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किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर कार्यक्रम में नहीं पहुंचे संदीप सिंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह के धार्मिक कार्यक्रम में आने की सूचना मिलने पर किसानों ने गांव में जाने वाले दोनों रास्ते बंद कर दिए। वे काले झंडे लेकर संदीप सिंह के आने की प्रतीक्षा करने लगे और 6 घंटे तक डटे रहे। वहीं किसानों के रास्ता अवरुद्ध करने की सूचना पर खेल राज्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। हालांकि इस दौरान किसानों ने गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का विरोध नहीं किया। वहीं खेल राज्यमंत्री के आने को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर बैरिकेड लगाकर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
बुधवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर गांव सुरमी में वाल्मीकि समाज की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह को बतौर मुख्यातिथि पहुंचना था, लेकिन खेल राज्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने की सूचना पर किसानों ने एक दिन पहले ही उनका विरोध करने एलान कर दिया था। इसी के चलते बुधवार सुबह 9 बजे ही किसान काले झंडे लेकर गांव पहुंच गए और गांव में जाने वाले दोनों रास्ते बंद कर दिए। किसानों ने रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्राली अड़ा दी और खुद भी दरी बिछाकर काले झंडे के साथ सड़क पर ही बैठ गए। वहीं किसानों के एलान के बाद पिहोवा के डीएसपी गुरमेल सिंह की अगुवाई में भारी पुलिस गांव में तैनात रहा। पुलिस ने धार्मिक कार्यक्रम स्थल के आसपास बैरिकेड लगाए हुए थे ताकि कोई बवाल न हो। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, दमकल गाड़ी सहित रोडवेज की बस को भी तैनात किया गया था। इस दौरान डीएसपी गुरमेल सिंह ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर किसान खेल राज्यमंत्री के विरोध पर अड़े रहे। करीब 3 बजे प्रशासन के खेल राज्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं आने के आश्वासन के बाद किसान सड़क से हट गए। मामले को लेकर डीएसपी गुरमेल सिंह ने बताया कि किसान विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए थे। उन्होंने गांव से बाहर ही विरोध करने का फैसला लिया था। पुलिस की ओर से कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।
जारी रहेगा विरोध
किसानों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक तीन नए कृषि कानून रद्द नहीं होंगे तब तक भाजपा व जजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा। किसानों की ओर से धार्मिक कार्यक्रम का विरोध नहीं किया गया। वह केवल संदीप सिंह को काले झंडे दिखाने के लिए गांव से बाहर एकत्रित हुए थे।
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पिहोवा। खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह के धार्मिक कार्यक्रम में आने की सूचना मिलने पर किसानों ने गांव में जाने वाले दोनों रास्ते बंद कर दिए। वे काले झंडे लेकर संदीप सिंह के आने की प्रतीक्षा करने लगे और 6 घंटे तक डटे रहे। वहीं किसानों के रास्ता अवरुद्ध करने की सूचना पर खेल राज्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। हालांकि इस दौरान किसानों ने गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का विरोध नहीं किया। वहीं खेल राज्यमंत्री के आने को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर बैरिकेड लगाकर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
बुधवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर गांव सुरमी में वाल्मीकि समाज की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह को बतौर मुख्यातिथि पहुंचना था, लेकिन खेल राज्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने की सूचना पर किसानों ने एक दिन पहले ही उनका विरोध करने एलान कर दिया था। इसी के चलते बुधवार सुबह 9 बजे ही किसान काले झंडे लेकर गांव पहुंच गए और गांव में जाने वाले दोनों रास्ते बंद कर दिए। किसानों ने रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्राली अड़ा दी और खुद भी दरी बिछाकर काले झंडे के साथ सड़क पर ही बैठ गए। वहीं किसानों के एलान के बाद पिहोवा के डीएसपी गुरमेल सिंह की अगुवाई में भारी पुलिस गांव में तैनात रहा। पुलिस ने धार्मिक कार्यक्रम स्थल के आसपास बैरिकेड लगाए हुए थे ताकि कोई बवाल न हो। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, दमकल गाड़ी सहित रोडवेज की बस को भी तैनात किया गया था। इस दौरान डीएसपी गुरमेल सिंह ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर किसान खेल राज्यमंत्री के विरोध पर अड़े रहे। करीब 3 बजे प्रशासन के खेल राज्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं आने के आश्वासन के बाद किसान सड़क से हट गए। मामले को लेकर डीएसपी गुरमेल सिंह ने बताया कि किसान विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए थे। उन्होंने गांव से बाहर ही विरोध करने का फैसला लिया था। पुलिस की ओर से कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।
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जारी रहेगा विरोध
किसानों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक तीन नए कृषि कानून रद्द नहीं होंगे तब तक भाजपा व जजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा। किसानों की ओर से धार्मिक कार्यक्रम का विरोध नहीं किया गया। वह केवल संदीप सिंह को काले झंडे दिखाने के लिए गांव से बाहर एकत्रित हुए थे।
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