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डेंगू से मौत के बाद परिजनों ने काटा बवाल
करनाल
Updated Wed, 16 Oct 2013 09:59 PM IST
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जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा और विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद आए दिन लोगों की जान जा रही है।
बुधवार को गांधी नगर निवासी 28 वर्षीय सर्वजीत की मोहाली में मौत हो गई। मौत से गुस्साए लोगों ने बुधवार को काछवा रोड पर यातायात रोककर सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान लोगाें नेे जमकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और सिविल सर्जन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
40 मिनट तक लगे जाम को खुलवाने के लिए डीएसपी शहरी सुनील कुमार ने आश्वासन दिया, जिसके बाद भड़के लोग शांत हुए। जाम के दौरान दोनों और वाहनों की कतारें लग गई। यातायात अवरुद्ध करने वालों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण जिले में डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है।
इस कारण आए दिन मौत हो रही है। सर्वजीत की मौत के बाद अब तक जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग अब भी डेंगू से मरने वाले केवल दो लोगों की ही पुष्टि कर रहा है। तीसरी मौत के कारणों की सही जानकारी के लिए वीरवार को पता चल पाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाइन पार क्षेत्र में न तो फोगिंग कराई गई है और न ही इस क्षेत्र में स्प्रे किया गया है।
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उनके क्षेत्र की सुध लेने वाला कोई नहीं है, न तो विधायक सुमिता सिंह व पार्षद जोगेंद्र चौहान ने क्षेत्र में आकर लोगों का हालचाल जाना है। उनके क्षेत्र में सफाई व्यवस्था ठप है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक डेंगू व बुखार से अब तक आधा दर्जन मौतें केवल लाइन पार क्षेत्र में हो चुकी हैं। डीएसपी सुनील ने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग से बातचीत कर क्षेत्र में डेंगू के बचाव के लिए सभी संभव उपाय कराए जाएंगेे।
इसके बाद प्रदर्शनकारी जाम खोलने पर राजी हुए। गांधी नगर की गली संख्या नौ का रहने वाला सर्वजीत पानीपत आबकारी विभाग में कार्यरत था। सर्वजीत की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है। प्रदर्शन करने वालेे सतीश, जसपाल, नवीन, जयदेव सिंह व दीपक ने बताया कि सर्वजीत पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहा था।
उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था लेकिन गंभीर होने पर उसे मोहाली रेफर किया गया था। उपचार के दौरान सर्वजीत ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर जैसे ही उसके परिजनाें व संबंधियों को लगी तो सब हैरान हो गए। लोगों में गुस्सा पनपने लगा और गुस्साई भीड़ ने जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे थाना शहर प्रभारी व डीएसपी शहरी सुनील कुमार ने प्रदर्शनकारियोें को समझाया बुझाकर जाम खुलवाया।
लाइनपार इलाके के आशीष, गौरव, शालू और ललित ने बताया कि क्षेत्र में केवल गंदगी का साम्राज्य है। सफाई कर्मी तो रखे हैं लेकिन वे सफाई नहीं करते। नगर निगम के अधिकारियाें को कई बार शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। राम नगर इलाके में ही डेंगू के कारण छह लोगों की मौत हो चुकी है और 2000 से भी अधिक लोग बुखार व डेंगू से पीड़ित हैं।
प्रत्येक घर में कोई न कोई व्यक्ति बीमार है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाई का छिड़काव केवल खानापूर्ति के लिए किया गया है लेकिन यहां अभी भी मच्छराें की भरमार है।
मृतक को नहीं हुई थी डेंगू की पुष्टि
सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि गांधी नगर में सर्वजीत की बीमारी के चलते मोहाली में मौत हुई है। टीम उनके घर जाकर जानकारी हासिल कर रही है लेकिन मौत के सही कारणों की जानकारी वीरवार को कार्यालय खुलने के बाद ही मिल पाएगी। सर्वजीत ने करनाल मे डॉ. राजीव गुप्ता से उपचार लिया था लेकिन उनकी रिपोर्ट में डेेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई थी।
मोहाली में मौत होने पर मोहाली अस्पताल की ओर से डेंगू की पुष्टि होने पर जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाता है लेकिन मोहाली से भी अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं आई है। फिर भी मौत की वास्तविकता की जानकारी वीरवार को ही मिल जाएगी।
डेंगू के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण
डेंगू के बढ़ते प्रकोप के चलते अब ग्रामीणों ने भी जागरूकता अभियान के लिए एकजुटता का परिचय दिया है। इस कड़ी में गांव उड़ाना में जय भारत युवा मंडल की ओर से डेंगू से बचाव के लिए अभियान चलाया गया। मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र उड़ाना की अध्यक्षता में सभी ग्रामीणों को डेंगू के खिलाफ जागरूक किया गया।
उड़ाना समेत अन्य सदस्यों ने लोगों को आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरदानी का प्रयोग करने व आसपास सफाई रखने के बारे में बताया। उड़ाना ने कहा कि डेंगू एक जानलेवा बीमारी है और इसके लिए हर व्यक्ति का जागरूक होना बहुत जरूरी है। यह बीमारी एडिज मच्छर के काटने से होती है और यह मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। डेंगू का लारवा सात दिन बाद अपना असली रंग दिखाना शुरू कर देता है और यह मच्छर लगातार लाखों की संख्या में पहुंच जाता है। मौके पर तरणदीप, हर्ष, सन्नी, कर्ण, गुलशन, राजीव, सतीश, नरेंद्र, बबलू, हिमांशु व जयकुमार मौजूद थे।
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बुधवार को गांधी नगर निवासी 28 वर्षीय सर्वजीत की मोहाली में मौत हो गई। मौत से गुस्साए लोगों ने बुधवार को काछवा रोड पर यातायात रोककर सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान लोगाें नेे जमकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और सिविल सर्जन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
40 मिनट तक लगे जाम को खुलवाने के लिए डीएसपी शहरी सुनील कुमार ने आश्वासन दिया, जिसके बाद भड़के लोग शांत हुए। जाम के दौरान दोनों और वाहनों की कतारें लग गई। यातायात अवरुद्ध करने वालों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण जिले में डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है।
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इस कारण आए दिन मौत हो रही है। सर्वजीत की मौत के बाद अब तक जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग अब भी डेंगू से मरने वाले केवल दो लोगों की ही पुष्टि कर रहा है। तीसरी मौत के कारणों की सही जानकारी के लिए वीरवार को पता चल पाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाइन पार क्षेत्र में न तो फोगिंग कराई गई है और न ही इस क्षेत्र में स्प्रे किया गया है।
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उनके क्षेत्र की सुध लेने वाला कोई नहीं है, न तो विधायक सुमिता सिंह व पार्षद जोगेंद्र चौहान ने क्षेत्र में आकर लोगों का हालचाल जाना है। उनके क्षेत्र में सफाई व्यवस्था ठप है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक डेंगू व बुखार से अब तक आधा दर्जन मौतें केवल लाइन पार क्षेत्र में हो चुकी हैं। डीएसपी सुनील ने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग से बातचीत कर क्षेत्र में डेंगू के बचाव के लिए सभी संभव उपाय कराए जाएंगेे।
इसके बाद प्रदर्शनकारी जाम खोलने पर राजी हुए। गांधी नगर की गली संख्या नौ का रहने वाला सर्वजीत पानीपत आबकारी विभाग में कार्यरत था। सर्वजीत की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है। प्रदर्शन करने वालेे सतीश, जसपाल, नवीन, जयदेव सिंह व दीपक ने बताया कि सर्वजीत पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहा था।
उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था लेकिन गंभीर होने पर उसे मोहाली रेफर किया गया था। उपचार के दौरान सर्वजीत ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर जैसे ही उसके परिजनाें व संबंधियों को लगी तो सब हैरान हो गए। लोगों में गुस्सा पनपने लगा और गुस्साई भीड़ ने जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे थाना शहर प्रभारी व डीएसपी शहरी सुनील कुमार ने प्रदर्शनकारियोें को समझाया बुझाकर जाम खुलवाया।
लाइनपार इलाके के आशीष, गौरव, शालू और ललित ने बताया कि क्षेत्र में केवल गंदगी का साम्राज्य है। सफाई कर्मी तो रखे हैं लेकिन वे सफाई नहीं करते। नगर निगम के अधिकारियाें को कई बार शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। राम नगर इलाके में ही डेंगू के कारण छह लोगों की मौत हो चुकी है और 2000 से भी अधिक लोग बुखार व डेंगू से पीड़ित हैं।
प्रत्येक घर में कोई न कोई व्यक्ति बीमार है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाई का छिड़काव केवल खानापूर्ति के लिए किया गया है लेकिन यहां अभी भी मच्छराें की भरमार है।
मृतक को नहीं हुई थी डेंगू की पुष्टि
सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि गांधी नगर में सर्वजीत की बीमारी के चलते मोहाली में मौत हुई है। टीम उनके घर जाकर जानकारी हासिल कर रही है लेकिन मौत के सही कारणों की जानकारी वीरवार को कार्यालय खुलने के बाद ही मिल पाएगी। सर्वजीत ने करनाल मे डॉ. राजीव गुप्ता से उपचार लिया था लेकिन उनकी रिपोर्ट में डेेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई थी।
मोहाली में मौत होने पर मोहाली अस्पताल की ओर से डेंगू की पुष्टि होने पर जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाता है लेकिन मोहाली से भी अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं आई है। फिर भी मौत की वास्तविकता की जानकारी वीरवार को ही मिल जाएगी।
डेंगू के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण
डेंगू के बढ़ते प्रकोप के चलते अब ग्रामीणों ने भी जागरूकता अभियान के लिए एकजुटता का परिचय दिया है। इस कड़ी में गांव उड़ाना में जय भारत युवा मंडल की ओर से डेंगू से बचाव के लिए अभियान चलाया गया। मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र उड़ाना की अध्यक्षता में सभी ग्रामीणों को डेंगू के खिलाफ जागरूक किया गया।
उड़ाना समेत अन्य सदस्यों ने लोगों को आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरदानी का प्रयोग करने व आसपास सफाई रखने के बारे में बताया। उड़ाना ने कहा कि डेंगू एक जानलेवा बीमारी है और इसके लिए हर व्यक्ति का जागरूक होना बहुत जरूरी है। यह बीमारी एडिज मच्छर के काटने से होती है और यह मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। डेंगू का लारवा सात दिन बाद अपना असली रंग दिखाना शुरू कर देता है और यह मच्छर लगातार लाखों की संख्या में पहुंच जाता है। मौके पर तरणदीप, हर्ष, सन्नी, कर्ण, गुलशन, राजीव, सतीश, नरेंद्र, बबलू, हिमांशु व जयकुमार मौजूद थे।