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Karnal News: गर्मी में संतुलित आहार के लिए सजग हुए लोग
Sat, 26 Apr 2025 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 26 Apr 2025 02:18 AM IST
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मानसी मौर्य
करनाल। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, लोग अपनी डाइट को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 20 से 25 लोग डाइट चार्ट बनवाने के लिए आ रहे हैं। इनमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और युवा शामिल हैं। आहार विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के लिए सजग रहना चाहिए, जिसमें गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सबसे जरूरी है हमारा खानपान और संतुलित डाइट।
आहार विशेषज्ञ वंदना कहती हैं कि गर्मियों में खानपान में थोड़े बदलाव करके हम न सिर्फ लू और डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं बल्कि शरीर को एनर्जी और ताजगी भी दे सकते हैं। गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। लोग अब हेल्दी लाइफस्टाइल की तरफ बढ़ रहे हैं जो बहुत अच्छा संकेत है। वंदना बताती हैं कि गर्मी में अक्सर लोग थकान, डिहाइड्रेशन और नींद की कमी जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं।
शरीर को बाहरी गर्मी से लड़ने के लिए अंदर से मजबूत और ठंडा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में खानपान की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। गर्मियों में गलत खानपान से पेट से जुड़ी बीमारियां त्वचा पर फोड़े, फुंसी, एसिडिटी और हीट स्ट्रोक तक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि भोजन ऐसा हो जो न केवल शरीर को ऊर्जा दे बल्कि शरीर का तापमान भी नियंत्रित रखे।
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वह बताती हैं कि मौसमी सब्जियां, पानीदार फल, हल्के अनाज और दही जैसी चीजें इस मौसम में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पोषण भी देते हैं। वहीं, प्रोसेस्ड फूड, अधिक मसाले और तेल वाला खाना शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं। दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा खाकर खाना और पानी का भरपूर सेवन गर्मियों की सबसे अहम जरूरत है।
वंदना ने बताया कि रात के समय पाचन क्रिया सही रूप से सक्रिय नहीं होती है। इसलिए रात के समय में सलाद में खीरे का सेवन नहीं करना चाहिए, वहीं रात में दही का सेवन भी बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुबह के समय हल्का नाश्ता करें, दिन के समय भोजन करें जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चावल और दही, रायता, छाछ लें, रात के समय हल्का भोजन करें जिसमें मूंग की खिचड़ी या सामान्य दाल चावल खा सकते हैं। संवाद
डाइट चार्ट में क्या-क्या करें शामिल
सब्जियों में घीया, तोरई, कद्दू, खीरा, टमाटर, परवल और टिंडा
फलों में तरबूज, खरबूजा, आम और पपीता
अनाज में साबुत अनाज जैसे गेहूं और बेसन
दालों में मूंग, चना, मसूर, तुअर और सोयाबीन
ड्रिंक में सत्तू, नारियल पानी, गन्ने का रस, बेल का शरबत, नींबू पानी और गोंद कतीरा, छाछ शामिल करें
दिन के समय में दही और रायता शामिल करें व सलाद भी भरपूर खाएं
नए गेहूं का सेवन हो सकता है हानिकारक
गर्मियों का मौसम और नए गेहूं सुनने में भले ही अच्छा लगे लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से यह फायदेमंद नहीं है। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि नई गेहूं में ग्लाइसेमिक इंडेक्स जीआई की मात्रा पुरानी स्टोरेज गेहूं की तुलना में अधिक होती है जो खासकर डायबिटीज के मरीजों और मोटापे से परेशान लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। नए गेहूं को तुरंत खाने में शामिल करने से शुगर का स्तर तेज होता है, वजन अधिक बढ़ना जिसमें जीआई अधिक होने पर फैट शरीर में जमने लगता है और मोटापा आदि बढ़ने लगता है, पाचन पर असर होना और शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है। डॉ वंदना ने कहा कि नए गेहूं का पूरी तरह से परहेज नहीं करना चाहिए लेकिन इसे संतुलन में खाना जरूरी है। गेहूं को स्टोर करने पर उसमें मौजूद स्टार्च का जीआई स्तर धीर-धीरे कम हो जाता है जो शरीर के लिए सेहतमंद रहता है।
क्या होता है ग्लाइसेमिक इंडेक्स
ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह बताता है कि कोई खाद्य पदार्थ शरीर में कितनी तेजी से शुगर में बदलता है। जिस चीज का जीआई अधिक होता है वह खाने के बाद खून में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ाता है। गेंहू में मौजूद स्टार्च नई कटाई के दौरान अधिक सक्रिय रहता है जिससे इसका जीआई स्तर बढ़ जाता है।
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करनाल। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, लोग अपनी डाइट को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 20 से 25 लोग डाइट चार्ट बनवाने के लिए आ रहे हैं। इनमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और युवा शामिल हैं। आहार विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के लिए सजग रहना चाहिए, जिसमें गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सबसे जरूरी है हमारा खानपान और संतुलित डाइट।
आहार विशेषज्ञ वंदना कहती हैं कि गर्मियों में खानपान में थोड़े बदलाव करके हम न सिर्फ लू और डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं बल्कि शरीर को एनर्जी और ताजगी भी दे सकते हैं। गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। लोग अब हेल्दी लाइफस्टाइल की तरफ बढ़ रहे हैं जो बहुत अच्छा संकेत है। वंदना बताती हैं कि गर्मी में अक्सर लोग थकान, डिहाइड्रेशन और नींद की कमी जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं।
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शरीर को बाहरी गर्मी से लड़ने के लिए अंदर से मजबूत और ठंडा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में खानपान की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। गर्मियों में गलत खानपान से पेट से जुड़ी बीमारियां त्वचा पर फोड़े, फुंसी, एसिडिटी और हीट स्ट्रोक तक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि भोजन ऐसा हो जो न केवल शरीर को ऊर्जा दे बल्कि शरीर का तापमान भी नियंत्रित रखे।
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वह बताती हैं कि मौसमी सब्जियां, पानीदार फल, हल्के अनाज और दही जैसी चीजें इस मौसम में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पोषण भी देते हैं। वहीं, प्रोसेस्ड फूड, अधिक मसाले और तेल वाला खाना शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं। दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा खाकर खाना और पानी का भरपूर सेवन गर्मियों की सबसे अहम जरूरत है।
वंदना ने बताया कि रात के समय पाचन क्रिया सही रूप से सक्रिय नहीं होती है। इसलिए रात के समय में सलाद में खीरे का सेवन नहीं करना चाहिए, वहीं रात में दही का सेवन भी बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुबह के समय हल्का नाश्ता करें, दिन के समय भोजन करें जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चावल और दही, रायता, छाछ लें, रात के समय हल्का भोजन करें जिसमें मूंग की खिचड़ी या सामान्य दाल चावल खा सकते हैं। संवाद
डाइट चार्ट में क्या-क्या करें शामिल
सब्जियों में घीया, तोरई, कद्दू, खीरा, टमाटर, परवल और टिंडा
फलों में तरबूज, खरबूजा, आम और पपीता
अनाज में साबुत अनाज जैसे गेहूं और बेसन
दालों में मूंग, चना, मसूर, तुअर और सोयाबीन
ड्रिंक में सत्तू, नारियल पानी, गन्ने का रस, बेल का शरबत, नींबू पानी और गोंद कतीरा, छाछ शामिल करें
दिन के समय में दही और रायता शामिल करें व सलाद भी भरपूर खाएं
नए गेहूं का सेवन हो सकता है हानिकारक
गर्मियों का मौसम और नए गेहूं सुनने में भले ही अच्छा लगे लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से यह फायदेमंद नहीं है। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि नई गेहूं में ग्लाइसेमिक इंडेक्स जीआई की मात्रा पुरानी स्टोरेज गेहूं की तुलना में अधिक होती है जो खासकर डायबिटीज के मरीजों और मोटापे से परेशान लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। नए गेहूं को तुरंत खाने में शामिल करने से शुगर का स्तर तेज होता है, वजन अधिक बढ़ना जिसमें जीआई अधिक होने पर फैट शरीर में जमने लगता है और मोटापा आदि बढ़ने लगता है, पाचन पर असर होना और शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है। डॉ वंदना ने कहा कि नए गेहूं का पूरी तरह से परहेज नहीं करना चाहिए लेकिन इसे संतुलन में खाना जरूरी है। गेहूं को स्टोर करने पर उसमें मौजूद स्टार्च का जीआई स्तर धीर-धीरे कम हो जाता है जो शरीर के लिए सेहतमंद रहता है।
क्या होता है ग्लाइसेमिक इंडेक्स
ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह बताता है कि कोई खाद्य पदार्थ शरीर में कितनी तेजी से शुगर में बदलता है। जिस चीज का जीआई अधिक होता है वह खाने के बाद खून में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ाता है। गेंहू में मौजूद स्टार्च नई कटाई के दौरान अधिक सक्रिय रहता है जिससे इसका जीआई स्तर बढ़ जाता है।