फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Now AI sensor will tell the conception status of animals

Karnal News: अब एआई सेंसर बताएगा पशुओं में गर्भाधान स्थिति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2024 07:34 AM IST
विज्ञापन
Now AI sensor will tell the conception status of animals
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में कार्यशाला का आयोजन
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पशुओं में गर्भाधान से पूर्व (हीट) और बाद की स्थिति की सटीक जानकारी हो तो पशुपालकों को पशुपालन में सरलता हो सकती है। अब वैज्ञानिक कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) तकनीक से ऐसा ही एक साॅफ्टवेटर और सेंसर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसे पशु के शरीर में लगाकर उसकी स्थितियां आसानी से पता हो सके। इसे लेकर बुधवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में एक कार्यशाला आयोजित की गई।
एनडीआरआई के पशुधन उत्पादन प्रबंधन प्रभाग में संस्थागत विकास योजना-राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (आईडीपी-एनएएचईपी) के तहत ''प्रिसिजन (शुद्धता ) डेयरी फार्मिंग के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आईओटी सक्षम सेंसर प्रौद्योगिकियों का अनुप्रयोग विषय पर कार्यशाला हुई। जिसमें निदेशक और कुलपति डॉ. धीर सिंह खुद उपस्थित तो नहीं थे लेकिन उनके द्वारा भेजे गए संदेश में कहा गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) दो अग्रणी और सबसे तेजी से विकसित होने वाली प्रौद्योगिकियां हैं। जो कृषि और पशु विज्ञान सहित कई उद्योगों में क्रांति लाने का काम कर रही है। ये सटीक पशुधन पालन तकनीकें खेती को निश्चितता और पूर्वानुमेयता प्रदान करती हैं और हमारे पशुधन की आवाजाही, स्थान, प्रजनन, आहार और पशु कल्याण की निगरानी में मदद करेंगी।
विज्ञापन

संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने कहा कि आईओटी और एआई-डिवाइस पशुधन प्रबंधन का भविष्य हैं और हमारे डेयरी किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। जिसके द्वारा वे अपने फार्म को चौबीसों घंटे इंटरनेट के माध्यम से जोड़ कर निगरानी कर सकते हैं। सीएसआईआर चंडीगढ़ से डॉ. रितेश कुमार और आईआईटी, रोपड़ (पंजाब) से डॉ. मुकेश सैनी ने संकाय और छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुधन उत्पादन प्रबंधन प्रभाग के प्रमुख डॉ. पवन सिंह ने कहा कि कार्यशाला जनसंख्या वृद्धि, संसाधन प्रतिस्पर्धा, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अभिनव समाधान प्रदान करेगी। आयोजन सचिव डॉ. इंदु देवी ने कहा कि यह कार्यशाला बड़े डेटा की रिकॉर्डिंग, ट्रैकिंग, विश्लेषण और प्रबंधन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग तकनीकों के अनुप्रयोग में लगे संकाय और छात्रों के ज्ञान और प्रदर्शन को बढ़ाने में बेहद उपयोगी साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed