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शोध कार्य देशहित से जुड़े, लक्ष्य पाने को तेजी से कार्य करें वैज्ञानिक : डॉ. धीर सिंह
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शोध कार्य देशहित से जुड़े, लक्ष्य पाने को तेजी से कार्य करें वैज्ञानिक : डॉ. धीर सिंह
- फोटो : शोध कार्य देशहित से जुड़े, लक्ष्य पाने को तेजी से कार्य करें वैज्ञानिक : डॉ. धीर सिंह
एनडीआरआई ने मनाया 103वां स्थापना दिवस, 1500 पौधे किए रोपित
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) का मंगलवार को 103वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर 1500 पौधों को रोपित किया गया। साथ ही शाम को बच्चों के बीच चुनौतियां और उपलब्धियों पर क्विंज प्रतियोगिता भी कराई गई। इस मौके पर निदेशक डॉ.धीर सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए कहा कि वैज्ञानिकों को सबकुछ भूल कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करना चाहिए, क्योंकि उनके शोध सीधे देशहित से जुड़े हैं।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ.धीर सिंह ने कहा कि संस्थान की उत्पत्ति 1923 में बैंगलुरू में हुई। इसे इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हसबैंड्री एंड डेयरीइंग के नाम से स्थापित किया गया। जिसका नाम वर्ष 1936 में बदलकर इंपीरियल डेयरी इंस्टीट्यूट कर दिया गया और 1955 में इसे राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के रूप में करनाल में स्थानांतरित कर दिया गया। इस संस्थान की विरासत बहुत समृद्ध है। उन्होंने संस्थान के इतिहास, दृष्टि और उपलब्धियों का सम्मान करने के अवसर के रूप में स्थापना दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि वार्षिक उत्सव कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्रों के समर्पण को मान्यता देता है, साथ ही समुदाय को भविष्य में और अधिक उपलब्धियों के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने पशु जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने अग्रणी कार्यों के लिए वैश्विक मान्यता प्राप्त की है, जैसे कि प्रथम का जन्म, जो दुनिया का पहला आईवीएफ भैंस का बछड़ा है, पहला आईवीएफ बकरी का बच्चा, तथा दुनिया के पहले क्लोन भैंस के बछड़ों का विकास। संस्थान ने गुणवत्ता आश्वासन में भी उत्कृष्टता हासिल की है, दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय रेफरल केंद्र की स्थापना की है और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
संयुक्त निदेशक (अकादमिक) डॉ. आशीष कुमार सिंह और संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने कहा कि टीम वर्क और सीखने को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की समृद्ध विरासत और डेयरी विज्ञान एवं नवाचार में उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रतिबद्धता का जश्न मनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और प्रश्नोत्तरी आयोजित की गईं। कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने समारोह में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) का मंगलवार को 103वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर 1500 पौधों को रोपित किया गया। साथ ही शाम को बच्चों के बीच चुनौतियां और उपलब्धियों पर क्विंज प्रतियोगिता भी कराई गई। इस मौके पर निदेशक डॉ.धीर सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए कहा कि वैज्ञानिकों को सबकुछ भूल कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करना चाहिए, क्योंकि उनके शोध सीधे देशहित से जुड़े हैं।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ.धीर सिंह ने कहा कि संस्थान की उत्पत्ति 1923 में बैंगलुरू में हुई। इसे इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हसबैंड्री एंड डेयरीइंग के नाम से स्थापित किया गया। जिसका नाम वर्ष 1936 में बदलकर इंपीरियल डेयरी इंस्टीट्यूट कर दिया गया और 1955 में इसे राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के रूप में करनाल में स्थानांतरित कर दिया गया। इस संस्थान की विरासत बहुत समृद्ध है। उन्होंने संस्थान के इतिहास, दृष्टि और उपलब्धियों का सम्मान करने के अवसर के रूप में स्थापना दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि वार्षिक उत्सव कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्रों के समर्पण को मान्यता देता है, साथ ही समुदाय को भविष्य में और अधिक उपलब्धियों के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने पशु जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने अग्रणी कार्यों के लिए वैश्विक मान्यता प्राप्त की है, जैसे कि प्रथम का जन्म, जो दुनिया का पहला आईवीएफ भैंस का बछड़ा है, पहला आईवीएफ बकरी का बच्चा, तथा दुनिया के पहले क्लोन भैंस के बछड़ों का विकास। संस्थान ने गुणवत्ता आश्वासन में भी उत्कृष्टता हासिल की है, दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय रेफरल केंद्र की स्थापना की है और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं।
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संयुक्त निदेशक (अकादमिक) डॉ. आशीष कुमार सिंह और संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने कहा कि टीम वर्क और सीखने को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की समृद्ध विरासत और डेयरी विज्ञान एवं नवाचार में उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रतिबद्धता का जश्न मनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और प्रश्नोत्तरी आयोजित की गईं। कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने समारोह में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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