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अभिभावकों ने स्कूल व सचिवालय में काटा बवाल
अमर उजाला करनाल
Updated Thu, 24 Apr 2014 12:40 AM IST
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करनाल। निजी स्कूलों के संचालकों के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। अभिभावकों ने बुधवार को भी सेक्टर सात के दयाल सिंह पब्लिक स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी की। दूसरी ओर कुछ अभिभावकों ने जिला सचिवालय पहुंच कर प्रशासन और निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने आरोप लगाया स्कूल प्रबंधन के इशारे पर पुलिस ने अभिभावकों को फंसाने और महिला अभिभावकों को भी उठाने की धमकी दी है। चार लोगों के नाम भी पुलिस नोट कर ले गई है। उन्हें आशंका है कि अब पुलिस इन लोगों को जबरन झूठे मामले में फंसाने का षड्यंत्र करेगी। अभिभावकों ने कहा कि विधायक के पति जगदीप सिंह स्कूल के पास निकले तो अभिभावकों ने अपना दर्द सुनाने के लिए उन्हें रोका, लेकिन उन्होंने भी कार से नीचे उतरने की जरूरत नहीं समझी।
अभिभावक एकता संघ के अध्यक्ष दिनेश नरूला के नेतृत्व में अमित कुमार, मोहकम चंद, राजेंद्र, कुलभूषण, मनोज अरोडा, जगपालसिंी, पवन शर्मा, आनंद मोहन, सोहन सिंह, जगदंबा प्रसाद मदान और महिलाओं में शामिल नीतू, सोनिया, सीमा, पूनम, डिंपल,, नरेंद्र कौर, टीना, सुषमा, नीलम, मधु अरोडा, राजरानी, कविता, सोना, महेंद्रकौर, रजनी, मीना, रानी, गीता, ललिता, अजीतकौर, निधी और अंजुल ने कहा कि अब स्कूल प्रशासन अपने कारनामे छुपाने के लिए ओछी हरकत पर उतर आया है। अभिभावकों को पुलिस की धौंस दी जा रही है। पुलिस भी उन लोगों को फंसाने की धमकी देने लगी है, लेकिन वह लोग कमजोर नहीं है। पूरा शहर इस मामले में एकजुट है। उन लोगों का स्वयं अकेले का लाभ होने वाला नहीं है। लोगों के हक मांगने की बात को पुलिस का दबाव दिलाकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल की कई अध्यापिकाओं ने सुबह स्कूल के बाहर माहौल खराब करने की कोशिश की, लेकिन अभिभावकों की ओर से कोई गलती नहीं की गई। संघ के अध्यक्ष से पुलिस द्वारा पूछा गया कि उनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं। यह पूरा मामला दबाव बनाने के अलावा कुछ और नहीं है। इस दौरान गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल की ओर से भेजे गए एक फोटोग्राफर के साथ मारपीट कर दी।
बाक्स
अधिकारियों ने लिखा उच्चाधिकारियों को पत्र
डीसी बलराज सिंह ने कहा कि निजी स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जो बनती है वह होगी। यह पूरा मामला शिक्षा विभाग का बनता है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी उदय प्रताप सिंह पूरे मामले में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को लिख चुके हैं। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को आगामी कार्रवाई कराने और मार्गदर्शन करने के संदर्भ में लिखा है। अभिभावकों की बात भी उनसे हो चुकी है।
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अभिभावक एकता संघ के अध्यक्ष दिनेश नरूला के नेतृत्व में अमित कुमार, मोहकम चंद, राजेंद्र, कुलभूषण, मनोज अरोडा, जगपालसिंी, पवन शर्मा, आनंद मोहन, सोहन सिंह, जगदंबा प्रसाद मदान और महिलाओं में शामिल नीतू, सोनिया, सीमा, पूनम, डिंपल,, नरेंद्र कौर, टीना, सुषमा, नीलम, मधु अरोडा, राजरानी, कविता, सोना, महेंद्रकौर, रजनी, मीना, रानी, गीता, ललिता, अजीतकौर, निधी और अंजुल ने कहा कि अब स्कूल प्रशासन अपने कारनामे छुपाने के लिए ओछी हरकत पर उतर आया है। अभिभावकों को पुलिस की धौंस दी जा रही है। पुलिस भी उन लोगों को फंसाने की धमकी देने लगी है, लेकिन वह लोग कमजोर नहीं है। पूरा शहर इस मामले में एकजुट है। उन लोगों का स्वयं अकेले का लाभ होने वाला नहीं है। लोगों के हक मांगने की बात को पुलिस का दबाव दिलाकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल की कई अध्यापिकाओं ने सुबह स्कूल के बाहर माहौल खराब करने की कोशिश की, लेकिन अभिभावकों की ओर से कोई गलती नहीं की गई। संघ के अध्यक्ष से पुलिस द्वारा पूछा गया कि उनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं। यह पूरा मामला दबाव बनाने के अलावा कुछ और नहीं है। इस दौरान गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल की ओर से भेजे गए एक फोटोग्राफर के साथ मारपीट कर दी।
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अधिकारियों ने लिखा उच्चाधिकारियों को पत्र
डीसी बलराज सिंह ने कहा कि निजी स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जो बनती है वह होगी। यह पूरा मामला शिक्षा विभाग का बनता है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी उदय प्रताप सिंह पूरे मामले में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को लिख चुके हैं। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को आगामी कार्रवाई कराने और मार्गदर्शन करने के संदर्भ में लिखा है। अभिभावकों की बात भी उनसे हो चुकी है।
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