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Karnal News: नगर निगम अब घर पर दुरुस्त कराएगा प्रॉपर्टी आईडी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 May 2023 02:24 AM IST
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Municipal Corporation will now repair property ID at home
- तमाम प्रयासों के बावजूद त्रुटियां खत्म नहीं होने पर लिया निर्णय, टेंडर किया ऑनलाइन
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- 1.66 लाख घरों पर दस्तक देने की बनाई योजना

देव शर्मा
करनाल। लंबे प्रयासों के बावजूद प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियां खत्म नहीं हो पा रही हैं। यही कारण है अब नगर निगम ने प्रॉपर्टी आईडी का घर-घर जाकर दोबारा सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। जिसके तहत नगर निगम की टीमें सभी 1.66 लाख संपत्तियों तक पहुंचेंगी और मौके पर जाकर दोबारा फार्म भरकर स्थलीय सत्यापन के आधार पर प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त करेंगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी प्रॉपर्टी आईडी भी दुरुस्त हो जाए।
पिछले तीन सालों से शहर में सर्वे कर नई प्रॉपर्टी आईडी बनाने की कवायद शुरू की गई। इसकी जिम्मेदारी याशी कंपनी को दी गई थी। जिसने सबसे पहले ड्रोन सर्वे किया था लेकिन जब सर्वे के आंकड़े आए और लोगों को नोटिस जारी किए गए तो उसमें 80 प्रतिशत तक कमियां आईं। काफी दिन तक कंपनी ने उसे दुरुस्त करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी तो कंपनी ने दोबारा सर्वे कराया। इसके बाद जब असिस्मेंट नोटिस जारी किए गए तो भी करीब 50 फीसदी से अधिक त्रुटियां सामने आईं। किसी का भवन नंबर बदल गया तो किसी का क्षेत्रफल गलत दर्ज कर दिया गया।
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किसी की आईडी पर किसी और का फोन नंबर लिख दिया तो किसी का नाम ही गलत दर्ज कर दिया गया। फिर करीब सालभर तक संपत्तिधारक उसे दुरुस्त कराने के लिए निगम के चक्कर काटते रहे। आखिर यॉशी कंपनी ने भी हाथ खड़े कर दिए और त्रुटियों को सुधारने के लिए ऑनलाइन आब्जेक्शन डालने की बात कहकर कंपनी के कर्मचारी निगम कार्यालय से चले गए। जिसके कारण शहर के संपत्तिधारकों को दोहरी मार झेलनी पड़ी। एक बार तो सीएससी पर आब्जेक्शन दर्ज कराने जाना पड़ा, उसके बाद निगम के भी चक्कर लगाने पड़े।
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निकाय मंत्री के आदेश पर भी दूर नहीं हो सकीं कमियां
अप्रैल माह में स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता नगर निगम आए, सभी अधिकारियों के साथ बैठक में प्रॉपर्टी आईडी के कार्यों की समीक्षा की थी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 अप्रैल तक सभी प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त कर दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। एक एप भी जारी किया गया, जिसमें खुद ही फोन नंबर संबंधी त्रुटियों को संपत्तिधारक खुद सुधार सकता था लेकिन सुधार फिर भी संभव नहीं हो पाया। आलम ये है कि अभी भी निगम के जेटीओ के कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी दुरुस्त कराने वालों की लंबी लाइनें लगती हैं।

मौके पर त्रुटियों को किया जाएगा दुरुस्त
नगर निगम के संपत्तिकर अनुभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब नगर निगम ने लागू की गई प्रॉपर्टी आईडी पर ही दोबारा प्रॉपर्टी आईडी का सत्यापन कराने का फैसला किया है। इसमें वह खाली प्लाॅट भी शामिल किए जाएंगे, जिनका सर्वे इससे पहले नहीं हो सका था। इसके लिए नगर निगम ने पिछले महीने टेंडर लगाया था, जो 20 अप्रैल को खुला था। जिसके तहत छह संस्थाएं आई थी, लेकिन मानक पूरे नहीं होने के कारण सभी के आवेदन रद्द कर दिए गए थे।

अब निगम दोबारा टेंडर लगाने जा रहा है। टेंडर खुलने के बाद जो भी एजेंसी कार्य लेगी, उसके कर्मचारी नगर की सभी 166789 संपत्तिधारकों के घरों, प्रतिष्ठानों पर जाकर पहले से लागू प्रॉपर्टी आईडी का सत्यापन करेंगे, जो भी कमियां होंगी, मौके पर ही अभिलेखीय आधार पर ठीक करेंगे। जिसमें संपत्तिधारक का नाम, एरिया, क्षेत्रफल, फोन नंबर आदि सब कुछ दुरुस्त किया जाएगा लेकिन प्रॉपर्टी आईडी की संख्या वहीं रहेगी।
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