हरियाणा में NIA की रेड: करनाल में पुलिसकर्मी समेत दो घरों में जांच, अंबाला में किसान के घर दी दबिश
एनआईए की टीम ने करनाल पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिसकर्मी के घर जांच की। पुलिसकर्मी का बेटा और आरके पुरम निवासी अशोक भाटिया का बेटा दोनों विदेश में रहते हैं।
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करनाल में गुरुवार को विदेश से फंडिंग के शक में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने दो जगह आरके पुरम और करनाल पुलिस लाइन में रेड की। आरके पुरम में टीम ने अशोक भाटिया के घर पहुंचकर करीब तीन घंटे तक जांच की। इसके बाद एनआईए की टीम पुलिस लाइन में एक पुलिसकर्मी के घर पहुंची और जांच के बाद चली गई।
करीब सुबह पांच बजे एनआईए की टीम आरके पुरम इलाके में रहने वाले अशोक भाटिया के घर पहुंची। टीम के साथ हरियाणा पुलिस के जवान भी साथ रहे। दोनों जगह टीम ने घर का दरवाजा बंद कर अंदर दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की। सुबह पांच बजे से यह कार्रवाई करीब तीन घंटे तक चली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान किसी को भी घर के अंदर आने या बाहर जाने नहीं दिया गया।
एनआईए की टीम ने करनाल पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिसकर्मीके घर जांच की। पुलिसकर्मी का बेटा और आरके पुरम निवासी अशोक भाटिया का बेटा दोनों विदेश में रहते हैं। इन दोनों ने अमेरिका से किसी अपराध में शामिल आरोपी व्यक्ति के पास फंड ट्रांसफर किया है। इन ट्रांजेक्शनों का लिंक पंजाब में किसी मामले से जुड़ा हुआ है।
अमेरिका से पैसा क्यों भेजा, जानने के लिए चल रही जांच
दोनों युवकों ने पंजाब के किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने के लिए ये फंड भेजा है या अन्य कोई कारण है। इसके अलावा इसका किस केस से संबंध है, इस बारे में जांच की जा रही है। पैसों की यह ट्रांजेक्शन पंजाब के किसी केस से जुड़ी हुई हो सकती है, जिसमें विदेश से फंडिंग कर किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की साजिश थी। यह पूरी जांच करने के लिए एनआईए की टीम पहुंची थी।
अंबाला में एनआईए की टीम ने किसान के घर दी दबिश, पांच घंटे तक चली पूछताछ
नन्यौला रोड स्थित पंजौला गांव में वीरवार एनएआईए की टीम ने एक किसान विरेंद्र सिंह के घर में दबिश दी। सुबह 4 से 9 बजे तक टीम घर पर रही और किसान का खाता व मोबाइल भी खंगाला। टीम की दबिश के बाद पूरे गांव में हलचल मच गई। सूचना पाकर नन्यौला चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची। दबिश के बाद टीम बिना किसी को संग लिए वापस लौट गई।
नन्यौला चौकी प्रभारी एएसआई हरजिंद्र सिंह ने बताया कि टीम एक आरोपी के खाते में ट्रांसफर हुई राशि की जांच करने के लिए आई थी। संबंधित किसान के एक विदेश में बैठे दोस्त से भी फोन पर राशि के बारे में पूछताछ की। किसान विरेंद्र सिंह की कॉल हिस्ट्री आने के कारण टीम ने पूछताछ की थी। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टीम कोई दस्तावेज भी अपने संग लेकर गई है कि नहीं। किसान विरेंद्र सिंह खेतीबाड़ी करता है और गांव में किराये पर ट्रैक्टर-ट्राली भी चलाता है।