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संपत्तिधारकों को पंजीकरण के झंझट से मिलेगी मुक्ति : सुभाष सुधा
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तरावड़ी। निकायों में संपत्तियों के पंजीकरण करवाने के झंझट से संपत्तिधारकों को मुक्ति मिलेगी। सरकार की ओर से ऐसी व्यवस्था करने जा रही है, जिसमें शहरी क्षेत्र में प्लॉट की रजिस्ट्री होने के बाद भू-मालिकों को उसे पंजीकरण करवाने के लिए निकायों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे बल्कि घर बैठे ही एचएसवीपी और एचएसएआईआईडीसी की तर्ज पर तहसील में किसी प्रकार की संपत्ति की रजिस्ट्री होने पर सीधा विवरण निकायों के पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा। निकायों में खाली पड़े प्लॉटों को बेचने का रास्ता भी साफ हो गया है। ये जानकारी राज्य के शहरी स्थानीय निकाय राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने तरावड़ी नगर पालिका के निरीक्षण के दौरान दी। स्थानीय शहरी निकाय मंत्री ने शुक्रवार को अचानक तरावड़ी नगर पालिका का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होेंने हर कक्ष का अवलोकन, सफाई व्यवस्था और संपत्ति कर के आंकड़ों का मूल्यांकन किया। इस दौरान कई कर्मचारी अपनी सीट से गायब मिले।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगमों में लोगों के बिना वजह चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यहां कार्य करवाने के लिए पहुंचे लोगों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। सुभाष सुधा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था के लिए शेड्यूल तैयार किया जाए और उसी के अनुसार अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि शहरों में कृषि भूमि को एनडीसी के दायरे से बाहर किया गया है साथ ही निकायों में खाली पड़े प्लॉटों को बेचने का रास्ता भी साफ हो गया है। स्थानीय शहरी क्षेत्र में सबसे बड़े लाल डोरा संपत्ति का भी हल निकाला है। अब लाल डोरा भू-मालिक को स्वयं सत्यापित शपथ पत्र देना होगा, जिससे उन्हें संपत्ति बेचने का अधिकार मिल जाएगा। इस तरह की छह लाख 85 हजार संपत्तिधारकों को लाभ मिलेगा। प्लाटों को भू-खंडों में बेचने की सौगात दी गई है। इस मौके पर नगर पालिका के अध्यक्ष वीरेंद्र बसंल, पार्षद नरेश गाबा, राजीव नारंग, देवेंद्र कुमार, नपा सचिव अजीत सहित अन्य अधिकारी व पार्षद मौजूद थे।
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शीघ्र ही 741 अवैध कॉलोनियां होंगी नियमित
- शहरी स्थानीय निकाय राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने बताया कि हाल में ही 741 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय भी लिया है और 433 अवैध कालोनियों को लेकर 30 जून तक रिपोर्ट मांगी है। राज्य मंत्री ने कहा कि आपत्ति लगने के चलते राशि नहीं जमा करा पाने वाले भू मालिकों को भी बड़ी सौगात दी है, एक लाख 17 हजार 705 संपत्तियों पर आपत्ति होने के चलते लोग राशि जमा नहीं करा पा रहे थे, अब उन्हें राशि जमा कराने की सुविधा दी गई है। सरकार ने अब शहरों में संपत्ति आईडी की खामियों को दुरूस्त करने के लिए विशेष शिविर लगाने के आदेश दिए हैं ताकि आगामी एक सप्ताह के भीतर सभी संपत्ति आईडी की त्रुटियों को ठीक किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगमों में लोगों के बिना वजह चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यहां कार्य करवाने के लिए पहुंचे लोगों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। सुभाष सुधा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था के लिए शेड्यूल तैयार किया जाए और उसी के अनुसार अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए।
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उन्होंने कहा कि शहरों में कृषि भूमि को एनडीसी के दायरे से बाहर किया गया है साथ ही निकायों में खाली पड़े प्लॉटों को बेचने का रास्ता भी साफ हो गया है। स्थानीय शहरी क्षेत्र में सबसे बड़े लाल डोरा संपत्ति का भी हल निकाला है। अब लाल डोरा भू-मालिक को स्वयं सत्यापित शपथ पत्र देना होगा, जिससे उन्हें संपत्ति बेचने का अधिकार मिल जाएगा। इस तरह की छह लाख 85 हजार संपत्तिधारकों को लाभ मिलेगा। प्लाटों को भू-खंडों में बेचने की सौगात दी गई है। इस मौके पर नगर पालिका के अध्यक्ष वीरेंद्र बसंल, पार्षद नरेश गाबा, राजीव नारंग, देवेंद्र कुमार, नपा सचिव अजीत सहित अन्य अधिकारी व पार्षद मौजूद थे।
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शीघ्र ही 741 अवैध कॉलोनियां होंगी नियमित
- शहरी स्थानीय निकाय राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने बताया कि हाल में ही 741 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय भी लिया है और 433 अवैध कालोनियों को लेकर 30 जून तक रिपोर्ट मांगी है। राज्य मंत्री ने कहा कि आपत्ति लगने के चलते राशि नहीं जमा करा पाने वाले भू मालिकों को भी बड़ी सौगात दी है, एक लाख 17 हजार 705 संपत्तियों पर आपत्ति होने के चलते लोग राशि जमा नहीं करा पा रहे थे, अब उन्हें राशि जमा कराने की सुविधा दी गई है। सरकार ने अब शहरों में संपत्ति आईडी की खामियों को दुरूस्त करने के लिए विशेष शिविर लगाने के आदेश दिए हैं ताकि आगामी एक सप्ताह के भीतर सभी संपत्ति आईडी की त्रुटियों को ठीक किया जा सके।