Karnal: फर्जी पत्रकार को पुलिस ने रंगे हाथों दबोचा, डिपू संचालक से दो साल से ऐंठ रहा था रकम
पीड़ित का आरोप है कि पिछले करीब दो साल से फर्जी पत्रकार अजाद ब्रेकिग न्यूज बन कर अजाद शर्मा निवासी गली नंबर-18 कर्ण बिहार और सावधान हरियाणा से सजंय रेना निवासी रघुनाथ मंदिर सदर बाजार ने डिपू का लाइसेंस रद्द कराने और मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया।
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करनाल में फर्जी पत्रकार बनकर रकम ऐंठने का एक और मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले डिपू संचालक की वीडियो बनाई और लाखों रुपये की ठगी की। दो साल से आरोपी पीड़ित से लगातार रकम लेते रहे। जब पीड़ित ने रकम देने से इंकार कर दिया तो सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने की धमकी दी गई। पीड़ित ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस से शिकायत की। जिसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पीड़ित को नोटों पर हस्ताक्षर कर अरोपियों को देने के लिए कहा। पीड़ित ने जैसे ही आरोपियों को 25 हजार रुपये दिए तो रंगेहाथों दबोच लिया। आरोपियों से 25 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।
पत्रकार बना रहा था दबाव
राजीव पुरम निवासी विपिन कुमार ने बताया कि राशन डिपू उसकी भाभी रेनू गुप्ता के नाम से है। डिपू पर भाभी कम बैठती है। सरकार के नियमानुसार राशन का वितरण किया जाता है। पीड़ित का आरोप है कि पिछले करीब दो साल से फर्जी पत्रकार अजाद ब्रेकिग न्यूज बन कर अजाद शर्मा निवासी गली नंबर-18 कर्ण बिहार और सावधान हरियाणा से सजंय रेना निवासी रघुनाथ मंदिर सदर बाजार ने डिपू का लाइसेंस रद्द कराने और मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया।
इस मामले को रफा-दफ करने के लिए 1.80 लाख रुपये भी लिए। उसके बाद भी आरोपी डिपू संचालक से और रुपयों की डिमांड करते रहे। आरोप है कि फर्जी विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की। बाद में डिपू संचालक ने आरोपी रुपये ले जाते रहे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों की करतूतों से वह बहुत परेशान हो गया। आरोपियों ने उसे मरने को मजबूर कर दिया है। बाद में आरोपियों ने पचास हजार रुपये की मांग की।
आरोपियों के अनुसार पीड़ित 25 हजार रुपये लेकर प्रेम नगर पहुंचा। जहां पर आरोपियों को पैसे देते हुए घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जब आरोपी नहीं माने और रुपयों की डिमांड करते रहे। उसके बाद पीड़ित ने पुलिस और ड्यूटी मजिस्ट्रेट को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पांच-पांच सौ रुपये पर हस्ताक्षर किए और आरोपियों को देने के लिए भेजा। जैसे ही पीड़ित ने आरोपियों को रकम थमाई तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की। आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया।