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Karnal News: संसाधन बढ़े मगर परीक्षा परिणाम और छात्र संख्या घटी
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- नौ पीएमश्री और छह मॉडल संस्कृति स्कूल मिले, 11 विद्यालय हुए अपग्रेड, चार फीसदी तक घटा बोर्ड परिणाम
- इग्नू के पांच नए कोर्स आए, कॉलेजों में लागू हुई नई शिक्षा नीति, आईटीआई की कई ट्रेड दाखिले से वंचित
गगन तलवार
करनाल। वर्ष 2023 शिक्षा के क्षेत्र में जिले के लिए पिछले वर्षों से खास रहा। जिले को नए संसाधन तो मिले, लेकिन परीक्षा परिणाम और छात्र संख्या पहले के मुकाबले गिरी है। फिर चाहे यह स्कूली शिक्षा की बात हो या कॉलेज और आईटीआई की। बोर्ड का परीक्षा परिणाम तो चार फीसदी तक गिरा। जबकि कॉलेजों में 10 से 15 प्रतिशत सीट और विभिन्न आईटीआई में कई ट्रेड दाखिले से वंचित ही रह गई।
संसाधनों की बात करें तो स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में जिले के इस वर्ष नौ पीएमश्री स्कूल, छह मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मिले। इसके अलावा 11 विद्यालय भी अपग्रेड होकर सीनियर सेकंडरी हुए। वहीं निशुल्क कोचिंग के लिए तीन बुनियाद केंद्र भी खोले गए। इसके अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा व्यवस्था में देखें तो इग्नू में पांच नए कोर्स संचालित हुए। शहर के अलग-अलग कॉलेजों में भी यूजी और पीजी के तीन नए कोर्स आए। इसके अलावा जिले के कॉलेजों में पहली बार नई शिक्षा नीति लागू की गई है। ऐसे में कॉलेज विद्यार्थी नए तरीके से पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि दाखिले के समय व्यवस्था परिवर्तन होने के कारण उन्हें परेशानी जरूर हुई थी। ब्यूरो
हर स्कूल में पहुंचे ड्यूल डेस्क
प्रदेश के विद्यार्थी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई न करें, इसके लिए विद्यालयों में ड्यूल डेस्क दिए गए। इसकी शुरुआत प्रदेश में इसी वर्ष करनाल खंड से हुई। अब जिले के सभी छह खंडों के विद्यालयों में ड्यूल डेस्क पहुंचाए गए हैं। ऐसे में कहीं भी विद्यार्थी अब जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करते। इसके अलावा कई कंडम स्कूलों के कमरे भी नए बनाए गए।
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12वीं का 4.12 और 10वीं का 3.19 फीसदी गिरा परिणाम
- कक्षा 12वीं : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 2023 में पिछले चार वर्षों के मुकाबले गिरा। 2022 के 87.62 प्रतिशत परीक्षा परिणाम के आधार पर इस बार जिले को 92 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने का लक्ष्य दिया था। मगर करनाल जिले के विद्यार्थी 83.50 प्रतिशत परिणाम ही ला पाए। यानी 4.12 फीसदी घटा। जोकि 2019 के बाद से अब तक का सबसे कम है।
- कक्षा 10वीं : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम को 2022 से 12.52 प्रतिशत बढ़ाकर 80 फीसदी लाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन 2023 में परीक्षा परिणाम 3.19 फीसदी घट गया। 2022 में 67.48 प्रतिशत रिजल्ट रहा था। जबकि 2023 में घटकर 64.29 प्रतिशत हो गया।
जिले को यह मिला
- पीएमश्री बने : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुंडला, कुटेल, गढ़ीबीरबल, रेलवे रोड करनाल, कुंजपुरा, मूनक, नीलोखेड़ी, सांभली और असंध।
- मॉडल संस्कृति : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चोचड़ा, कोहंड, इंद्री, काछवा, सग्गा, कतलाहेड़ी स्कूल मॉडल संस्कृति बना।
- बुनियाद केंद्र : जेईई और नीट की निशुल्क कोचिंग के लिए चल रहे केंद्रों की संख्या बढ़ी। जिले में केवल राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल मॉडल टाउन और राजकीय स्कूल असंध में ही बुनियाद का केंद्र चल रहा था। अब तीन नए केंद्र बने। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंद्री, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नीलोखेड़ी और घरौंडा के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल शामिल है।
- स्कूल अपग्रेड : प्रदेश के 113 स्कूलों की सूची में जिले में 11 स्कूल अपग्रेड हुए। इनमें सर्वाधिक तीन स्कूल घरौंडा खंड के हैं। जबकि इंद्री, नीलोखेड़ी और करनाल खंड के दो-दो स्कूलों को लिया गया। असंध और निसिंग खंड का एक-एक हाई स्कूल अपग्रेड हुआ।
नए भवन की आस में कॉलेज
जिले के तीन महिला कॉलेजों के नए भवन मिलने की आस इस वर्ष भी अधूरी रह गई। ग्रामीण क्षेत्र में तरावड़ी सहित अन्य कॉलेजों के भवन का निर्माण इस वर्ष भी अटका रहा। वहीं राजकीय महिला महाविद्यालय के पीजी ब्लॉक और बहुउद्देशीय सभागार की सौगात मिली है। इसका निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। 2024 में यह विद्यार्थियों को समर्पित हो जाएगा।
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- इग्नू के पांच नए कोर्स आए, कॉलेजों में लागू हुई नई शिक्षा नीति, आईटीआई की कई ट्रेड दाखिले से वंचित
गगन तलवार
करनाल। वर्ष 2023 शिक्षा के क्षेत्र में जिले के लिए पिछले वर्षों से खास रहा। जिले को नए संसाधन तो मिले, लेकिन परीक्षा परिणाम और छात्र संख्या पहले के मुकाबले गिरी है। फिर चाहे यह स्कूली शिक्षा की बात हो या कॉलेज और आईटीआई की। बोर्ड का परीक्षा परिणाम तो चार फीसदी तक गिरा। जबकि कॉलेजों में 10 से 15 प्रतिशत सीट और विभिन्न आईटीआई में कई ट्रेड दाखिले से वंचित ही रह गई।
संसाधनों की बात करें तो स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में जिले के इस वर्ष नौ पीएमश्री स्कूल, छह मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मिले। इसके अलावा 11 विद्यालय भी अपग्रेड होकर सीनियर सेकंडरी हुए। वहीं निशुल्क कोचिंग के लिए तीन बुनियाद केंद्र भी खोले गए। इसके अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा व्यवस्था में देखें तो इग्नू में पांच नए कोर्स संचालित हुए। शहर के अलग-अलग कॉलेजों में भी यूजी और पीजी के तीन नए कोर्स आए। इसके अलावा जिले के कॉलेजों में पहली बार नई शिक्षा नीति लागू की गई है। ऐसे में कॉलेज विद्यार्थी नए तरीके से पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि दाखिले के समय व्यवस्था परिवर्तन होने के कारण उन्हें परेशानी जरूर हुई थी। ब्यूरो
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हर स्कूल में पहुंचे ड्यूल डेस्क
प्रदेश के विद्यार्थी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई न करें, इसके लिए विद्यालयों में ड्यूल डेस्क दिए गए। इसकी शुरुआत प्रदेश में इसी वर्ष करनाल खंड से हुई। अब जिले के सभी छह खंडों के विद्यालयों में ड्यूल डेस्क पहुंचाए गए हैं। ऐसे में कहीं भी विद्यार्थी अब जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करते। इसके अलावा कई कंडम स्कूलों के कमरे भी नए बनाए गए।
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12वीं का 4.12 और 10वीं का 3.19 फीसदी गिरा परिणाम
- कक्षा 12वीं : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 2023 में पिछले चार वर्षों के मुकाबले गिरा। 2022 के 87.62 प्रतिशत परीक्षा परिणाम के आधार पर इस बार जिले को 92 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने का लक्ष्य दिया था। मगर करनाल जिले के विद्यार्थी 83.50 प्रतिशत परिणाम ही ला पाए। यानी 4.12 फीसदी घटा। जोकि 2019 के बाद से अब तक का सबसे कम है।
- कक्षा 10वीं : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम को 2022 से 12.52 प्रतिशत बढ़ाकर 80 फीसदी लाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन 2023 में परीक्षा परिणाम 3.19 फीसदी घट गया। 2022 में 67.48 प्रतिशत रिजल्ट रहा था। जबकि 2023 में घटकर 64.29 प्रतिशत हो गया।
जिले को यह मिला
- पीएमश्री बने : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुंडला, कुटेल, गढ़ीबीरबल, रेलवे रोड करनाल, कुंजपुरा, मूनक, नीलोखेड़ी, सांभली और असंध।
- मॉडल संस्कृति : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चोचड़ा, कोहंड, इंद्री, काछवा, सग्गा, कतलाहेड़ी स्कूल मॉडल संस्कृति बना।
- बुनियाद केंद्र : जेईई और नीट की निशुल्क कोचिंग के लिए चल रहे केंद्रों की संख्या बढ़ी। जिले में केवल राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल मॉडल टाउन और राजकीय स्कूल असंध में ही बुनियाद का केंद्र चल रहा था। अब तीन नए केंद्र बने। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंद्री, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नीलोखेड़ी और घरौंडा के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल शामिल है।
- स्कूल अपग्रेड : प्रदेश के 113 स्कूलों की सूची में जिले में 11 स्कूल अपग्रेड हुए। इनमें सर्वाधिक तीन स्कूल घरौंडा खंड के हैं। जबकि इंद्री, नीलोखेड़ी और करनाल खंड के दो-दो स्कूलों को लिया गया। असंध और निसिंग खंड का एक-एक हाई स्कूल अपग्रेड हुआ।
नए भवन की आस में कॉलेज
जिले के तीन महिला कॉलेजों के नए भवन मिलने की आस इस वर्ष भी अधूरी रह गई। ग्रामीण क्षेत्र में तरावड़ी सहित अन्य कॉलेजों के भवन का निर्माण इस वर्ष भी अटका रहा। वहीं राजकीय महिला महाविद्यालय के पीजी ब्लॉक और बहुउद्देशीय सभागार की सौगात मिली है। इसका निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। 2024 में यह विद्यार्थियों को समर्पित हो जाएगा।