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Karnal News: मेडिकल कॉलेज से तीन माह का रिकॉर्ड तलब, डॉक्टर से मांगा जवाब
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मेडिकल कॉलेज से तीन माह का रिकॉर्ड तलब, डॉक्टर से मांगा जवाब
- बिना ठोस कारण के मरीज को रेफर किए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष नाराज
- विधायकों के साथ मेडिकल कॉलेज का विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने वीरवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के निदेशक व डॉक्टरों के साथ बैठक कर संस्थान की कार्यप्रणाली और कमियों की जानकारी ली। उन्होंने बिना ठोस कारण मरीजों को रेफर करने और रोगियों के प्रति डॉक्टरों के उपेक्षापूर्ण व्यवहार पर नाराजगी जताई और तीन महीने का संस्थान में पहुंचे और रेफर किए गए मरीजों का रिकॉर्ड तलब भी किया है।
वहीं, एक डॉक्टर से स्पष्टीकरण भी मांगा है। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वह संस्थान में उपलब्ध संसाधनों को बेहतर इस्तेमाल कर संस्थान को आगे बढ़ाएं और मरीजों को सुविधाएं दें व उनका इलाज करें। इस दौरान उनके साथ करनाल विधायक जगमोहन आनंद, असंध विधायक योगेंद्र राणा व डीसी भी मौजूद रहे।
बैठक में मेडिकल कॉलेज के निदेशक एमके गर्ग ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को संस्थान की कार्यप्रणाली, भावी योजनाओं और समस्याओं से अवगत कराया। कल्याण ने इस मौके पर कहा कि खाली पदों को भरने, नए उपकरण खरीदने, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, कानूनी सहायता प्रदान करने आदि ऐसे विषय हैं जिन पर नीतिगत फैसला राज्य सरकार को लेना है।
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बेवजह मरीज को रेफर न करें
कल्याण ने मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध बड़ी मशीनों/उपकरणों का कितना इस्तेमाल हो रहा है इसकी जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उन्हें बेवजह मरीज को रेफर करने की शिकायत करते हैं। बिना ठोस कारण के मरीज को रेफर नहीं किया जाना चाहिए। इस समय यह एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को आपात स्थिति में पहुंचे मरीज और रेफर किए जाने तक की अवधि में किए गए उपचार के ब्योरे का उल्लेख भी करना चाहिए।
नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
स्पीकर ने संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए ताकि बेहतर संपर्क स्थापित हो सके। विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि अक्सर डाॅक्टर उनके फोन नहीं उठाते। इस पर स्पीकर ने निदेशक को यह सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में नोडल अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन जरूर उठाएं। बैठक के बाद स्पीकर व दोनों विधायक कैजुअल्टी वार्ड पहुंचे और मरीजों से बातचीत की। वार्ड में दाखिल रेखा (सालवन) ने बताया कि वह कल रात अस्पताल पहुंची। डाॅक्टर ने आज उन्हें रेफर करने को कह दिया। इस पर स्पीकर ने निदेशक को वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। मरीज गजानंद शर्मा की शिकायत पर उन्हें भी वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पानीपत का हर्षित नामक मरीज अपने नाना के साथ अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। मरीज के नाना ने स्पीकर से कहा कि यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही। डॉक्टर ने रेफर करने के लिए कह दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने डॉक्टर अरुण का स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश संस्थान निदेशक को दिए।
इंजीनियरिंग विंग व नए उपकरणों की मांग
निदेशक ने स्पीकर से डॉक्टरों की कमी पूरी करने के साथ-साथ नए चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने व इंजीनियरिंग विंग की स्थापना की भी मांग की। उन्होंने कहा कि विंग स्थापित होने से बिजली-पानी जैसी समस्याओं का आसानी से निपटारा हो सकेगा। इस समय इन कार्यों का बोझ भी उन पर है। उन्होंने स्पीकर को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने का भरोसा स्पीकर को दिलाया।
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- विधायकों के साथ मेडिकल कॉलेज का विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने वीरवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के निदेशक व डॉक्टरों के साथ बैठक कर संस्थान की कार्यप्रणाली और कमियों की जानकारी ली। उन्होंने बिना ठोस कारण मरीजों को रेफर करने और रोगियों के प्रति डॉक्टरों के उपेक्षापूर्ण व्यवहार पर नाराजगी जताई और तीन महीने का संस्थान में पहुंचे और रेफर किए गए मरीजों का रिकॉर्ड तलब भी किया है।
वहीं, एक डॉक्टर से स्पष्टीकरण भी मांगा है। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वह संस्थान में उपलब्ध संसाधनों को बेहतर इस्तेमाल कर संस्थान को आगे बढ़ाएं और मरीजों को सुविधाएं दें व उनका इलाज करें। इस दौरान उनके साथ करनाल विधायक जगमोहन आनंद, असंध विधायक योगेंद्र राणा व डीसी भी मौजूद रहे।
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बैठक में मेडिकल कॉलेज के निदेशक एमके गर्ग ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को संस्थान की कार्यप्रणाली, भावी योजनाओं और समस्याओं से अवगत कराया। कल्याण ने इस मौके पर कहा कि खाली पदों को भरने, नए उपकरण खरीदने, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, कानूनी सहायता प्रदान करने आदि ऐसे विषय हैं जिन पर नीतिगत फैसला राज्य सरकार को लेना है।
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बेवजह मरीज को रेफर न करें
कल्याण ने मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध बड़ी मशीनों/उपकरणों का कितना इस्तेमाल हो रहा है इसकी जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उन्हें बेवजह मरीज को रेफर करने की शिकायत करते हैं। बिना ठोस कारण के मरीज को रेफर नहीं किया जाना चाहिए। इस समय यह एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को आपात स्थिति में पहुंचे मरीज और रेफर किए जाने तक की अवधि में किए गए उपचार के ब्योरे का उल्लेख भी करना चाहिए।
नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
स्पीकर ने संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए ताकि बेहतर संपर्क स्थापित हो सके। विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि अक्सर डाॅक्टर उनके फोन नहीं उठाते। इस पर स्पीकर ने निदेशक को यह सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में नोडल अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन जरूर उठाएं। बैठक के बाद स्पीकर व दोनों विधायक कैजुअल्टी वार्ड पहुंचे और मरीजों से बातचीत की। वार्ड में दाखिल रेखा (सालवन) ने बताया कि वह कल रात अस्पताल पहुंची। डाॅक्टर ने आज उन्हें रेफर करने को कह दिया। इस पर स्पीकर ने निदेशक को वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। मरीज गजानंद शर्मा की शिकायत पर उन्हें भी वार्ड में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पानीपत का हर्षित नामक मरीज अपने नाना के साथ अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। मरीज के नाना ने स्पीकर से कहा कि यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही। डॉक्टर ने रेफर करने के लिए कह दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने डॉक्टर अरुण का स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश संस्थान निदेशक को दिए।
इंजीनियरिंग विंग व नए उपकरणों की मांग
निदेशक ने स्पीकर से डॉक्टरों की कमी पूरी करने के साथ-साथ नए चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने व इंजीनियरिंग विंग की स्थापना की भी मांग की। उन्होंने कहा कि विंग स्थापित होने से बिजली-पानी जैसी समस्याओं का आसानी से निपटारा हो सकेगा। इस समय इन कार्यों का बोझ भी उन पर है। उन्होंने स्पीकर को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने का भरोसा स्पीकर को दिलाया।