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Karnal News: मां-बेटा 12.60 लाख की धोखाधड़ी में नामजद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। बयाना कराने के बाद भी दुकान को अपनी देवरानी को बेचते हुए 12.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी मां-बेटा पर केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में अराईंपुरा निवासी दीपक ने बताया कि उनके गांव की संतोष देवी और उनके पुत्र कंवलदीप से 68 वर्ग गज दुकान को लेकर 72.51 लाख रुपये में खरीदने के लिए इकरारनामा हुआ था। 18 अप्रैल को बयाने के तौर पर 12.50 लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए। बयाने में रजिस्ट्री की तारीख 18 अक्तूबर तय की गई थी।
जुलाई माह में उन्हें पता चला कि संतोष देवी ने दुकान को अपने देवर चंद्र शेखर व बबीता को बेचना चाह रही है। इसके बाद वे चंद्र शेखर व बबीता के पास गए तथा उन्हें बताया कि संतोष देवी ने उनके साथ दुकान बेचने का सौदा किया है। इस दौरान उन्हें पता चला कि संतोष देवी ने दुकान पर बैंक से लोन ले रखा है और बैंक वाले भी इस दुकान की बोली लगा सकते हैं।
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ऐसे में संतोष देवी व बैंक के खिलाफ अपने हक में रजिस्ट्री कराने के लिए करनाल दीवानी अदालत में दावा दायर किया। मामला अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद संतोष व उनके बेटे कंवलदीप ने बबीता के नाम छह सितंबर को रजिस्ट्री करवा दी। पुलिस का कहना आरोपी मां-बेटा पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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करनाल/घरौंडा। बयाना कराने के बाद भी दुकान को अपनी देवरानी को बेचते हुए 12.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी मां-बेटा पर केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में अराईंपुरा निवासी दीपक ने बताया कि उनके गांव की संतोष देवी और उनके पुत्र कंवलदीप से 68 वर्ग गज दुकान को लेकर 72.51 लाख रुपये में खरीदने के लिए इकरारनामा हुआ था। 18 अप्रैल को बयाने के तौर पर 12.50 लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए। बयाने में रजिस्ट्री की तारीख 18 अक्तूबर तय की गई थी।
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जुलाई माह में उन्हें पता चला कि संतोष देवी ने दुकान को अपने देवर चंद्र शेखर व बबीता को बेचना चाह रही है। इसके बाद वे चंद्र शेखर व बबीता के पास गए तथा उन्हें बताया कि संतोष देवी ने उनके साथ दुकान बेचने का सौदा किया है। इस दौरान उन्हें पता चला कि संतोष देवी ने दुकान पर बैंक से लोन ले रखा है और बैंक वाले भी इस दुकान की बोली लगा सकते हैं।
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ऐसे में संतोष देवी व बैंक के खिलाफ अपने हक में रजिस्ट्री कराने के लिए करनाल दीवानी अदालत में दावा दायर किया। मामला अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद संतोष व उनके बेटे कंवलदीप ने बबीता के नाम छह सितंबर को रजिस्ट्री करवा दी। पुलिस का कहना आरोपी मां-बेटा पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।