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Karnal News: गर्भावस्था का पंजीकरण न करवाने पर 20 को नोटिस
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- स्वास्थ्य विभाग कर रहा 800 से कम लिंगानुपात वाले 39 गांवों की निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में गर्भावस्था की पहली तिमाही में अपना पंजीकरण न करवाने वाले 20 लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब आगामी 15 दिनों में देना अनिवार्य है। वहीं तय समयानुसार नोटिस का जवाब न देने वालों पर विभाग अपने स्तर पर जांच बिठा सकता है। 20 लोगों के अलावा विभाग की ओर से 800 से कम लिंगानुपात वाले 39 गांवों की सूची तैयार कर एमओ की ओर से विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिससे कन्या भ्रूणहत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जा सके।
विभाग की ओर से किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि गर्भावस्था की पहली तिमाही में देरी से पंजीकरण करवाने वालों के यहां पर पहला बच्चा बेटी पैदा हुई है। ऐसे में बेटे की लालसा में कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिल रहा है। इसे देखते हुए जिलेभर के 20 लोगों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
वर्ष 2023 में जिलेभर में 20,036 महिलाएं गर्भवती हुईं। इनमें से 17,182 महिलाओं ने अपनी गर्भावस्था की पहली तिमाही में अपनी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, पीएचसी, सीएचसी केंद्र या अपनी संबंधित आशा कर्मियों को अपना पंजीकरण करवाया था। यानी कुल गर्भवतियों में से 85.75 महिलाओं ने सही समय पर पंजीकरण करवाया और 14.25 प्रतिशत महिलाओं ने देरी से पंजीकरण करवाया। उन्होंने बताया कि यह पंजीकरण सीधे तौर पर मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने में सहायक है, क्योंकि इस जानकारी के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवतियों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी निगरानी रखी जाएगी।
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जिले में कन्या भ्रूण हत्या सहित गर्भ में पल रहे भ्रूण व गर्भवतियों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। जिले में इसका प्रतिशत 100 फीसदी होना चाहिए, लेकिन यहां पर 80 से 85 के बीच में ही हर वर्ष पंजीकरण रहता है। समय पर पंजीकरण न करने वालों में अधिकतर के यहां पर बेटी पैदा हुई पाई गई है। जिससे कन्या भ्रूण हत्या की आशंका की संभावना को देखते हुए ही 20 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। अब हर माह लोगों की सूची तैयार कर नोटिस जारी किया जाएगा।
डॉ. शीनू चौधरी, उप-सिविल सर्जन, पीएनडीटी एवं परिवार कल्याण, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में गर्भावस्था की पहली तिमाही में अपना पंजीकरण न करवाने वाले 20 लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब आगामी 15 दिनों में देना अनिवार्य है। वहीं तय समयानुसार नोटिस का जवाब न देने वालों पर विभाग अपने स्तर पर जांच बिठा सकता है। 20 लोगों के अलावा विभाग की ओर से 800 से कम लिंगानुपात वाले 39 गांवों की सूची तैयार कर एमओ की ओर से विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिससे कन्या भ्रूणहत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जा सके।
विभाग की ओर से किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि गर्भावस्था की पहली तिमाही में देरी से पंजीकरण करवाने वालों के यहां पर पहला बच्चा बेटी पैदा हुई है। ऐसे में बेटे की लालसा में कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिल रहा है। इसे देखते हुए जिलेभर के 20 लोगों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
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वर्ष 2023 में जिलेभर में 20,036 महिलाएं गर्भवती हुईं। इनमें से 17,182 महिलाओं ने अपनी गर्भावस्था की पहली तिमाही में अपनी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, पीएचसी, सीएचसी केंद्र या अपनी संबंधित आशा कर्मियों को अपना पंजीकरण करवाया था। यानी कुल गर्भवतियों में से 85.75 महिलाओं ने सही समय पर पंजीकरण करवाया और 14.25 प्रतिशत महिलाओं ने देरी से पंजीकरण करवाया। उन्होंने बताया कि यह पंजीकरण सीधे तौर पर मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने में सहायक है, क्योंकि इस जानकारी के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवतियों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी निगरानी रखी जाएगी।
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जिले में कन्या भ्रूण हत्या सहित गर्भ में पल रहे भ्रूण व गर्भवतियों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। जिले में इसका प्रतिशत 100 फीसदी होना चाहिए, लेकिन यहां पर 80 से 85 के बीच में ही हर वर्ष पंजीकरण रहता है। समय पर पंजीकरण न करने वालों में अधिकतर के यहां पर बेटी पैदा हुई पाई गई है। जिससे कन्या भ्रूण हत्या की आशंका की संभावना को देखते हुए ही 20 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। अब हर माह लोगों की सूची तैयार कर नोटिस जारी किया जाएगा।
डॉ. शीनू चौधरी, उप-सिविल सर्जन, पीएनडीटी एवं परिवार कल्याण, करनाल