{"_id":"66839b457d460f8dc70dc0fc","slug":"now-students-of-mhu-karnal-and-england-will-do-research-together-2024-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: अब एमएचयू करनाल और इंग्लैंड के विद्यार्थी मिलकर करेंगे शोध, छात्रों को दोहरी डिग्री देने पर हुई बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: अब एमएचयू करनाल और इंग्लैंड के विद्यार्थी मिलकर करेंगे शोध, छात्रों को दोहरी डिग्री देने पर हुई बात
Tue, 02 Jul 2024 11:46 AM IST
नवीन दलाल
देव शर्मा, करनाल (हरियाणा)
देव शर्मा, करनाल (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Tue, 02 Jul 2024 11:46 AM IST
सार
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय और इंग्लैंड के बरुनल विश्वविद्यालय के बीच पिछले वर्षों में ही एक करार हुआ था, जिसमें सब्जी व फलों के लिए सौर ऊर्जा आधारित शीत गृह (सोलर कोल्ड स्टोर) की तकनीक विकसित की जा रही है
विज्ञापन
Dual Degree Program
- फोटो : Amar ujala graphics
विस्तार
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (एमएचयू) करनाल और इंग्लैंड के बरुनल विश्वविद्यालय के छात्र अब बागवानी क्षेत्र में मिलकर अनुसंधान कार्य करेंगे। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच ड्यूल डिग्री पर भी बातचीत चल रही है। जिसमें दो वर्षीय डिग्री में एक साल तक छात्र करनाल में पढ़ेंगे तो दूसरे साल में इंग्लैंड जाकर अनुसंधान के गुर सीखेंगे। इसमें दोनों ही विश्वविद्यालयों की ओर से छात्र को डिग्री प्रदान की जाएगी।
विज्ञापन
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय और इंग्लैंड के बरुनल विश्वविद्यालय के बीच पिछले वर्षों में ही एक करार हुआ था, जिसमें सब्जी व फलों के लिए सौर ऊर्जा आधारित शीत गृह (सोलर कोल्ड स्टोर) की तकनीक विकसित की जा रही है। जिस पर अब निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। इस परियोजना की समीक्षा के लिए ही 16 से 20 जून के बीच एमएचयू के कुलपति डॉ. एसके मल्होत्रा ने इंग्लैंड की बरुनल यूनिवर्सिटी का दौरा भी किया है। जिसके तहत कई और नए तथ्य सामने आए हैं।
विज्ञापन
कुलपति डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज बनाना काफी महंगा होता है और खासकर ग्रामीण क्षेत्र में जहां बिजली की उपलब्धता कम होती है, वहां कोल्ड स्टोर नहीं बन पाते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए ही सोलर कोल्ड स्टोर के निर्माण पर अनुसंधान किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत शीघ्र करनाल में की जाएगी। इसके बनने से सब्जियों, फलों के भंडारण में बड़ा लाभ होगा। किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इस कोल्ड स्टोर में सामान्य कोल्ड स्टोर से करीब 50 प्रतिशत कम लागत आएगी।
विज्ञापन
कुलपति ने बताया कि बरुनल विश्वविद्यालय के साथ इस बार एक नया करार भी किया गया है। जिसके तहत एमएचयू व बरुनल के विद्यार्थी मिलकर शोध कार्य करेंगे। अभी इसके मापदंड तय किए जाने हैं। बात चल रही है कि जो छात्र करनाल में पढ़ रहे हैं, वह एक साल यदि करनाल में पढ़ते हैं तो उन्हें दूसरे साल बरुनल में शोध कार्य के लिए भेजा जा सकता है। ये ऐच्छिक होगा। इसी तरह से बरुनल विश्वविद्यालय के जो छात्र एक साथ वहां शोध करके दूसरे साल यहां अध्ययन के लिए आना चाहेंगे, वह आएंगे। इसमें छात्रों को दोनों ही विश्वविद्यालय डिग्री प्रदान करेंगे। इससे अनुसंधान कार्यों में तेजी आएगी। दोनों देशों की तकनीक साझा करके बेहतर कार्य किया जा सकेगा।
इंग्लैंड के बरुनल विश्वविद्यालय के साथ करार हुआ है। उनके और एमएचयू करनाल के छात्र मिलकर बागवानी विषयों पर अनुसंधान करेंगे। अभी बातचीत चल रही है कि छात्र को दोनों ही विश्वविद्यालय डिग्री प्रदान करें, जो छात्रहित में भी बेहतर होगा। इसमें बागवानी के उत्थान के लिए सोलर कोल्ड स्टोर, कृषि अवशेषों का कोल्ड स्टोरेज में उपयोग, सोलर ड्रायर सिस्टम आदि विषयों को लेकर अनुसंधान कार्य कर सकेंगे। जिसका सीधा लाभ किसानों को होगा। -डॉ. एसके मल्होत्रा, कुलपति, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल।