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Karnal News: बिना पूर्व सूचना के धान खरीद बंद, आढ़ती-किसान नाराज
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में मंगलवार को अचानक धान की खरीद बंद कर दी गई है। पिछले साल से 15.29 लाख क्विंटल कम धान खरीदा गया है। कई किसान धान लेकर पहुंचे लेकिन खरीद एजेंसियां पहुंची ही नहीं। किसानों में मंडी कार्यालय जाकर नाराजगी भी दिखाई। इसकी जानकारी होने के बाद आढ़तियों ने भी बैठक करके हरियाणा सरकार व जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कहा कि हर साल धान की खरीद 15 नवंबर तक चलती है, इस बार नौ दिन पहले खरीद बंद करने से किसानों के साथ आढ़तियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
करनाल अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी की अध्यक्षता में आढ़तियों की बैठक में कहा गया कि जिला प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के ही अचानक धान की खरीद बंद कर दी है। सभी किसानों को मालूम है कि धान की खरीद हर साल 15 नवंबर तक चलती है। इसलिए बहुत से किसान अभी धान नहीं बेच पाए हैं। मंडी में अभी भी धाव की आवक हजारों में हैं। मंगलवार को कई किसान धान लेकर मंडी पहुंचे लेकिन उनका धान नहीं खरीदा गया। उन्हें गेटपास नहीं मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा। यदि खरीद बंद करनी थी तो दो तीन दिन पहले सूचित करना चाहिए था, ताकि यदि किसी के पास धान है तो वह लाकर बेच सकता था।
पिछले साल करनाल जिले की अनाज मंडियों में कुल एक करोड़ 13 लाख 12 हजार 710 क्विंटल धान खरीदा गया था, जबकि इस साल छह नवंबर तक कुल 97 लाख 83 हजार 440 क्विंटल धान खरीदा गया है। जिसमें खाद्य आपूर्ति ने 63 लाख 10 हजार 820 क्विंटल धान खरीदा जो पिछले साल से एक लाख 81 हजार 170 क्विंटल कम है। हैफेड ने कुल 21 लाख 98 हजार 200 क्विंटल धान खरीदा दो पिछले साल से दो लाख 84 हजार 500 क्विंटल कम है, जबकि एचडब्ल्यूएस ने 12 लाख 74 हजार 420 क्विंटल धान खरीदा जो पिछले साल से 10 लाख 63 हजार 600 क्विंटल कम है।
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- मंगलवार की सुबह अचानक मंडी से सूचना आई कि अब धान की खरीद नहीं की जाएगी। डीएफएससी से पूछा गया तो उन्होंने भी यही बताया कि अब खरीद बंद कर दी गई है। जबकि जिले की सभी मंडियों में पिछले साल से कम खरीद हुई है। हरियाणा की सीमा धान के लिए पहले से ही जिला प्रशासन ने सील कर रखी है, और अब नौ दिन पहले धान की खरीद भी बंद कर दी। यदि ऐसा ही कुछ करना है तो जिला प्रशासन को मंडियां ही बंद कर देनी चाहिए। आढ़ती व चावल कारोबारी करोड़ों के घाटे में हैं। धान खरीद को तय समय तक किया जाना चाहिए।
- रजनीश चौधरी, जिला प्रधान अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, करनाल।
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करनाल। जिले में मंगलवार को अचानक धान की खरीद बंद कर दी गई है। पिछले साल से 15.29 लाख क्विंटल कम धान खरीदा गया है। कई किसान धान लेकर पहुंचे लेकिन खरीद एजेंसियां पहुंची ही नहीं। किसानों में मंडी कार्यालय जाकर नाराजगी भी दिखाई। इसकी जानकारी होने के बाद आढ़तियों ने भी बैठक करके हरियाणा सरकार व जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कहा कि हर साल धान की खरीद 15 नवंबर तक चलती है, इस बार नौ दिन पहले खरीद बंद करने से किसानों के साथ आढ़तियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
करनाल अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी की अध्यक्षता में आढ़तियों की बैठक में कहा गया कि जिला प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के ही अचानक धान की खरीद बंद कर दी है। सभी किसानों को मालूम है कि धान की खरीद हर साल 15 नवंबर तक चलती है। इसलिए बहुत से किसान अभी धान नहीं बेच पाए हैं। मंडी में अभी भी धाव की आवक हजारों में हैं। मंगलवार को कई किसान धान लेकर मंडी पहुंचे लेकिन उनका धान नहीं खरीदा गया। उन्हें गेटपास नहीं मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा। यदि खरीद बंद करनी थी तो दो तीन दिन पहले सूचित करना चाहिए था, ताकि यदि किसी के पास धान है तो वह लाकर बेच सकता था।
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पिछले साल करनाल जिले की अनाज मंडियों में कुल एक करोड़ 13 लाख 12 हजार 710 क्विंटल धान खरीदा गया था, जबकि इस साल छह नवंबर तक कुल 97 लाख 83 हजार 440 क्विंटल धान खरीदा गया है। जिसमें खाद्य आपूर्ति ने 63 लाख 10 हजार 820 क्विंटल धान खरीदा जो पिछले साल से एक लाख 81 हजार 170 क्विंटल कम है। हैफेड ने कुल 21 लाख 98 हजार 200 क्विंटल धान खरीदा दो पिछले साल से दो लाख 84 हजार 500 क्विंटल कम है, जबकि एचडब्ल्यूएस ने 12 लाख 74 हजार 420 क्विंटल धान खरीदा जो पिछले साल से 10 लाख 63 हजार 600 क्विंटल कम है।
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- मंगलवार की सुबह अचानक मंडी से सूचना आई कि अब धान की खरीद नहीं की जाएगी। डीएफएससी से पूछा गया तो उन्होंने भी यही बताया कि अब खरीद बंद कर दी गई है। जबकि जिले की सभी मंडियों में पिछले साल से कम खरीद हुई है। हरियाणा की सीमा धान के लिए पहले से ही जिला प्रशासन ने सील कर रखी है, और अब नौ दिन पहले धान की खरीद भी बंद कर दी। यदि ऐसा ही कुछ करना है तो जिला प्रशासन को मंडियां ही बंद कर देनी चाहिए। आढ़ती व चावल कारोबारी करोड़ों के घाटे में हैं। धान खरीद को तय समय तक किया जाना चाहिए।
- रजनीश चौधरी, जिला प्रधान अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, करनाल।