान और विज्ञान मिलकर ही देश में चमत्कार ला सकते हैं। देश में बड़ा परिवर्तन लाना तभी संभव है जब वैज्ञानिक, गांव और किसान आपस में मिलकर कार्य करें। डा. जोशी रविवार को भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विचार व्यक्त कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि हालात यह हैं कि एक संपन्न है, एक अति संपन्न तो एक दो जून की रोटी के लिए जूझ रहा है। दुनिया में हर सातवां व्यक्ति भूखा सोता है। देश के 63 अरबपति देश के बजट से ज्यादा की संपत्ति के मालिक हैं। इसमें दोष किसान और विज्ञान का भी है। विज्ञान भी एकतरफा रहा है। इस बात को समझना होगा। किसान आलू पैदा कर रहा है तो चिप्स कोई और, किसान गेहूं पैदा कर रहा है लेकिन आटा मिल किसी और की है। किसान और उपभोक्ता के बीच 1:16 का अनुपात है। बीच में 16 लोग कमाने वाले हैं जो कभी पसीना नहीं बहाते। आटा बनाना, धान की मिलिंग और आलू चिप्स उद्योग की तकनीक क्या किसान के लिए बड़ी बात है। यही कारण है कि आज खेती का नाम घाटे से जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी मां है। वह इंसान से किसी चीज का दाम नहीं लेती, लेकिन विचार करना हो कि हमने उसे क्या दिया। एक-एक करके सब बर्बाद कर दिया। नदियां लुप्त हो रही हैं। जंगलों के हालात खराब हैं। जैव विविधता घटी है। कई प्रजातियां लुप्त हो रही हैं। जंगल का क्षेत्र मायने नहीं रखता बल्कि प्रजातियां मायने रखती हैं। हर सेकेंड में धरती से 1.5 हेक्टेयर जंगल खत्म हो रहा है। पानी की मात्रा और गुणवत्ता खत्म हो रही है। पानी का व्यापार 600 बिलियन डालर का खड़ा हो गया है। 2030 में 58 बिलियन डालर का वाटर प्योरीफायर का बाजर बन चुका होगा। नेताओं को इसकी चिंता नहीं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के लिए यदि सभी एक साथ होकर नहीं खड़े हुए तो आने वाला समय बहुत भयावह होगा। आने वाली पीढ़ियां पितृ पक्ष तक नहीं मनाएंगी बल्कि हमें सबसे बड़ा दोषी बताएंगी। उन्होंने मानव को प्रकृति को लेकर संभल जाने का संदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed