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Karnal News: हर छह घंटे में एक व्यक्ति दुर्घटना का शिकार, हर दूसरे हादसे में मौत
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करनाल। सड़क सुरक्षा के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने, नियमों को तोड़ने के नाम पर लाखों रुपये के भारी-भरकम चालान तक काटने के बाद भी सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि हर छह घंटे में सड़क पर चलता व्यक्ति दुर्घटना का शिकार हो रहा है, वहीं हर दूसरे हादसे में एक जान जा रही है।
यह खुलासा (इंटिग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस) आईआरएडी की रिपोर्ट से हुआ है। चालक के लिहाज से इन हादसों के पीछे तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग बड़ी वजह रही हैं। जबकि व्यवस्था के नजरिये से सड़क किनारे खड़े वाहन, उखड़ी सड़क, ब्लाइंड स्पॉट (अंधेरा ग्रस्त जगह) बड़ी खामी साबित हुए हैं। इसके अलावा कोहरा, निर्माणाधीन सड़क पर अधूरे सुरक्षा इंतजाम भी हादसे का एक बड़ा कारण हैं।
प्रशासन का दावा है कि सड़क सुरक्षा को लेकर वे सतर्क हैं। इधर, सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा और तेजपाल का कहना है कि प्रशासन के इंतजाम नाकाफी हैं। कोहरा छंटने के बाद शहर में नगर निगम ने सफेद पट्टी लगाने का काम शुरू किया है। जबकि यह कार्य बरसाती मौसम के तुरंत बाद होना चाहिए था। यदि ऐसे ही इंतजाम हैं तो हादसे थमने के बजाय बढ़ने लाजमी हैं।
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आंकड़ों पर निगाह डालें तो जिले में वर्ष 2024 में 690 सड़क हादसे हुए। इस दौरान हादसाग्रस्त 1678 लोगों के खून से सड़कें लाल हुईं। जिनमें 320 लोगों की जान तक चली गई। इसके अलावा 150 से ज्यादा लोग अपाहिज तक हो चुके हैं। इसके अलावा 245 लोग कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे। पुलिस की ओर से हर माह औसतन 12 हजार से ज्यादा वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए करीब 20 लाख रुपये तक के चालान किए जाते हैं।
-- --
जनवरी में सबसे कम तो मई में सर्वाधिक हादसे
करनाल जिले में मई माह में सर्वाधिक 72 सड़क हादसे हुए। जबकि जनवरी माह में सबसे कम 35 दुर्घटनाएं हुईं। इन 35 हादसों में 16 लोगों की मौत हुई, जबकि 85 लोग दुर्घटनाग्रस्त हो गए। आईआरएडी की प्रबंधक स्वाति गुप्ता का कहना है कि मई माह में हुए 72 हादसों में 31 लोगों की जान गई तो सर्वाधिक एक माह में 189 लोग सड़क हादसे का शिकार हुए। इसके अलावा त्योहारों के महीने अक्तूबर और दिसंबर के कोहरे में भी काफी ज्यादा सड़क हादसे हुए। अक्तूबर में 69 तो दिसंबर में 71 हादसे हुए।
हालात एक नजर में-
- 690 हादसे एक साल में हुए
- 1678 लोग हुए दुर्घटनाग्रस्त
- 302 हादसे रहे घातक
- 320 लोगों की हादसों में हुई मौत
-- -
मई में सर्वाधिक हादसे और अक्तूबर में हुई मौत
महीना
हादसे
मौत
दुर्घटनाग्रस्त
जनवरी
35
16
85
फरवरी
49
21
114
मार्च
54
24
127
अप्रैल
52
18
126
मई
72
31
189
जून
60
20
138
जुलाई
52
26
126
अगस्त
56
28
140
सितंबर
57
32
143
अक्तूबर
69
44
173
नवंबर
63
26
159
दिसंबर
71
34
158
कुल
690
320
1678
वर्जन
यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती की जा रही है। तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और लेन चेंज पर हमारा खास फोकस है। चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेसल सिस्टम के माध्यम से भी लोगों जागरूक किया जाता है। पुलिस द्वारा निरंतर अभियान चलाकर शिक्षण संस्थान और चालकों को भी जागरूक किया जा रहा है।
- गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल
वर्जन
सड़क पर लोग सुरक्षित रहें, यही हमारा प्रयास है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हर माह आयोजित करके अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाती है। जहां भी खामी से संबंधित जानकारी होती है, उसे दुरुस्त कराते हैं। हादसाग्रस्त या संभावित क्षेत्रों की स्थिति पर मंथन करके भी सुधार के प्रयास किए जाते हैं। अब सीसीटीवी से भी निगाह रख रहे हैं।
- उत्तम सिंह, उपायुक्त
यह खुलासा (इंटिग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस) आईआरएडी की रिपोर्ट से हुआ है। चालक के लिहाज से इन हादसों के पीछे तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग बड़ी वजह रही हैं। जबकि व्यवस्था के नजरिये से सड़क किनारे खड़े वाहन, उखड़ी सड़क, ब्लाइंड स्पॉट (अंधेरा ग्रस्त जगह) बड़ी खामी साबित हुए हैं। इसके अलावा कोहरा, निर्माणाधीन सड़क पर अधूरे सुरक्षा इंतजाम भी हादसे का एक बड़ा कारण हैं।
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प्रशासन का दावा है कि सड़क सुरक्षा को लेकर वे सतर्क हैं। इधर, सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा और तेजपाल का कहना है कि प्रशासन के इंतजाम नाकाफी हैं। कोहरा छंटने के बाद शहर में नगर निगम ने सफेद पट्टी लगाने का काम शुरू किया है। जबकि यह कार्य बरसाती मौसम के तुरंत बाद होना चाहिए था। यदि ऐसे ही इंतजाम हैं तो हादसे थमने के बजाय बढ़ने लाजमी हैं।
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आंकड़ों पर निगाह डालें तो जिले में वर्ष 2024 में 690 सड़क हादसे हुए। इस दौरान हादसाग्रस्त 1678 लोगों के खून से सड़कें लाल हुईं। जिनमें 320 लोगों की जान तक चली गई। इसके अलावा 150 से ज्यादा लोग अपाहिज तक हो चुके हैं। इसके अलावा 245 लोग कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे। पुलिस की ओर से हर माह औसतन 12 हजार से ज्यादा वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए करीब 20 लाख रुपये तक के चालान किए जाते हैं।
जनवरी में सबसे कम तो मई में सर्वाधिक हादसे
करनाल जिले में मई माह में सर्वाधिक 72 सड़क हादसे हुए। जबकि जनवरी माह में सबसे कम 35 दुर्घटनाएं हुईं। इन 35 हादसों में 16 लोगों की मौत हुई, जबकि 85 लोग दुर्घटनाग्रस्त हो गए। आईआरएडी की प्रबंधक स्वाति गुप्ता का कहना है कि मई माह में हुए 72 हादसों में 31 लोगों की जान गई तो सर्वाधिक एक माह में 189 लोग सड़क हादसे का शिकार हुए। इसके अलावा त्योहारों के महीने अक्तूबर और दिसंबर के कोहरे में भी काफी ज्यादा सड़क हादसे हुए। अक्तूबर में 69 तो दिसंबर में 71 हादसे हुए।
हालात एक नजर में-
- 690 हादसे एक साल में हुए
- 1678 लोग हुए दुर्घटनाग्रस्त
- 302 हादसे रहे घातक
- 320 लोगों की हादसों में हुई मौत
मई में सर्वाधिक हादसे और अक्तूबर में हुई मौत
महीना
हादसे
मौत
दुर्घटनाग्रस्त
जनवरी
35
16
85
फरवरी
49
21
114
मार्च
54
24
127
अप्रैल
52
18
126
मई
72
31
189
जून
60
20
138
जुलाई
52
26
126
अगस्त
56
28
140
सितंबर
57
32
143
अक्तूबर
69
44
173
नवंबर
63
26
159
दिसंबर
71
34
158
कुल
690
320
1678
वर्जन
यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती की जा रही है। तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और लेन चेंज पर हमारा खास फोकस है। चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेसल सिस्टम के माध्यम से भी लोगों जागरूक किया जाता है। पुलिस द्वारा निरंतर अभियान चलाकर शिक्षण संस्थान और चालकों को भी जागरूक किया जा रहा है।
- गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल
वर्जन
सड़क पर लोग सुरक्षित रहें, यही हमारा प्रयास है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हर माह आयोजित करके अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाती है। जहां भी खामी से संबंधित जानकारी होती है, उसे दुरुस्त कराते हैं। हादसाग्रस्त या संभावित क्षेत्रों की स्थिति पर मंथन करके भी सुधार के प्रयास किए जाते हैं। अब सीसीटीवी से भी निगाह रख रहे हैं।
- उत्तम सिंह, उपायुक्त