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निपुण कार्यक्रम ने बदली शिक्षा की तस्वीर : कंवरपाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jun 2023 02:29 AM IST
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Proficient program has changed the picture of education: Kanwarpal
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। निपुण हरियाणा कार्यक्रम से न केवल शिक्षा स्तर बढ़ा बल्कि विद्यार्थियों को जो पढ़ाई का बोझ लगती थी, वह अब नहीं है। अब विद्यार्थी खेल-खेल में रचनात्मक तरीके से पढ़ाई कर रहे हैं। जिससे उनके भविष्य की नींव भी मजबूत होगी और उन्हें सही ज्ञान मिलने से सही दिशा भी मिलेगी। यह कहना है शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर का।

शिक्षा विभाग की ओर से वीरवार को करनाल के डॉ. मंगलसेन सभागार में निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत प्रदेश स्तरीय जनभागीदारी सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस दौरान निपुण कार्यक्रम के तहत बेहतर कार्य करने वाले व विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता रहे विद्यार्थियों सहित कुल 515 लोगों को शिक्षा मंत्री ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ बच्चे बड़ी कक्षाओं में चले जाते हैं लेकिन उन्हें पढ़ने में दिक्कत आती है। जो ज्ञान पहली से पांचवीं कक्षा में ग्रहण कर लेना चाहिए था, वह बच्चे अर्जित नहीं कर पाते। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति के तहत भारत सरकार ने निपुण भारत कार्यक्रम चलाया है। इसके अंतर्गत गणित व हिंदी विषय पर जोर दिया गया है और खेल-खेल में बच्चों को सिखाने पर जोर दिया जा रहा है।
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हरियाणा ने इस निपुण कार्यक्रम में अंग्रेजी विषय को भी जोड़ा है। इसके तहत शिक्षक नए-नए रचनात्मक तरीकों से बच्चों को गणित, अंग्रेजी और हिंदी का ज्ञान देने पर जोर दे रहे हैं। इस पहल के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा के निदेशक डॉ. अंशज सिंह भी विशेष रूप से पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी ने की। वहीं सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, एफएलएन समन्वयक आदि मौजूद रहे।

बच्चों ने सुनाया आधे, पौने और सवा का पहाड़ा

कार्यक्रम के दौरान निपुण के तहत दिए गए प्रशिक्षण पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस दौरान शिक्षकों की ओर से पढ़ाई को रचनात्मक बनाने संबंधित कई मॉडल भी प्रदर्शित किए। इसके अलावा अलग-अलग स्टॉल पर खड़े बच्चों और शिक्षकों ने बड़ी आसानी से आधा, पौने और सवा का पहाड़ा भी सुनाया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यही निपुण का लक्ष्य है। पहले बच्चे 20 तक का पहाड़ा ही सुना पाते थे। 50 से 60 तक सरल के अलावा आधा और पौने के पहाड़े भी बच्चों को याद होने लगे हैं।
शिक्षकों को पता हो हमें सिखाना क्या है : अंशज सिंह

माध्यमिक शिक्षा के निदेशक डॉ. अंशज सिंह ने कहा कि निपुण हरियाणा योजना पिछले वर्ष शुरू की गई थी। इसके बेहतर परिणाम आने शुरू हो रहे हैं। आज शिक्षकों को यह पता होना चाहिए कि हमें बच्चों को क्या सिखाना है और कैसे सिखाना है। इससे वह बेहतर तरीके से कार्य कर पाएंगे। बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को रूचिकर तरीकों से विकसित करते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करना मौजूदा समय की जरूरत है।



नई शिक्षा नीति पर भी की चर्चा

कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति 2020 और निपुण हरियाणा कार्यक्रम को बेहतर करने के दृष्टिगत शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों के पैनल द्वारा ग्रुप डिस्कशन का आयोजन किया गया और बच्चों के लर्निंग लेवल को बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने सुझाव रखें। कार्यक्रम में मिशन निपुण हरियाणा के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और बेहतर लर्निंग करने वाले पहली कक्षा से तीसरी कक्षा तक के बच्चों को सम्मानित किया गया।




इनका किया गया सम्मान

कार्यक्रम में निपुण हरियाणा की गतिविधियों में बेहतर कार्य करने वाले 515 शिक्षकों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इनमें सभी जिला एफएलएन समन्वयक, स्टार टीचर, स्टार मेंटर, पहाड़े प्रतियोगिता के विजेता शिक्षक और विद्यार्थी, बाल गीत प्रतियोगिता के विजेता शिक्षक और बच्चे, टीएलएम प्रदर्शनी के विजेता, प्रिंट रिच प्रतियोगिता के विजेता, निपुण कॉमिक, निपुण रागिनी, निपुण रामलीला और टीएलएम रचनात्मक गतिविधियों के विजेता सम्मानित हुए।
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