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Karnal News: किसानों को ड्रोन पायलट बनाएगा आरपीटीओ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Apr 2023 02:55 AM IST
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RPTO will make farmers drone pilots
देव शर्मा
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करनाल। देश के पहली सरकारी रिमोट पायलेट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (आरपीटीओ) की फीस और प्रशिक्षण अवधि को तय कर दिया गया है। फीस 35 हजार रुपये होगी, जो जीएसटी मिलाकर 41300 रुपये देनी होगी। प्रशिक्षण अवधि सात दिन की होगी। आरपीटीओ को हरियाणा सरकार ने खोला है, इसलिए सबसे पहले इसमें हरियाणा राज्य के 500 किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद देश के अन्य राज्यों से भी इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण ले सकेंगे। हरियाणा के किसानों के नाम कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा देगा। पहला बैच शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

हरियाणा सरकार हो या फिर केंद्र सरकार, जल बचत और किसानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। ड्रोन से किसानों की सुरक्षा व उनके समय के साथ-साथ जल बचत भी होगी। कृषि के साथ-साथ ड्रोन का प्रयोग अब बहुतायत के आधार पर औद्योगिक, व्यापारिक, टेली कम्युनिकेशन क्षेत्र, खनन क्षेत्र, नेशनल हाईवे और स्वास्थ्य सेवाएं आदि कई अन्य गतिविधियों में भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित ड्रोन पायलेट की मांग लगातार बढ़ रही है। ये क्षेत्र रोजगार के क्षेत्र में तेजी के साथ उभर रहा है, इसलिए हरियाणा सरकार ने एक संस्था ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विस ऑफ हरियाणा लिमिटेड यानी दृष्या का गठन किया है, जिसके चेयरमैन मुख्यमंत्री मनोहर लाल हैं और भारतीय नौ सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, विंग कमांडर गिरिराज पूनिया को इसका सीईओ व फूल कुमार डिप्टी सीईओ हैं। इसी संस्था ने करनाल के फूसगढ़ के सामुदायिक केंद्र में आरपीटीओ का संचालन शुरू किया है। आरपीटीओ के पास दो ड्रोन उपलब्ध भी उपलब्ध हो गए हैं। ये देश का पहला सरकारी आरपीटीओ है।
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आरपीटीओ के डिप्टी सीईओ फूल कुमार ने बताया कि इसे हरियाणा सरकार ने खोला है तो सबसे पहले हरियाणा के किसान परिवारों के 500 इच्छुक लोगों को ड्रोन पायलेट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ही अन्य राज्यों के लोगों को मौका दिया जाएगा। इन किसानों की सूची हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक व्यक्ति के पास पासपोर्ट होना आवश्यक है।
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- महानिदेशक सिविल एविएशन (डीजीसीए) की ओर तय मानदंडों के अनुसार प्रशिक्षण में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों को शामिल किया जाता है, जो पांच दिन का होता है। ड्रोन प्रशिक्षण के लिए भी इसी आधार पर प्रक्रिया को समझते हुए अवधि तय की जाती है।
- डॉ.सतेंद्र यादव, सर्टिफाइड इंस्पेक्टर-डीजीसीए।
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