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Karnal News: सौभाग्य योग में कल रखा जाएगा सकट चतुर्थी का व्रत
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्रीगणेश जी को प्रसन्न करने और संतान व पति की दीर्घायु की कामना के लिए सौभाग्यवती स्त्रियां सकट चतुर्थी का व्रत रखती हैं। इस बार 17 जनवरी, माघ कृष्णपक्ष चतुर्थी को मघा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र योग तथा सौभाग्य योग के साथ बालव करण भी बन रहा है, जो शुभ संयोग है। इसको गौरी वक्रतुंड चतुर्थी भी कहते हैं। वर्षभर में 12 चतुर्थी आती हैं। उनमें दो विशेष होती हैं। कार्तिक कृष्ण पक्ष एवं माघ कृष्ण पक्ष की चौथ इनका विशेष महत्व है।
श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी षष्ठी वल्लभ ने बताया कि सकट चतुर्थी का व्रत करने के लिए प्रात:काल स्नान आदि से निवृत होकर व्रत करने का संकल्प लें। इस दिन गणेश जी को तिल से बने हुए पकवान का भोग लगाएं। रात्रि में चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य प्रदान करें। ऊं सोम सोमाय नम: कहकर दें। इससे दैहिक व मानसिक कष्टों से निवृति होती है और सभी मनोकामना पूरी होती हैं।
पंडित षष्ठी वल्लभ के अनुसार 17 जनवरी को चतुर्थी तिथि सुबह चार बजकर सात मिनट से शुरू होकर 18 जनवरी को सुबह पांच बजकर 31 मिनट तक रहेगी। चंद्रोदय का समय रात्रि 09 बजकर 09 मिनट पर करनाल जिले में रहेगा। चंद्र दर्शन कर ही भोजन करें और तिल का भोजन अवश्य करें।
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करनाल। श्रीगणेश जी को प्रसन्न करने और संतान व पति की दीर्घायु की कामना के लिए सौभाग्यवती स्त्रियां सकट चतुर्थी का व्रत रखती हैं। इस बार 17 जनवरी, माघ कृष्णपक्ष चतुर्थी को मघा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र योग तथा सौभाग्य योग के साथ बालव करण भी बन रहा है, जो शुभ संयोग है। इसको गौरी वक्रतुंड चतुर्थी भी कहते हैं। वर्षभर में 12 चतुर्थी आती हैं। उनमें दो विशेष होती हैं। कार्तिक कृष्ण पक्ष एवं माघ कृष्ण पक्ष की चौथ इनका विशेष महत्व है।
श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी षष्ठी वल्लभ ने बताया कि सकट चतुर्थी का व्रत करने के लिए प्रात:काल स्नान आदि से निवृत होकर व्रत करने का संकल्प लें। इस दिन गणेश जी को तिल से बने हुए पकवान का भोग लगाएं। रात्रि में चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य प्रदान करें। ऊं सोम सोमाय नम: कहकर दें। इससे दैहिक व मानसिक कष्टों से निवृति होती है और सभी मनोकामना पूरी होती हैं।
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पंडित षष्ठी वल्लभ के अनुसार 17 जनवरी को चतुर्थी तिथि सुबह चार बजकर सात मिनट से शुरू होकर 18 जनवरी को सुबह पांच बजकर 31 मिनट तक रहेगी। चंद्रोदय का समय रात्रि 09 बजकर 09 मिनट पर करनाल जिले में रहेगा। चंद्र दर्शन कर ही भोजन करें और तिल का भोजन अवश्य करें।
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