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पानी की निकासी न होने से भड़के ग्रामीण
करनाल
Updated Sat, 19 Apr 2014 12:30 AM IST
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गांव बरसत में पानी की निकासी न होने के कारण गुस्साए ग्रामीणों ने
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बरसत-घरौंडा मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक रास्ता
रोककर सरपंच व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। गलियों में पानी भरा होने के कारण तालाब की सफाई न होना बताया जा रहा है। शुक्रवार को गांव बरसत के सैकड़ों ग्रामीणों ने बरसत घरौंडा-मार्ग के बीचोंबीच ट्रैक्टर-ट्राली व बुगियां खड़ी कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। ग्रामीण जय भगवान, चतर सिंह, पालाराम, जसबीर सिंह, चिरंजीलाल, ईश्वर सिंह, धनराज आदि ने बताया कि उनकी गलियों में पूरी तरह से पानी भर गया है।
गलियों में पानी ओवरफ्लो होकर उनके घराें तक पहुंच गया है। गंदा पानी गलियों व घरों में जाने के कारण गांव के अधिकांश क्षेत्र में बीमारियां फैल गई है। पिछले करीब पंद्रह दिन से गलियों में पानी भरा होने के कारण उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है और बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे। अगर किसी कार्य के लिए उन्हें घर से निकलना भी पड़ता है तो गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
इस संबंध में कई बार बीडीपीओ व गांव के सरपंच से लिखित शिकायत कर दी है, लेकिन गांव के सरपंच पानी निकासी की बात न कहकर उन्हें अपने मकानों को ऊंचे उठाने की नसीहत दे रहे हैं। समस्या का समाधान न होते देख मजबूरन उन्होंने सड़क जाम करनी पड़ी है और वे पिछले तीन घंटे से महिला, बच्चों व बुजुर्गों के साथ सड़क पर डटे हैं, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा।
करीब तीन घंटे के बाद थाना प्रभारी गुरविंद्र सिंह, तहसीलदार निर्मल दहिया, बीडीपीओ कार्यालय के एसडीओ केजी गोयल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को सुना। ग्रामीणों ने बताया कि गलियों में पानी भरने का मुख्य कारण गांव में सफाई की समुचित व्यवस्था व पिछले काफी समय से पुंडरी रोड पर बने तालाब की सफाई न होना है। तालाब के ओवरफ्लो होने के कारण इसका पानी सड़कों के रास्ते गलियों में भर गया है। अगर गांव के सरपंच से इस समस्या के बारे में बात की जाती है तो वे अभद्र व्यवहार करता है।
गांव की सरपंच के पति सूरज दुरेजा ने बताया कि कई लोगों ने जोहड़ के चारों ओर कब्जे किए हैं। इस कारण जोहड़ की सफाई नहीं हो पाती और तालाब में भारी दलदल होने के कारण मनरेगा मजदूरों से इसमें कार्य नहीं करवाया जा सकता। मशीनों द्वारा ही तालाब की सफाई हो सकती है। इसके लिए पंचायत द्वारा संबंधित अधिकारी को कई बार लिखा जा चुका है, लेकिन विभाग भी लापरवाही बरत रहा है।
विभाग के एसडीओ केजी गोयल ने बताया कि जोहड़ में पानी की निकासी के लिए नाला बनाया जाएगा। इसके लिए पंचायत को 10 लाख रुपये की राशि मुहैया करवा दी गई है। आचार संहिता समाप्त होते ही नाले का कार्य शुरू हो जाएगा और पानी की समस्या का हल करवा दिया जाएगा। उधर, थाना प्रभारी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि बरसत रोड पर पानी निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या सुनी और जाम खुलवाया गया है। जेसीबी द्वारा जोहड़ की खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। गलियों में पानी भरा होने के कारण तालाब की सफाई न होना बताया जा रहा है। शुक्रवार को गांव बरसत के सैकड़ों ग्रामीणों ने बरसत घरौंडा-मार्ग के बीचोंबीच ट्रैक्टर-ट्राली व बुगियां खड़ी कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। ग्रामीण जय भगवान, चतर सिंह, पालाराम, जसबीर सिंह, चिरंजीलाल, ईश्वर सिंह, धनराज आदि ने बताया कि उनकी गलियों में पूरी तरह से पानी भर गया है।
गलियों में पानी ओवरफ्लो होकर उनके घराें तक पहुंच गया है। गंदा पानी गलियों व घरों में जाने के कारण गांव के अधिकांश क्षेत्र में बीमारियां फैल गई है। पिछले करीब पंद्रह दिन से गलियों में पानी भरा होने के कारण उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है और बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे। अगर किसी कार्य के लिए उन्हें घर से निकलना भी पड़ता है तो गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
इस संबंध में कई बार बीडीपीओ व गांव के सरपंच से लिखित शिकायत कर दी है, लेकिन गांव के सरपंच पानी निकासी की बात न कहकर उन्हें अपने मकानों को ऊंचे उठाने की नसीहत दे रहे हैं। समस्या का समाधान न होते देख मजबूरन उन्होंने सड़क जाम करनी पड़ी है और वे पिछले तीन घंटे से महिला, बच्चों व बुजुर्गों के साथ सड़क पर डटे हैं, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा।
करीब तीन घंटे के बाद थाना प्रभारी गुरविंद्र सिंह, तहसीलदार निर्मल दहिया, बीडीपीओ कार्यालय के एसडीओ केजी गोयल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को सुना। ग्रामीणों ने बताया कि गलियों में पानी भरने का मुख्य कारण गांव में सफाई की समुचित व्यवस्था व पिछले काफी समय से पुंडरी रोड पर बने तालाब की सफाई न होना है। तालाब के ओवरफ्लो होने के कारण इसका पानी सड़कों के रास्ते गलियों में भर गया है। अगर गांव के सरपंच से इस समस्या के बारे में बात की जाती है तो वे अभद्र व्यवहार करता है।
गांव की सरपंच के पति सूरज दुरेजा ने बताया कि कई लोगों ने जोहड़ के चारों ओर कब्जे किए हैं। इस कारण जोहड़ की सफाई नहीं हो पाती और तालाब में भारी दलदल होने के कारण मनरेगा मजदूरों से इसमें कार्य नहीं करवाया जा सकता। मशीनों द्वारा ही तालाब की सफाई हो सकती है। इसके लिए पंचायत द्वारा संबंधित अधिकारी को कई बार लिखा जा चुका है, लेकिन विभाग भी लापरवाही बरत रहा है।
विभाग के एसडीओ केजी गोयल ने बताया कि जोहड़ में पानी की निकासी के लिए नाला बनाया जाएगा। इसके लिए पंचायत को 10 लाख रुपये की राशि मुहैया करवा दी गई है। आचार संहिता समाप्त होते ही नाले का कार्य शुरू हो जाएगा और पानी की समस्या का हल करवा दिया जाएगा। उधर, थाना प्रभारी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि बरसत रोड पर पानी निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या सुनी और जाम खुलवाया गया है। जेसीबी द्वारा जोहड़ की खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है।