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Karnal News: कम संसाधन वाले स्कूल होंगे चिह्नित, सुविधाएं बढ़ाने की बनेगी योजना
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करनाल। जिले में कई स्कूल ऐसे हैं, जहां महज एक ही शिक्षक है। इसके अलावा कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। अब ऐसे स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। ताकि यहां सुविधाएं बढ़ाने और व्यवस्था में सुधार करने के लिए योजना तैयार की जा सके। ये जानकारी एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी। वे सोमवार को लघु सचिवालय में निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिला समिति की बैठक ले रही थीं।
एडीसी ने निपुण हरियाणा कार्यक्रम से जुडे शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित लक्ष्य को हर संभव पूरा करें। इसके अलावा मेंटर विजिट रिपोर्ट, विश्लेषण और कक्षा अवलोकन के दौरान ध्यान देने योग्य बातें और संरचनात्मक फीडबैक पर विशेष ध्यान दिया जाए। करनाल जिला निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत अच्छा कार्य कर रहा है लेकिन इसे और बेहतरीन बनाने की जरूरत है ताकि जिला प्रदेश में अव्वल आ सके। एडीसी ने राज्य में करनाल का चौथा स्थान आने पर अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर 15 दिन पर कार्य की प्रगति साझा की जाए और सभी प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि संकुल व विकासखंड स्तर पर जिन स्कूलों का प्रदर्शन कमजोर है उन स्कूलों का दौरा करें। ताकि उन विद्यालयों में भ्रमण कर उनको सहयोग दिया जा सके। एफएलएन जिला समन्वयक विपिन ने कहा कि इस कार्यक्रम की कामयाबी तब सिद्ध होगी जब हमारे बच्चे पढ़ने-लिखने में निपुण हो जाएंगे। जिसके लिए हम सब जिम्मेदार व प्रयासरत हैं। इसके बाद पहचान प्रोजेक्ट की रूपरेखा को विस्तार से रखा गया और इसके तहत किए जा रहे नवाचारों को साझा किया। इस दौरान प्रोजेक्ट में प्रतिभाग कर रहे संकुल समन्वयक, शिक्षक और मेंटर को जिला स्तर पर मोटिवेट और सम्मानित किया गया। बैठक में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विद्योत्तमा, डीपीसी, डिप्टी डीईओ सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
डिजिटल बोर्ड का नहीं हो रहा इस्तेमाल
एडीसी ने कहा कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बहुत सारे विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड लगे हुए हैं लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अपने स्कूल विजिट के दौरान सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन स्कूलों में डिजिटल बोर्ड हैं उनका शिक्षण के दौरान इस्तेमाल किया जाए। बैठक में निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के अंतर्गत पिछले तीन माह में किए गए मुख्य कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिनमें विद्यालय भ्रमण और कक्षा अवलोकन टारगेट व मासिक स्कोर कार्ड, कक्षा अवलोकन के दौरान ध्यान देने योग्य बातें और संरचनात्मक फीडबैक शामिल रहे।
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एडीसी ने निपुण हरियाणा कार्यक्रम से जुडे शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित लक्ष्य को हर संभव पूरा करें। इसके अलावा मेंटर विजिट रिपोर्ट, विश्लेषण और कक्षा अवलोकन के दौरान ध्यान देने योग्य बातें और संरचनात्मक फीडबैक पर विशेष ध्यान दिया जाए। करनाल जिला निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत अच्छा कार्य कर रहा है लेकिन इसे और बेहतरीन बनाने की जरूरत है ताकि जिला प्रदेश में अव्वल आ सके। एडीसी ने राज्य में करनाल का चौथा स्थान आने पर अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर 15 दिन पर कार्य की प्रगति साझा की जाए और सभी प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि संकुल व विकासखंड स्तर पर जिन स्कूलों का प्रदर्शन कमजोर है उन स्कूलों का दौरा करें। ताकि उन विद्यालयों में भ्रमण कर उनको सहयोग दिया जा सके। एफएलएन जिला समन्वयक विपिन ने कहा कि इस कार्यक्रम की कामयाबी तब सिद्ध होगी जब हमारे बच्चे पढ़ने-लिखने में निपुण हो जाएंगे। जिसके लिए हम सब जिम्मेदार व प्रयासरत हैं। इसके बाद पहचान प्रोजेक्ट की रूपरेखा को विस्तार से रखा गया और इसके तहत किए जा रहे नवाचारों को साझा किया। इस दौरान प्रोजेक्ट में प्रतिभाग कर रहे संकुल समन्वयक, शिक्षक और मेंटर को जिला स्तर पर मोटिवेट और सम्मानित किया गया। बैठक में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विद्योत्तमा, डीपीसी, डिप्टी डीईओ सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
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डिजिटल बोर्ड का नहीं हो रहा इस्तेमाल
एडीसी ने कहा कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बहुत सारे विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड लगे हुए हैं लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अपने स्कूल विजिट के दौरान सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन स्कूलों में डिजिटल बोर्ड हैं उनका शिक्षण के दौरान इस्तेमाल किया जाए। बैठक में निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के अंतर्गत पिछले तीन माह में किए गए मुख्य कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिनमें विद्यालय भ्रमण और कक्षा अवलोकन टारगेट व मासिक स्कोर कार्ड, कक्षा अवलोकन के दौरान ध्यान देने योग्य बातें और संरचनात्मक फीडबैक शामिल रहे।
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