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पंप संचालकों ने सरकार के खिलाफ निकाली भड़ास
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सरकारी विभागों को उधार में तेल देने व पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने एसपी से मुलाकात से पहले बैठक करके सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। शुक्रवार को हुई बैठक में 50 से ज्यादा पंप संचालक मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने उधारी में लिए पेट्रोल के भुगतान न होने व लूट की वारदातों पर जमकर प्रशासन के खिलाफ गुस्सा निकाला। पंप संचालकों ने कहा कि सरकारी वाहनों को उधारी में तेल देने पर पूरी तरह से एसोसिएशन ने मनाही लगाई थी। लेकिन कई पंप संचालक फिर भी उधारी में तेल दे रहे हैं। इसका सभी ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि अभी तो सेल्समैन को गोली लगी है। अब हम सभी का एकजुट होने का समय है। अब भी एकजुट नहीं हुए तो अगला नंबर हमारा होगा और कोई फिर पूछने भी नहीं आएगा। इस दौरान बकाया राशि को लेकर एक एक संचालक ने अपना ब्योरा रखा। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामकुमार कल्याण ने की। वहीं, वरुण जैन, राजबीर चौहान, अंकित गर्ग, हन्नी चौधरी, जसपाल मौंगा, सोनी, रूप नारायण चांदना, राहुल चांदना, पवन यादव, मनिन्द्र राणा, सुरेंद्र सिंह, सुरेंद्र मान, पवन कुमार व दीपू समेत 50 से ज्यादा पंप संचालक मौजूद रहे।
हम मना करते हैं और वो तेल डाल रहे हैं
बैठक के दौरान पंप संचालकों की आपसी फूट भी सामने आई। पंप संचालकों ने कहा कि हमाने सामान दे रखा है उसी के पैसे ही तो सरकार से लेने हैं। अगर अब भी हम एकजुट नहीं हुए तो फिर कुछ नहीं होगा। क्योंकि अकसर विभाग एक पंप से तेल डलवाते हैं, जब उन्हें मना कर दें, तो वे दूसरे पर चले जाते हैं। और वे उधार में सरकारी गाड़ियों को तेल भी दे रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव व लोकसभा चुनाव के समय के पेट्रोल के रुपये न मिलने पर पेट्रोल पंप संचालकों ने सरकारी अधिकारियों को उधार में तेल देना बंद कर दिया था।
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हम मना करते हैं और वो तेल डाल रहे हैं
बैठक के दौरान पंप संचालकों की आपसी फूट भी सामने आई। पंप संचालकों ने कहा कि हमाने सामान दे रखा है उसी के पैसे ही तो सरकार से लेने हैं। अगर अब भी हम एकजुट नहीं हुए तो फिर कुछ नहीं होगा। क्योंकि अकसर विभाग एक पंप से तेल डलवाते हैं, जब उन्हें मना कर दें, तो वे दूसरे पर चले जाते हैं। और वे उधार में सरकारी गाड़ियों को तेल भी दे रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव व लोकसभा चुनाव के समय के पेट्रोल के रुपये न मिलने पर पेट्रोल पंप संचालकों ने सरकारी अधिकारियों को उधार में तेल देना बंद कर दिया था।
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