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Karnal News: पहले दिन पांच मामले पुराने तो तीन नए कानून के तहत दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 07:23 AM IST
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On the first day, five cases were registered under old law and three under new law.
राकेश चौहान
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करनाल। नए कानून के तहत सोमवार को जिले के 16 थानों में तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें पहला मामला निसिंग थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305, 331(4) के तहत चोरी का दर्ज किया गया। जिसमें चोर दी ब्रास पैक्स से पांच बैटरी व एक इनवर्टर चोरी कर फरार हो गया।
इसके अलावा बुटाना थाना में दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया। इससे अलग पांच मामले ऐसे दर्ज हुए हैं जो पुराने कानून के तहत यानी आईपीसी की धाराओं में दर्ज किए गए। इसके पीछे अधिकारियों का तर्क है कि इन मामलों में घटना व शिकायत 30 जून की थी। इसलिए इन मामलों को पुराने कानून आईपीसी की धाराओं में दर्ज किए गए हैं। नया कानून लागू होने पर कोर्ट में भी नए कानून के तहत कार्रवाई चलेगी। जो मामले पुराने कानून के तहत दर्ज हैं। उन पर कार्रवाई पुराने कानून के तहत होगी।
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अब भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)2023, दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व इंडियन एविडेंस एक्ट को भारतीय साक्ष्य अधिनियम के नाम से जाना जाएगा। संवाद
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छह महीनों में दर्ज हुए 4996 मामले
जिले के 16 थानों की बात करें तो जनवरी से जून तक इन छह महीनों में 4996 मामले दर्ज किए गए हैं। अब आगे सभी मामले नए कानून के तहत दर्ज होंगे। ऐसे में पुलिस अधिकारी से लेकर वकील तक को भी परेशानी झेलनी होगी। क्योंकि उन्हें नए कानून के तहत दर्ज मामले में नए कानून के तहत कार्यवाही करनी होगी और पुराने कानून के तहत दर्ज मामलों में पुराने कानून के तहत कार्यवाही करनी होगी।


उलझन में जांच अधिकारी
नया कानून लागू होने पर सबसे अधिक जांच अधिकारियों को परेशानी हो रही है। सोमवार को भी कई जांच अधिकारी नए कानून की किताबें पढ़ते नजर आए क्योंकि नए कानून में धाराएं बदल चुकी हैं। यानी आईपीसी में यौन उत्पीड़न का अभियोग 354ए धारा के तहत दर्ज किया जाता है। इसको अब बीएनएस में 75 (2) धारा के तहत दर्ज किया जाएगा। दुष्कर्म को 376 धारा में दर्ज किया जाता है नए कानून बीएनएस में 64 धारा के तहत दर्ज किया जाएगा। इसी प्रकार अन्य धाराओं के नंबरों में बदलाव किया गया।



जो मामले आईपीसी की धाराओं में दर्ज हुए हैं वह घटना व शिकायत 30 जून की थी। नया कानून लागू हो चुका है। नए कानून के तहत ही अब मामले दर्ज होंगे। इसके लिए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है और जागरूक भी किया जा रहा है।
- नायब सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर, करनाल
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