{"_id":"66ef74b19c1c35beb30e24a7","slug":"restrictions-you-will-not-be-able-to-leave-the-hostel-from-9-pm-to-5-am-karnal-news-c-18-knl1008-481000-2024-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाबंदी : रात नौ से सुबह पांच बजे तक नहीं छोड़ सकेंगे छात्रावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाबंदी : रात नौ से सुबह पांच बजे तक नहीं छोड़ सकेंगे छात्रावास
विज्ञापन
- कोलकाता कांड के बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जारी किए निर्देश
- छात्रावास में बाहरी व्यक्ति नहीं ला सकेगा किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री
अनुज शर्मा
करनाल। कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या के बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज परिसर में सख्ती कर दी है। वहीं निदेशक कार्यालय की ओर से एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) भी जारी की गई है। जिसमें मुख्य रूप से छात्र रात नौ बजे के बाद छात्रावास नहीं छोड़ेंगे, जब तक कि वे अस्पताल में आपातकालीन और वार्ड ड्यूटी पर न हों। रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक छात्रावास परिसर में छात्रों के प्रवेश व निकास की अनुमति नहीं होगी। इसको लेकर काउंसिल, सिक्योरिटी, आईटी, एस्टेट सहित सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली गई।
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि कॉलेज परिसर में रहने व काम करने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए ही छात्रावास के लिए एसओपी जारी कर निर्णय लिया गया है कि छात्रावास में रहने वाले सभी छात्रों के लिए छात्रावास मेस में ही खाना खाना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही छात्रावास में बाहरी एजेंसियों से टिफिन सेवाओं की अनुमति पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।
छात्रावास परिसर में किसी भी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा भोजन वितरण एजेंटों, जल आपूर्तिकर्ता के डिलीवरी बॉय को रात नौ बजे के बाद छात्रावास में प्रवेश की अनुमति पर भी रोक लगा दी गई है। संवाद
विज्ञापन
डिलीवरी बॉय के सामान की होगी जांच
डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि अगर किसी भी डिलीवरी ब्वाॅय को सामान छात्रावास में देना है तो रात नौ बजे से पहले देना होगा। दूसरी ओर छात्रावास में सामान पहुंचाने से पहले उसकी सिक्योरिटी इंचार्ज स्वयं जांच करेंगे। उसके बाद ही उक्त सामान को छात्रावास में भेजने की अनुमति दी जाएगी। वहीं छात्रावासों में शराब और किसी अन्य प्रकार के मादक द्रव्यों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध है। यदि कोई छात्र नशे में पाया जाता है या ऐसे पदार्थों के कब्जे में पाया जाता है, तो छात्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब हर साल बदलने होंगे छात्रावास
डिप्टी डीन डॉ. गौरव कांबोज ने बताया कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को अब हर साल छात्रावास के अंदर ही कमरे और फ्लोर बदलने होंगे। जिससे छात्रावास में साफ-सफाई हो सकेगी। वहीं इस दौरान छात्रों को अपने रूम पार्टनर बदलने में भी सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रबंधन ने छात्रावास से एसी, टीवी और भारी बिजली के सामान यानी रॉड, प्रेस, गीजर, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, इंडक्शन प्लेट, हीटर आदि किसी भी छात्र को रखने की अनुमति पर भी रोक लगा दी है। साथ ही जो सामान लगा था। उसे उतरवा दिया गया है।
अधिकारी-कर्मचारी व बच्चे पहनेंगे आई-कार्ड
डीन डॉ. ज्योति सेठी ने बताया कि बैठक में सभी कर्मचारियों के लिए आईडी बैज, की-कार्ड या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सहित सुरक्षित प्रवेश नियंत्रण लागू करने और देर रात में अधिकृत कर्मियों के लिए अधिकृत क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा। परिचारकों को विजिटिंग कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें और केवल उन्हीं परिचारकों को प्रवेश की अनुमति दें जिनके पास विजिटिंग कार्ड है। सभी वार्डों में पुरुष और महिला डॉक्टरों और नर्सों के लिए अलग-अलग डॉक्टर ड्यूटी रूम और वॉशरूम की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
- छात्रावास में बाहरी व्यक्ति नहीं ला सकेगा किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री
अनुज शर्मा
करनाल। कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या के बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज परिसर में सख्ती कर दी है। वहीं निदेशक कार्यालय की ओर से एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) भी जारी की गई है। जिसमें मुख्य रूप से छात्र रात नौ बजे के बाद छात्रावास नहीं छोड़ेंगे, जब तक कि वे अस्पताल में आपातकालीन और वार्ड ड्यूटी पर न हों। रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक छात्रावास परिसर में छात्रों के प्रवेश व निकास की अनुमति नहीं होगी। इसको लेकर काउंसिल, सिक्योरिटी, आईटी, एस्टेट सहित सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली गई।
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि कॉलेज परिसर में रहने व काम करने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए ही छात्रावास के लिए एसओपी जारी कर निर्णय लिया गया है कि छात्रावास में रहने वाले सभी छात्रों के लिए छात्रावास मेस में ही खाना खाना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही छात्रावास में बाहरी एजेंसियों से टिफिन सेवाओं की अनुमति पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
छात्रावास परिसर में किसी भी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा भोजन वितरण एजेंटों, जल आपूर्तिकर्ता के डिलीवरी बॉय को रात नौ बजे के बाद छात्रावास में प्रवेश की अनुमति पर भी रोक लगा दी गई है। संवाद
विज्ञापन
डिलीवरी बॉय के सामान की होगी जांच
डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि अगर किसी भी डिलीवरी ब्वाॅय को सामान छात्रावास में देना है तो रात नौ बजे से पहले देना होगा। दूसरी ओर छात्रावास में सामान पहुंचाने से पहले उसकी सिक्योरिटी इंचार्ज स्वयं जांच करेंगे। उसके बाद ही उक्त सामान को छात्रावास में भेजने की अनुमति दी जाएगी। वहीं छात्रावासों में शराब और किसी अन्य प्रकार के मादक द्रव्यों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध है। यदि कोई छात्र नशे में पाया जाता है या ऐसे पदार्थों के कब्जे में पाया जाता है, तो छात्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब हर साल बदलने होंगे छात्रावास
डिप्टी डीन डॉ. गौरव कांबोज ने बताया कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को अब हर साल छात्रावास के अंदर ही कमरे और फ्लोर बदलने होंगे। जिससे छात्रावास में साफ-सफाई हो सकेगी। वहीं इस दौरान छात्रों को अपने रूम पार्टनर बदलने में भी सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रबंधन ने छात्रावास से एसी, टीवी और भारी बिजली के सामान यानी रॉड, प्रेस, गीजर, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, इंडक्शन प्लेट, हीटर आदि किसी भी छात्र को रखने की अनुमति पर भी रोक लगा दी है। साथ ही जो सामान लगा था। उसे उतरवा दिया गया है।
अधिकारी-कर्मचारी व बच्चे पहनेंगे आई-कार्ड
डीन डॉ. ज्योति सेठी ने बताया कि बैठक में सभी कर्मचारियों के लिए आईडी बैज, की-कार्ड या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सहित सुरक्षित प्रवेश नियंत्रण लागू करने और देर रात में अधिकृत कर्मियों के लिए अधिकृत क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा। परिचारकों को विजिटिंग कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें और केवल उन्हीं परिचारकों को प्रवेश की अनुमति दें जिनके पास विजिटिंग कार्ड है। सभी वार्डों में पुरुष और महिला डॉक्टरों और नर्सों के लिए अलग-अलग डॉक्टर ड्यूटी रूम और वॉशरूम की उपलब्धता सुनिश्चित करें।