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Karnal News: तेंदुआ होने के अब तक नहीं मिले पुख्ता प्रमाण
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। कलवेहड़ी सड़क पर बीआरडी स्कूल के पास खेत में तेंदुआ आने के पुख्ता प्रमाण अभी तक उपलब्ध नहीं हो सके हैं। स्कूल के मंदिर में मौजूद जिस पुजारी ने तेंदुआ होने का दावा किया था, वहां सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए जैसा कोई जानवर साफ तौर पर नजर नहीं आया। इतना ही नहीं पुजारी को जब तेंदुए की वैकल्पिक फोटो दिखाई गई तो उन्होंने बताया कि जानवर इस तरह का नहीं था।
गौरतलब है कि पास के खेत में एक किसान रमेश द्वारा भी दावा किया गया था कि सबसे पहले 12 जून को दिन के समय उसने तेंदुए को जंगल की ओर जाते देखा था। इसके बाद बीआरडी स्कूल में मंदिर के पुजारी ने बताया था कि 13 जून की रात को जब वह गाड़ी से स्कूल में पहुंचे तो करीब 20-25 फुट दूर स्कूल की दीवार कूदकर तेंदुए को स्कूल में घुसने के बाद दूसरी दिशा में मुड़कर गेट से बाहर निकलते देखा था।
कुछ ग्रामीणों ने तो एक बछड़ा व दो-तीन कुत्ते गायब होने की बात कही है। सूचना मिलने पर पुलिस व वन विभाग की टीमें मौके पर सक्रिय हो गए। इसी दौरान जंगल में ग्रामीणों के सहयोग से सर्च अभियान चलाया गया लेकिन तेंदुए की मौजूदगी को ले कर कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं हो सका। यही वजह रही कि वन्य प्राणी विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया। हालांकि पुलिस की टीम अभी भी संदिग्ध क्षेत्र में यानी स्कूल व जंगल के आसपास सक्रिय है। कुंजपुरा थाना प्रभारी महावीर ने बताया कि स्कूल एवं जंगल के आसपास पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
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कुंजपुरा। कलवेहड़ी सड़क पर बीआरडी स्कूल के पास खेत में तेंदुआ आने के पुख्ता प्रमाण अभी तक उपलब्ध नहीं हो सके हैं। स्कूल के मंदिर में मौजूद जिस पुजारी ने तेंदुआ होने का दावा किया था, वहां सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए जैसा कोई जानवर साफ तौर पर नजर नहीं आया। इतना ही नहीं पुजारी को जब तेंदुए की वैकल्पिक फोटो दिखाई गई तो उन्होंने बताया कि जानवर इस तरह का नहीं था।
गौरतलब है कि पास के खेत में एक किसान रमेश द्वारा भी दावा किया गया था कि सबसे पहले 12 जून को दिन के समय उसने तेंदुए को जंगल की ओर जाते देखा था। इसके बाद बीआरडी स्कूल में मंदिर के पुजारी ने बताया था कि 13 जून की रात को जब वह गाड़ी से स्कूल में पहुंचे तो करीब 20-25 फुट दूर स्कूल की दीवार कूदकर तेंदुए को स्कूल में घुसने के बाद दूसरी दिशा में मुड़कर गेट से बाहर निकलते देखा था।
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कुछ ग्रामीणों ने तो एक बछड़ा व दो-तीन कुत्ते गायब होने की बात कही है। सूचना मिलने पर पुलिस व वन विभाग की टीमें मौके पर सक्रिय हो गए। इसी दौरान जंगल में ग्रामीणों के सहयोग से सर्च अभियान चलाया गया लेकिन तेंदुए की मौजूदगी को ले कर कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं हो सका। यही वजह रही कि वन्य प्राणी विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया। हालांकि पुलिस की टीम अभी भी संदिग्ध क्षेत्र में यानी स्कूल व जंगल के आसपास सक्रिय है। कुंजपुरा थाना प्रभारी महावीर ने बताया कि स्कूल एवं जंगल के आसपास पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
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