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Karnal News: एचएसजीपीसी सदस्य के घर खाना खाती रही पुलिस, सामने से निकल गए विधायक पठानमाजरा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पंजाब के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा मंगलवार को डबरी गांव में अपने साढू हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के सदस्य एवं पूर्व सरपंच गुरनाम सिंह लाडी के घर से पंजाब पुलिस की आंखों के सामने से निकल गए। सुबह 4:30 बजे लाडी के घर पर पहुंचकर पंजाब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। पंजाब पुलिस की गांव डबरी में गोली चलाने और पथराव के आरोप पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मंगलवार को पूरा दिन सीआईए समेत अलग-अलग टीमों ने जांच की लेकिन फायरिंग का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
लाडी के परिवार ने बताया कि पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा उनके साढू लगते हैं। ऐसे में उनका यहां आना-जाना लगा रहता है। सोमवार की रात को वह आए थे। रात को रुके। सुबह 4:30 बजे पंजाब पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। आरोप है कि पुलिस ने गेट नहीं खटखटाया। गेट और दीवार फांदकर पुलिसकर्मी अंदर आए। इसके बाद उन्होंने विधायक से मुलाकात भी की। करीब 2 घंटे रही पंजाब पुलिस की टीम ने वहां खाना भी खाया। बातचीत के बाद विधायक और पंजाब पुलिस की टीम अपने-अपने वाहनों से रवाना हो गए।
परिवार ने फायरिंग और पथराव के घटनाक्रम को झूठा बताया। उन्होंने पुलिस से जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक पुलिस को चकमा देते हुए पिछले दरवाजे से निकले थे।
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पड़ोसियों के घर गई थी पुलिस
लाडी के परिवार का कहना है कि पंजाब पुलिस की पांच गाड़ियां सुबह गांव में आई थीं। पहले उनके साथ वाले घर में पुलिस पहुंची। यहां से उन्हें पूर्व सरपंच के मकान की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस बिना दरवाजा खटखटाए अंदर घुस आई। परिवार का कहना है कि तब घर पर महिलाएं और बच्चे ही थे। पुरुष गुरुद्वारा में गए हुए थे। आरोप है कि सुबह के घटनाक्रम के बाद से एचएसजीपीसी सदस्य गुरनाम सिंह लाडी भी गांव में नहीं हैं, उनका मोबाइल फोन भी बंद चल रहा है। इससे परिवार में डर का माहौल है।
दिनभर आती रही पुलिस और समर्थक
एचएसजीपीसी सदस्य के घर से सुबह पंजाब के विधायक के हिरासत में आने के बाद फरार होने और गांव में गोली चलने की खबर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई। इससे पूरा दिन गांव में पुलिस की टीमें आती रहीं। सुबह 8 बजे के बाद से गांव में लाडी के समर्थक और रिश्तेदारों का भी आना शुरू हो गया। पूरा दिन लोग घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए पहुंचते रहे।
सरपंच बोले, विधायक के जाने के बाद सतर्क हुई पुलिस
डबरी गांव के सरपंच सुरेश पाल का कहना है कि रात को पंजाब के विधायक गांव में आए थे और सुबह पंजाब पुलिस ने दबिश दी। उन्हें भी सुबह 6 बजे सूचना मिली थी। उनका कहना है कि यहां से विधायक के जाने के बाद ही पुलिस सतर्क हुई। गांव की चारों तरफ से नाकाबंदी थी, पुलिस उन्हें यहां से हिरासत में नहीं ले पाई। उन्होंने भी गांव में फायरिंग की बात से भी इनकार किया।
डबरी गांव के कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि गांव में फायरिंग जैसी घटना नहीं हुई है। पंजाब पुलिस ने विधायक को हिरासत में लेने के लिए दबिश दी थी। घटनाक्रम की जांच की जा रही है। -गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल
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करनाल। पंजाब के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा मंगलवार को डबरी गांव में अपने साढू हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के सदस्य एवं पूर्व सरपंच गुरनाम सिंह लाडी के घर से पंजाब पुलिस की आंखों के सामने से निकल गए। सुबह 4:30 बजे लाडी के घर पर पहुंचकर पंजाब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। पंजाब पुलिस की गांव डबरी में गोली चलाने और पथराव के आरोप पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मंगलवार को पूरा दिन सीआईए समेत अलग-अलग टीमों ने जांच की लेकिन फायरिंग का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
लाडी के परिवार ने बताया कि पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा उनके साढू लगते हैं। ऐसे में उनका यहां आना-जाना लगा रहता है। सोमवार की रात को वह आए थे। रात को रुके। सुबह 4:30 बजे पंजाब पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। आरोप है कि पुलिस ने गेट नहीं खटखटाया। गेट और दीवार फांदकर पुलिसकर्मी अंदर आए। इसके बाद उन्होंने विधायक से मुलाकात भी की। करीब 2 घंटे रही पंजाब पुलिस की टीम ने वहां खाना भी खाया। बातचीत के बाद विधायक और पंजाब पुलिस की टीम अपने-अपने वाहनों से रवाना हो गए।
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परिवार ने फायरिंग और पथराव के घटनाक्रम को झूठा बताया। उन्होंने पुलिस से जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक पुलिस को चकमा देते हुए पिछले दरवाजे से निकले थे।
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पड़ोसियों के घर गई थी पुलिस
लाडी के परिवार का कहना है कि पंजाब पुलिस की पांच गाड़ियां सुबह गांव में आई थीं। पहले उनके साथ वाले घर में पुलिस पहुंची। यहां से उन्हें पूर्व सरपंच के मकान की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस बिना दरवाजा खटखटाए अंदर घुस आई। परिवार का कहना है कि तब घर पर महिलाएं और बच्चे ही थे। पुरुष गुरुद्वारा में गए हुए थे। आरोप है कि सुबह के घटनाक्रम के बाद से एचएसजीपीसी सदस्य गुरनाम सिंह लाडी भी गांव में नहीं हैं, उनका मोबाइल फोन भी बंद चल रहा है। इससे परिवार में डर का माहौल है।
दिनभर आती रही पुलिस और समर्थक
एचएसजीपीसी सदस्य के घर से सुबह पंजाब के विधायक के हिरासत में आने के बाद फरार होने और गांव में गोली चलने की खबर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई। इससे पूरा दिन गांव में पुलिस की टीमें आती रहीं। सुबह 8 बजे के बाद से गांव में लाडी के समर्थक और रिश्तेदारों का भी आना शुरू हो गया। पूरा दिन लोग घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए पहुंचते रहे।
सरपंच बोले, विधायक के जाने के बाद सतर्क हुई पुलिस
डबरी गांव के सरपंच सुरेश पाल का कहना है कि रात को पंजाब के विधायक गांव में आए थे और सुबह पंजाब पुलिस ने दबिश दी। उन्हें भी सुबह 6 बजे सूचना मिली थी। उनका कहना है कि यहां से विधायक के जाने के बाद ही पुलिस सतर्क हुई। गांव की चारों तरफ से नाकाबंदी थी, पुलिस उन्हें यहां से हिरासत में नहीं ले पाई। उन्होंने भी गांव में फायरिंग की बात से भी इनकार किया।
डबरी गांव के कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि गांव में फायरिंग जैसी घटना नहीं हुई है। पंजाब पुलिस ने विधायक को हिरासत में लेने के लिए दबिश दी थी। घटनाक्रम की जांच की जा रही है। -गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल