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Karnal News: पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना लक्ष्य ः निशांत देव

Sat, 01 Jun 2024 05:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 01 Jun 2024 05:46 AM IST
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Our goal is to win a gold medal at the Paris Olympics: Nishant Dev
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। कर्णनगरी के मुक्केबाज निशांत देव ने पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। निशांत ने 71 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में मोल्दोवा के मुक्केबाज वासिले सेबोटरी को 5-0 से हराकर यह मुकाम पाया है। यह मुकाबला जीतकर वह देश के एकमात्र पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं, जिन्होंने ओलंपिक की टिकट पक्की की है।

निशांत देव ने बताया कि इस बार ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक लाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा। इससे पहले वह देश के लिए ओलंपिक में पदक लाने से चूक गए थे। इस बार उनके पास दूसरा बेहतरीन मौका है, अच्छी बात यह रही कि इस बार उनके कोच सुरेंद्र चौहान भी उनके साथ बैंकॉक गए हैं। उनसे उन्हें रोजाना अभ्यास करने व अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिला।
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मुक्केबाज निशांत देव ने शुक्रवार को बैंकॉक में आयोजित विश्व मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालीफायर प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में वासिले सेबोटरी को हराकर पेरिस ओलंपिक का टिकट भी हासिल कर लिया है। वह ऐसा करने वाले देश के पहले पुरुष मुक्केबाज बने हैं। विदित हो वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट निशांत पिछले क्वालिफायर्स में मामूली अंतर से कोटा हासिल करने से चूक गए थे।
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इस कैटेगरी में इस बार पांच कोटे दांव पर लगे थे, भारत ने इस तरह से मुक्केबाजी में ओलंपिक के लिए चौथा कोटा स्थान हासिल किया। निशांत से पहले महिला मुक्केबाज निखहत जरीन (50 किग्रा), प्रीत पवार (54 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ओलंपिक कोटा हासिल कर चुकी हैं।

पिता व कोच से मिली प्रेरणा, पाया मुकाम

निशांत ने बताया कि वह पिछली बार ओलंपिक की टिकट पक्की करने में थोड़े अंतराल से चूक गए थे। इस बार बैंकॉक में उनके साथ पिता पवन देव व कोच सुरेंद्र चौहान भी गए हैं। अभ्यास के दौरान दोनों का ही कुशल मार्गदर्शन रहा। इस बार मैंने ओलंपिक क्वालीफाई मैच में अपना 100 प्रतिशत दिया। मैंने पहले मुकाबले में मंगोलिया के मुक्केबाज ओटगोनबातर ब्याम्बा एर्डीन को एकतरफा मुकाबले में मात दी। दूसरे मुकाबले में थाईलैंड के मुक्केबाज हांसुगनोएन पीरापत को 5-0 के अंतराल से हराया। मुख्य मुकाबले में मोल्दोवा के मुक्केबाज वासिले सेबोटरी को 5-0 से हराकर यह मुकाम पाया है।

निशांत के घर में खुशी का माहौल

जैसे ही शहरवासियों को मुक्केबाज निशांत के ओलंपिक क्वालीफाई करने का पता चला लोग उनके कोट मोहल्ला स्थित घर पर बधाई देने के लिए पहुंचने लगे। निशांत के दादा चौधरी कृष्ण देव व दादी रोशनी का कहना है कि उन्हें अपने पोते सूर्या (निशांत) पर नाज है। सूर्या की शुरू से ही खेलों में रुचि थी। देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना ही सूर्या का अगला लक्ष्य है, जिस दिन वह इस मुकाम को हासिल कर लेगा वह भी सूर्य देव की तरह देशभर में चमकेगा।


निशांत की उपलब्धि से पूरे जिले व कर्ण स्टेडियम में खुशी का माहौल है। निशांत देव ने अपने कोच सुरेंद्र चौहान के कुशल मार्गदर्शन में ओलंपिक क्वालीफाई मुकाबलों में अपने पंचों का दम दिखाया। निशांत का शुरू से ही लक्ष्य देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का रहा है, इसके लिए वह अतिरिक्त समय लगाकर भी अभ्यास करता रहा है। वह प्रतिदिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वह अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्ररेणास्रोत है। - सुधा भसीन, जिला खेल अधिकारी, करनाल।
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