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Karnal News: हरियाणवी तकनीक से लहसुन प्याज का भंडारण करेगा राजस्थान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Dec 2023 02:42 AM IST
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Rajasthan will store garlic and onion using Haryanvi technology
करनाल। राजस्थान सरकार अब हरियाणा की तकनीक पर लहसुन और प्याज भंडारण करेगी। जिससे किसानों को घाटे से बचाने के साथ खुद भी हानि से बच सके। इससे खराब हो जाने वाली करोड़ों की फसल की भी सुरक्षा हो सकेगी। इसके लिए राजस्थान सरकार के कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ अधिकारियों का एक दल करनाल के राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, क्षेत्रीय केंद्र (एनएचआरडीएफ) सलारू पहुंचा। यहां पर केंद्र प्रभारी बीके दुबे ने राजस्थानी अधिकारियों को लहसुन के भंडारण तकनीक की जानकारी दी और भंडार गृहों को दिखाया।
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जानकारी के अनुसार राजस्थान में प्याज से ज्यादा लहसुन की पैदावार को संभालने की दिक्कत होती है। जब मौसम के प्रभाव से फसल खराब हो जाती है या फिर सीजन खत्म होने के बाद बाजार में लहसुन की आवक कम होने लगती है तो इसके भाव आसमान छूने लगते हैं। कमोवेश यही स्थिति प्याज की भी रहती है। राजस्थान सरकार अभी लहसुन या प्याज को एमएसपी पर नहीं खरीदती है लेकिन किसानों को नुकसान से बचाने के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) चलाती है। उदाहरण के तौर लहसुन का लागत मूल्य यदि 30 रुपये है और फसल की अधिकता के कारण बाजार में भाव सिर्फ 10 रुपये रह गया। ऐसे में इस योजना के तहत सरकार किसानों को न्यूनतम लागत मूल्य देने के लिए उनकी फसल खरीदती है। अब सरकार के सामने समस्या ये है, जो फसल खरीदी है, इसका किया क्या जाए, क्योंकि भंडारण की सुविधा नहीं है। इसके कारण जब फसल खराब हो जाती है तो सरकार को भारी नुकसान होता है।
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इस समस्या का समाधान तलाशने के लिए राजस्थान सरकार अब लहसुन प्याज के भंडार गृह बनाने पर विचार कर रही है, जिससे सीजन के समय खरीदी गई फसल को भंडार में रखा जा सके। वहीं जब सीजन निकल जाए, भाव बढ़ने लगें तो भंडारित फसल को बाजार में उतार कर भावों की नियंत्रित किया जा सके। एनएचआरडीएफ, क्षेत्रीय केंद्र सलारू (करनाल) में लहसुन व प्याज पर शोध के साथ साथ भंडारण तकनीक पर भी कार्य होता है, यहां खास तकनीक पर आधारित बड़े भंडारण गृह बने हैं, जिनमें छह से आठ माह तक लहसुन प्याज की फसल का भंडार किया जा सकता है। सलारू की इस व्यवस्था को देखने राजस्थान सरकार की ओर से संयुक्त निदेशक (उद्यान) राजस्थान हिम्मत सिंह शेखावत, संयुक्त निदेशक (मार्केटिंग बोर्ड) राजस्थान संजय कुमार व्यास, उपनिदेशक (भंडारण) जयपुर योगेश कुमार वर्मा और एनएचआरडीएफ कोटा के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एवं केंद्राध्यक्ष डॉ.एके मिश्रा की टीम वीरवार को करनाल पहुंची। यहां पर राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, क्षेत्रीय केंद्र सलारू के केंद्र प्रभारी बीके दुबे ने राजस्थानी अफसरों को भंडारण तकनीक के बार में जानकारी दी और भंडार गृहों को दिखाया।
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