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माताएं खा रहीं फास्ट फूड नवजात भी हाे रहे शिकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Aug 2022 02:21 AM IST
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Mothers are eating fast food newborns are also victims
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। आजकल महिलाएं हरी सब्जियों को छोड़कर फास्ट फूड यानी बर्गर, चाउमीन और तली हुई खाद्य सामग्री खाना पसंद कर रही हैं। इसे महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं जो महिलाएं गर्भधारण कर चुकी है, वे भी अपने खान-पान में बदलाव न लाकर पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा रही है। ऐसे में नवजात बच्चों में कुपोषण फैल रहा है।
जिला महिला एवं बाल विकास विभाग से जिला परियोजना समन्वयक ज्योति गागट ने बताया कि गर्भधारण करने के बाद महिला को नौ माह तक बच्चे को पेट में ही पालना होता है। इस दौरान महिला जो भी खाद्य पदार्थ खाती है, उसका असर उसके पेट में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को अपने बच्चे को कुपोषण से बचाने के लिए हेल्दी खाना खाना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को अपने सामान्य भोजन के अलावा लगभग 300 कैलोरी से अधिक की आवश्यकता होती है। इसके लिए वह साबुत अनाज की रोटी, सब्जियां, फलियां, कॉर्बोहाइड्रेट व दैनिक आहार में तरल पदार्थ और फाइबर की अच्छी मात्रा शामिल करनी चाहिए। महिला को भिन्न-भिन्न रंगों की सब्जियों का लगभग तीन से पांच बार सेवन करना चाहिए।
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डीपीसी गागट ने बताया कि जैसे-जैसे पेट में पल रहा बच्चा बढ़ेगा, वैसे-वैस भूख भी बढ़ती जाएगी। आहार में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि शिशु के लिए विकास में सहायक सभ पोषक तत्व उसे समय से मिलते रहे। दूसरी तिमाही में गर्भवती को प्रत्येक दिन अलग-अलग सब्जियों को खाए। ध्यान रखे कि प्लेट हमेशा रंग बिरंगे आहार से भरी रहे। कम वसा वाला डेयरी उत्पाद भी ले। जिससे पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता रहे।

गर्भवती प्रतिदिन दो बार लें प्रोटीन
गर्भवती महिला को प्रतिदिन कम से कम दो बार प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का शामिल करने चाहिए। पनीर जैसे डेयरी उत्पादों के साथ अंडे भी प्रोटीन का एक समृद्ध स्त्रोत है। वहीं फलों में पपीता, अनानास, बैंगन, काले अंगूर, पत्ता गोभी व अधिक मीठा खाना न खाएं। कैफीन वाले किसी भी उत्पाद को सेवन न करें। ज्यादा नमकीन खाद्य पदार्थों को खाने से बचें, क्योंकि इससे पैरों और उंगलियों में सूजन हो सकती है। वहीं गर्भवती को मांसाहार से दूर रहना चाहिए, क्योंकि मांस पाए जाने वाले विटामिन ए का स्तर खतरनाक होता है।
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