हरियाणा: अब स्टेडियम में सैर करना पड़ेगा महंगा, देना होगा शुल्क, तीन तरह के बनेंगे आईकार्ड
प्रशिक्षु खिलाड़ियों के लिए निशुल्क: हरे रंग का कार्ड, सामान्य खिलाड़ियों के लिए सौ रुपये का नारंगी रंग का कार्ड, वहीं, गैर खिलाड़ियों के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह वाला पीला आई कार्ड दिया जाएगा।
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अब हरियाणा के खेल स्टेडियमों में सैर करने आने वाले लोगों को प्रवेश शुल्क देना होगा। खेल विभाग यह व्यवस्था इसलिए शुरू करने जा रहा है ताकि स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो, क्योंकि सुबह और शाम के समय लोग वहां घूमने तो आते ही हैं, साथ ही कुछ लोग स्टेडियम में बेवजह टाइम पास करते हैं जिससे खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है।
इस व्यवस्था के तहत जहां खेल विभाग के प्रशिक्षकों के अधीन अभ्यास कर रहे प्रशिक्षु खिलाड़ियों का प्रवेश निशुल्क: होगा, वहीं सामान्य खिलाड़ियों को हर माह सौ रुपये देने होंगे। जबकि घूमने आने वाले लोगों को एक हजार रुपये शुल्क देना होगा। इसके लिए खिलाड़ी और गैर खिलाड़ियों के आई कार्ड बनाए जाएंगे और आई कार्ड से ही स्टेडियम में प्रवेश मिलेगा।
चहारदीवारी होगी ऊंची
इस संदर्भ में खेल एवं युवा कार्यक्रम राज्य मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में स्पोर्ट्स एंड फिजिकल फिटनेस अथॉरिटी ऑफ हरियाणा की एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक हुई। जिसमें खेल विभाग के अधिकारियों को अनुशासित शैक्षिक खेल परिसरों का माहौल देने के उद्देश्य से कई बदलाव करने को लेकर चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि कई जिलों के स्टेडियम में नियमित सैर करने वाले लोगों के कारण विभागीय प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण प्रभावित होने की शिकायतें आ रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए खेल मंत्री ने सभी खेल परिसरों की चहारदीवारी को ऊंचा कराने और मुख्य गेटों पर बगैर आईकार्ड के परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
तीन प्रकार के आई कार्ड बनेंगे
इस व्यवस्था के तहत तीन रंगों के आई कार्ड दिए जाएंगे। जिसमें प्रशिक्षु खिलाड़ियों के लिए निशुल्क: हरे रंग का कार्ड, सामान्य खिलाड़ियों के लिए सौ रुपये का नारंगी रंग का कार्ड, वहीं, गैर खिलाड़ियों के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह वाला पीला आई कार्ड दिया जाएगा। आई कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक मई के बाद बगैर आई कार्ड के स्टेडियम में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
स्टेडियम के तीन मुख्य गेट हैं। दो मुख्य और एक पंचायत भवन की ओर, जहां होमगार्ड की तैनाती की जाएगी। जहां से आई कार्ड देख कर ही प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही कैंपस को पूरी तरह से सीसीटीवी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की निगरानी में रखने पर भी खेल विभाग ने काम शुरू कर दिया है। विभाग द्वारा उठाए जा रहे इस कदम से खेल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा का माहौल कायम होगा। -अशोक दुआ, जिला खेल अधिकारी