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Karnal News: नहीं मिली नई सौगात, पुरानी परियोजनाएं ठप

Sat, 28 Dec 2024 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 28 Dec 2024 02:10 AM IST
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No new gift was received, old projects were stalled
राकेश चौहान
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करनाल। स्वास्थ्य सेवाओं का हब कहे जाने वाले कर्ण नगरी में इस साल ना तो कोई सौगात मिली और न ही पिछले कार्य पूरे हुए। इतना ही नहीं जो नए कार्य शुरू होने थे वह भी ज्यों के त्यों रहे। जो कार्य कई वर्षों से चल रहे हैं, वह कछुआ गति से चलते रहे और जो काम ठप पड़े थे, वह ठप ही रहे।
कुटेल गांव में करीब दो हजार करोड़ रुपये से पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य कई वर्षों से चल रहा है। जहां नर्सिंग कॉलेज सहित कुछ भवन ही बने है। वहीं कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के फेज 2 के पहले चरण का कार्य भी चल रहा है। जिसमें अस्पताल हॉस्टल सहित अन्य भवन बनाए जाने हैं। इससे अलग डेंगू के केस केस में ही पिछले 9 साल की तुलना में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं पिछले लंबे समय से जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ व पीएमओ के भी पद खाली पड़े रहे। पीएमओ का पद अभी भी खाली है। संवाद
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नहीं बना नागरिक अस्पताल का नया भवन

शहर में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की जमीन में पुरानी बिल्डिंग जिला नागरिक अस्पताल चल रहा है। कई वर्षों से जिला नागरिक अस्पताल का नया भवन बनाने पर मंथन किया जा रहा है। इसके लिए सेक्टर 32 में करीब नौ एकड़ जमीन का चयन किया गया है। इसके बाद भवन बनाने का प्लान कागजों में ही चल रहा है।
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शुरू नहीं हुआ आईसीयू वार्ड

जिला नागरिक अस्पताल में लाखों रुपए खर्च कर अलग से आईसीयू वार्ड बनाने के लिए भवन तैयार किया गया है। इस भवन का निर्माण कार्य भी अभी अधर में ही लटका है। इस वर्ष आईसीयू वार्ड भी शुरू नहीं हो पाया।



सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं

कर्ण नगरी में प्राइवेट और सरकारी अस्पताल की संख्या बहुत अधिक है। यहां पर जिला नागरिक अस्पताल, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज व पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। इतने स्वास्थ्य संस्थान होने के बावजूद भी कर्ण नगरी में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है। जिले में सबसे ज्यादा न्यूरो सर्जन की आवश्यकता है, दुर्घटना में सिर में चोट लगने से ज्यादातर मरीजों को रेफर किया जाता है। हार्ट का कोई डॉक्टर नहीं है। जिले में कोई भी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर सरकारी संस्थान में नहीं है।



ये काम हैं अटके

- मूनक गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाना है। यह कार्य फरवरी 2021 से शुरू किया गया था लेकिन आज भी अधूरा है।



- इंद्री के रंबा गांव में सब हेल्थ सेंटर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करना था। यह कार्य भी 2020 में शुरू किया गया था। इस कार्य में एजेंसी और विभाग के बीच विवाद होने पर यह भी अटका हुआ है



- असंध के गुल्लरपुर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण भी अटका हुआ है। निर्माण एजेंसी ने कार्य करने से इनकार कर दिया। इसका सितंबर 2019 से काम शुरू हुआ था।



- नीलोखेड़ी खंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को नागरिक अस्पताल में तब्दील करना था। जिसके लिए भवन का निर्माण किया जाना है। यह कार्य भी अटका हुआ है। इसका अक्तूबर 2021 में काम शुरू हुआ था।


- समानाबाहु गांव के सब हेल्थ सेंटर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील करना था निर्माण एजेंसी के साथ विवाद के चलते काम रुका हुआ है। यह कार्य जून 2023 तक पूरा करना था।



- तरावड़ी में 50 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य भी अटका हुआ है। जिसे जून 2023 तक पूरा करना था।



- असंध के पाढ़ा गांव के सब हेल्थ सेंटर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील किया जाना था लेकिन अब इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने पर विचार किया जा रहा है । यह भी कार्य अटका हुआ है।
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