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Haryana: भाजपा सांसद नवीन ने लोकसभा में उठाई मतदान सुधार की मांग, बोले- तकनीक की मदद से सुरक्षित बनाना संभव
Thu, 11 Dec 2025 09:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Dec 2025 09:48 AM IST
सार
भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने उदाहरण देते हुए बताया कि एस्टोनिया, फ्रांस, स्विट्जरलैंड और मेक्सिको जैसे कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित रिमोट और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की व्यवस्था लागू कर रखी है।
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संसद में बोलते हुए सांसद नवीन जिंदल। संसद टीवी
- फोटो : संवाद
विस्तार
सांसद नवीन जिंदल ने बुधवार को शीतकालीन स्तर के दौरान लोकसभा में चुनाव सुधार पर प्रस्ताव रखते हुए देश में मतदान प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रवासी भारतीयों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र मतदाताओं के लिए सुरक्षित एब्सेंटी और ई-वोटिंग की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
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लोकसभा में अपने संबोधन में जिंदल ने कहा कि हम अक्सर ईजी ऑफ लाइफ और ईजी ऑफ डूईंग बिजनेस की चर्चा करते हैं, लेकिन अब देश को ईजी ऑफ वोटिंग पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि करीब 1.5 करोड़ भारतीय नागरिक विदेशों में रहते हैं और अनेक लोग केवल इसलिए मतदान नहीं कर पाते क्योंकि वे चुनाव के दिन भारत नहीं आ सकते।
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इस समस्या का सामना देश के भीतर कामकाजी नागरिक भी करते हैं, जो अपने शहर से दूर रहते हैं। जिंदल ने डिजिटल टेक्नोलॉजी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत हर दिन यूपीआई जैसी प्रणालियों के माध्यम से करोड़ों लेनदेन कर रहा है और मजबूत साइबर सुरक्षा का उपयोग कर रहा है। ऐसे में मतदान प्रक्रिया को तकनीक की मदद से सुरक्षित और सुलभ बनाना संभव है।
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उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एस्टोनिया, फ्रांस, स्विट्जरलैंड और मेक्सिको जैसे कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित रिमोट और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की व्यवस्था लागू कर रखी है। जिंदल ने सरकार और चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वैश्विक प्रणालियों का अध्ययन कर एक सुरक्षित और विश्वसनीय ई-वोटिंग व्यवस्था तैयार की जाए, जिससे प्रवासी भारतीय और अन्य पात्र मतदाता चुनाव के कम से कम एक सप्ताह पहले मतदान कर सकें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का असली उत्सव तभी पूरा होता है जब प्रत्येक नागरिक अपनी सरकार चुनने में भागीदारी कर सके। वोट केवल एक निशान नहीं, बल्कि नागरिक की पहचान और शक्ति है। तकनीक के माध्यम से इसे और सक्षम बनाया जा सकता है।