फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Problem of abortion increased due to chromosomal abnormalities

Karnal News: क्रोमोसोमल असामान्यताओं से बढ़ी गर्भपात की समस्या

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
Problem of abortion increased due to chromosomal abnormalities
करनाल। विवाह के बाद मां बनने की चाह रखने वाली नवविवाहिताओं में गर्भपात की समस्या बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल की गायनी ओपीडी में पहुंच रहीं मरीजों में से इनकी संख्या 33 प्रतिशत है। बार-बार गर्भपात होने के कारण नवविवाहिताएं मानसिक रूप से भी परेशान हो रही हैं। नागरिक अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजु गर्ग ने बताया कि गर्भपात होने पर महिलाएं मानसिक और शारीरिक समस्या से जूझती हैं। उन्होंने बताया कि गर्भपात होने का मुख्य कारण क्रोमोसोमल असामान्यताएं हैं, वहीं अन्य कारणों से भी गर्भपात हो जाता है।
विज्ञापन

महिला विशेषज्ञ के अनुसार महिलाओं में ब्लड शुगर, थायराइड और गर्भाशय में कमजोरी होने के कारण गर्भधारण पूर्ण रूप से नहीं हो पाता है। गर्भवती में खून की कमी और शुगर जैसी समस्या होने से भ्रूण को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है। कभी-कभी शुरुआती महीनों में सावधानी न बरतने पर भी भ्रूण अपनी जगह से हट जाता है। जिससे गर्भपात होने के आसार बढ़ जाते हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि गर्भवतियों को अपने खान-पान और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए। जिसमें पर्याप्त प्रोटीन युक्त आहार जैसे कि काले चने, पनीर जैसी चीजें खाएं, हरी-पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें, व्यायाम करें और तनावमुक्त रहें। बिना डॉक्टर की सलाह लिए गलत दवाइयों और अधिक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से बचें। इसके अलावा शादी के बाद नवविवाहित महिलाओं को गर्भधारण करने से तीन से चार महीने पहले से ही फोलिक एसिड दवाइयां लेनी चाहिए जिससे गर्भपात जैसी समस्या को पहले से ही रोका जा सकता है। इन समस्याओं के होने पर तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाएं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या हैं क्रोमोसोमल असामान्यताएं
क्रोमोसोमल असामान्यताएं होना गर्भपात होने का कारण बनता है। क्रोमोसोम शरीर की कोशिकाओं में मौजूद होते हैं, जो माता-पिता से आनुवंशिक गुण लेकर आते हैं। यह आनुवंशिक गुण जन्म से भी शरीर में होते हैं, जब इन क्रोमोसोम की संख्या या संरचना में गड़बड़ी हो जाती है तो भ्रूण के विकास में दिक्कत आने और डाउन सिंड्रोम व टर्नर सिंड्रोम जैसी स्थिति गर्भपात का कारण बनते हैं। महिला रोग विशेषज्ञ ने बताया कि क्रोमोसोम असामान्यता का कोई इलाज नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed