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Karnal News: अब अपने क्लस्टर के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता जांचेंगे सीआरसी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 06:50 AM IST
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Now CRC will check the quality of education in the schools of its cluster.
करनाल। राजकीय स्कूलों में एफएलएन के तहत चल रही गतिविधियों और शिक्षा गुणवत्ता को लेकर निगरानी के लिए एक टीम और गठित कर दी गई है। अब क्लस्टर स्तर पर प्रभारी बने प्रिंसिपल यानी सीआरसी को भी निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। उन्हें अपने क्लस्टर के अधीन आने वाले स्कूलों में जाकर महीने में कम से कम एक बार जांच जरूर करनी होगी।
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जिसकी रिपोर्ट वे ऑनलाइन एप के माध्यम से निदेशालय को भेजेंगे। इसे लेकर जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल ने भी निर्देश जारी कर दिए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को जिला स्तरीय निपुण गतिविधियों की बैठक हुई। एफएलएन के तहत हुई बैठक में उन्होंने बताया कि करनाल जिले में 778 राजकीय स्कूलों को 94 क्लस्टर में विभाजित किया गया है।
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अब केवल स्कूल मुखिया ही अपने स्कूल की गतिविधियों को नहीं देखेगा, बल्कि क्लस्टर स्तर पर भी टीम अपने क्षेत्र के स्कूलों की तुलनात्मक रिपोर्ट देगी। बैठक में डीपीसी उर्वशी विज और जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर विपिन कुमार, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, खंड समन्वयक और क्लस्टर प्रभारी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
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निपुण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए होगी सख्ती
जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल ने सभी खंडों से आए हुए बीईओ, बीआरसी, एफएलएन, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर व क्लस्टर हेड को संबोधित करते हुए कहा कि एफएलएन के तहत विद्यालय में होने वाली गतिविधियों को गंभीरता से लें, ताकि निपुण लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। निदेशालय की ओर से स्टेट निपुण मेंबर मोक्षित जैन ने निपुण के तहत स्कूल स्तर, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर की जाने वाली निगरानी की रिपोर्ट ली। सभी ब्लॉकों में एफएलएन के तहत चल रही गतिविधियों पर चर्चा की।


इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
बैठक में मुख्य रूप से एफएलएन बुक्स वितरण, टीएलएम प्रयोग, कक्षा कक्ष को प्रिंट रिच बनाना, सीआरसी मॉनिटरिंग एप, एफएलएन सोशल मीडिया, दीक्षा कोर्स पर 100 प्रतिशत अध्यापकों की भागीदारी, नियमित रूप से एबीआरसी, बीआरपी मॉनिटरिंग, संपर्क टीवी बॉक्स आदि पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के पहचान पत्र भी बनाए जाएंगे। जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा, संपर्क जिला कोऑर्डिनेटर पूजा और विवेक ने भी विचार रखे।
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