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सड़क हादसे ने छीनी दो दोस्तों की जिंदगी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। बाइक सवार दो दोस्तों की बुधवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। नेशनल हाईवे-44 पर सेक्टर-4 के समीप उन्हें तेज रफ्तार कैंटर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों दोस्त काफी दूर जाकर गिरे और मौके पर ही दम तोड़ दिया। बाइक को कैंटर काफी दूर तक घसीटता ले गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया। जिन्हें वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मृतक रुस्तम (24) और यश (21) अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। जवान बेटों की मौत से दोनों घरों में मातम पसरा है।
पुलिस को दी शिकायत में भोला कॉलोनी निवासी रुस्तम के पिता सुलतान सिंह ने बताया कि रुस्तम और उसका दोस्त यश वासी घरौंडा और वह किसी काम से करनाल गए थे। काम खत्म करके नमस्ते चौक पर सेक्टर-4 की तरफ से घरौंडा जा रहे थे। रुस्तम और यश एक बाइक पर आगे चल रहे थे। जबकि वह उनके पीछे दूसरी बाइक पर थे। सर्विस लेन से होते हुए पंकज फिलिंग स्टेशन के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे कैंटर ने टक्कर मार दी। इससे वे दोनों दूर जा गिरे और कैंटर चालक बाइक को काफी दूर तक घसीटता ले गया। लोगों को एकत्रित होता देख कैंटर चालक कैंटर समेत फरार हो गया। विवेचना अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों को परिजनों को सौंप दिया है।
बाइक के परखच्चे उड़े
हादसा इतना भयानक था कि टक्कर लगने से बाइक के परखच्चे उड़ गए। वहीं एक युवक बाइक से करीब 10 और दूसरा करीब 20 फीट की दूरी पर जाकर गिरा। सड़क पर काफी खून भी बहा था।
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तीन साल पहले रुस्तम के भाई की हुई थी मौत
रुस्तम अपने पिता का इकलौता बेटा था। करीब तीन साल पहले बीमारी के कारण बड़े भाई शेखर की मौत हो गई थी। मोबाइल कंपनी में नौकरी करके रुस्तम घर चला रहा था। अब सड़क हादसे ने परिवार के इस इकलौते सहारे को भी छीन लिया। रुस्तम का एक साल का बेटा और दो साल की बेटी है।
विदेश में पढ़ने की तैयारी कर रहा था यश
यश के परिवार में तीन भाई-बहन थे। भाई यश की मौत के बाद दो बहनें रह गई हैं। यश के पिता विजय कुमार आईओसीएल से रिटायर्ड हैं। 12वीं पास यश विदेश जाकर पढ़ने की तैयारी कर रहा था। करीब 15 दिन पहले यश के पिता की कार का भी एक्सीडेंट हो गया था। इसी कार को लेने के लिए वह दोस्त के साथ करनाल आया था।
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करनाल/घरौंडा। बाइक सवार दो दोस्तों की बुधवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। नेशनल हाईवे-44 पर सेक्टर-4 के समीप उन्हें तेज रफ्तार कैंटर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों दोस्त काफी दूर जाकर गिरे और मौके पर ही दम तोड़ दिया। बाइक को कैंटर काफी दूर तक घसीटता ले गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया। जिन्हें वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मृतक रुस्तम (24) और यश (21) अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। जवान बेटों की मौत से दोनों घरों में मातम पसरा है।
पुलिस को दी शिकायत में भोला कॉलोनी निवासी रुस्तम के पिता सुलतान सिंह ने बताया कि रुस्तम और उसका दोस्त यश वासी घरौंडा और वह किसी काम से करनाल गए थे। काम खत्म करके नमस्ते चौक पर सेक्टर-4 की तरफ से घरौंडा जा रहे थे। रुस्तम और यश एक बाइक पर आगे चल रहे थे। जबकि वह उनके पीछे दूसरी बाइक पर थे। सर्विस लेन से होते हुए पंकज फिलिंग स्टेशन के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे कैंटर ने टक्कर मार दी। इससे वे दोनों दूर जा गिरे और कैंटर चालक बाइक को काफी दूर तक घसीटता ले गया। लोगों को एकत्रित होता देख कैंटर चालक कैंटर समेत फरार हो गया। विवेचना अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों को परिजनों को सौंप दिया है।
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बाइक के परखच्चे उड़े
हादसा इतना भयानक था कि टक्कर लगने से बाइक के परखच्चे उड़ गए। वहीं एक युवक बाइक से करीब 10 और दूसरा करीब 20 फीट की दूरी पर जाकर गिरा। सड़क पर काफी खून भी बहा था।
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तीन साल पहले रुस्तम के भाई की हुई थी मौत
रुस्तम अपने पिता का इकलौता बेटा था। करीब तीन साल पहले बीमारी के कारण बड़े भाई शेखर की मौत हो गई थी। मोबाइल कंपनी में नौकरी करके रुस्तम घर चला रहा था। अब सड़क हादसे ने परिवार के इस इकलौते सहारे को भी छीन लिया। रुस्तम का एक साल का बेटा और दो साल की बेटी है।
विदेश में पढ़ने की तैयारी कर रहा था यश
यश के परिवार में तीन भाई-बहन थे। भाई यश की मौत के बाद दो बहनें रह गई हैं। यश के पिता विजय कुमार आईओसीएल से रिटायर्ड हैं। 12वीं पास यश विदेश जाकर पढ़ने की तैयारी कर रहा था। करीब 15 दिन पहले यश के पिता की कार का भी एक्सीडेंट हो गया था। इसी कार को लेने के लिए वह दोस्त के साथ करनाल आया था।