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Karnal News: अब डाक हो या आदेश, केवल ऑनलाइन होंगे पारित और जारी
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- समेटा जाने लगा कार्यालयों में सड़ गल रहा सरकारी रिकॉर्ड
- एनआईसी ने ई-फॉर्मस पोर्टल पर बनाई सभी विभागों की दो-दो ई-मेल आईडी
- जिले के 50 से ज्यादा विभागाध्यक्षों को वीडियो एडवाइजरी भेज दे रहे प्रशिक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सीएम के आदेशों के चार साल बाद अब जिला प्रशासन ई-ऑफिस प्रणाली को लागू करने की योजना बना रहा है। सबसे पहले सरकारी कार्यालयों से पुराना सड़ गल रहा सरकारी रिकॉर्ड समेटा जा रहा है। लघु सचिवालय के कर्मचारी पुराने रिकॉर्ड की गठरियां बनाकर इसे ढोने लगे हैं। हालांकि सचिवालय के सभी दफ्तरों, शिक्षा विभाग और निर्वाचन कार्यालय से सड़ गल चुके सरकारी रिकॉर्ड को शिफ्ट करने में अभी समय लग सकता है।
दूसरी ओर अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को आदेश दिए जा रहे हैं कि अब वे डाक हो या आदेश हों केवल ऑनलाइन पोर्टल से ही लेंगे। कोई भी फाइल दस्ती जमा नहीं होगी, न डाक निकलेगी और न आदेश पारित होंगे और न जारी होंगे। इसमें जहां ऑनलाइन खामी मिली उसके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाएगी।
ई-ऑफिस को सभी कार्यालयों में लागू कराने के लिए एनआईसी ने ई-फाॅमर्स पोर्टल पर सभी विभागाध्यक्षों की दो दो ई-मेल आईडी तक बना दी। इनको पोर्टल से जोड़ दिया गया। बावजूद अधिकारी अब तक इन पर काम करने में सक्षम नहीं हो पाए। इसे देखते हुए एनआईसी की ओर से ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों की मदद के लिए वीडियो बनाकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया जा रहा है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी कैसे इस पोर्टल और ई-मेल के माध्यम से काम कर सकते हैं।
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ई-ऑफिस प्रणाली अब तक केवल कागजों में चल रही थी। जबकि दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में लोगों के दस्तावेज धूल फांक रहे हैं। दस्तावेजों की गठरियां कार्यालयों की अलमारियों पर पड़ी हैं। दस्तावेज सड़ रहे हैं। खुद को बचाने के लिए अधिकारियों ने पुराने रिकॉर्ड को ठिकाने लगाने का काम शुरू कर दिया है। बावजूद अब तक ऑनलाइन प्रणाली सुचारू नहीं हो सकी है। आज भी सरकारी कार्यालयों में कागजों पर काम हो रहा है।
ई-ऑफिसर को लेकर अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सभी को समझाने के लिए एक वीडियो एडवाइजरी भी जारी की है। सभी की ई-मेल आईडी पोर्टल से जोड़ दी गई हैं। प्रणाली लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
कमल त्यागी, डीआईओ, एनआईसी
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- एनआईसी ने ई-फॉर्मस पोर्टल पर बनाई सभी विभागों की दो-दो ई-मेल आईडी
- जिले के 50 से ज्यादा विभागाध्यक्षों को वीडियो एडवाइजरी भेज दे रहे प्रशिक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सीएम के आदेशों के चार साल बाद अब जिला प्रशासन ई-ऑफिस प्रणाली को लागू करने की योजना बना रहा है। सबसे पहले सरकारी कार्यालयों से पुराना सड़ गल रहा सरकारी रिकॉर्ड समेटा जा रहा है। लघु सचिवालय के कर्मचारी पुराने रिकॉर्ड की गठरियां बनाकर इसे ढोने लगे हैं। हालांकि सचिवालय के सभी दफ्तरों, शिक्षा विभाग और निर्वाचन कार्यालय से सड़ गल चुके सरकारी रिकॉर्ड को शिफ्ट करने में अभी समय लग सकता है।
दूसरी ओर अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को आदेश दिए जा रहे हैं कि अब वे डाक हो या आदेश हों केवल ऑनलाइन पोर्टल से ही लेंगे। कोई भी फाइल दस्ती जमा नहीं होगी, न डाक निकलेगी और न आदेश पारित होंगे और न जारी होंगे। इसमें जहां ऑनलाइन खामी मिली उसके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाएगी।
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ई-ऑफिस को सभी कार्यालयों में लागू कराने के लिए एनआईसी ने ई-फाॅमर्स पोर्टल पर सभी विभागाध्यक्षों की दो दो ई-मेल आईडी तक बना दी। इनको पोर्टल से जोड़ दिया गया। बावजूद अधिकारी अब तक इन पर काम करने में सक्षम नहीं हो पाए। इसे देखते हुए एनआईसी की ओर से ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों की मदद के लिए वीडियो बनाकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया जा रहा है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी कैसे इस पोर्टल और ई-मेल के माध्यम से काम कर सकते हैं।
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ई-ऑफिस प्रणाली अब तक केवल कागजों में चल रही थी। जबकि दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में लोगों के दस्तावेज धूल फांक रहे हैं। दस्तावेजों की गठरियां कार्यालयों की अलमारियों पर पड़ी हैं। दस्तावेज सड़ रहे हैं। खुद को बचाने के लिए अधिकारियों ने पुराने रिकॉर्ड को ठिकाने लगाने का काम शुरू कर दिया है। बावजूद अब तक ऑनलाइन प्रणाली सुचारू नहीं हो सकी है। आज भी सरकारी कार्यालयों में कागजों पर काम हो रहा है।
ई-ऑफिसर को लेकर अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सभी को समझाने के लिए एक वीडियो एडवाइजरी भी जारी की है। सभी की ई-मेल आईडी पोर्टल से जोड़ दी गई हैं। प्रणाली लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
कमल त्यागी, डीआईओ, एनआईसी