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Karnal News: मोबाइल फोन भी बना मतदाताओं के लिए परेशानी
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कई मतदाता जब मोबाइल फोन रखने घर गए तो लौट कर नहीं आए, फोन को दूसरे को देने से भी कतराए
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इस बार मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी थी, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जो अकेले वोट डालने पहुंचे, उन्हें दोबारा घर लौट कर फोन घर पर रखने जाना पड़ा तो जो परिवार के साथ गए थे, उनमें एक व्यक्ति को बाहर खड़े रहकर मोबाइल फोन की रखवाली करनी पड़ी। इसका भी प्रभाव मतदान पर पड़ा। पहले चुनाव में भले ही मोबाइल फोन को स्वीचऑफ करके व्यक्ति मतदान कर देता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। हालांकि जिला निर्वाचन अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया था कि मतदाता वोट डालने के लिए जाते समय मतदान केंद्र में मोबाइल न ले जाएं। ये भी बताया था कि कौन-कौन अधिकारी अपना मोबाइल फोन मतदान केंद्र में ले जा सकेंगे लेकिन जिला प्रशासन सभी तक ये बात नहीं पहुंचा पाया।
परिणाम ये हुआ कि लोग मोबाइल फोन लेकर जब मतदान केंद्र पहुंचे तो उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। कहा कि मोबाइल फोन बाहर रखकर आओ। इसमें कई लोग ऐसे रहे, जो मोबाइल रखने वापस घर गए तो लौटकर ही नहीं आए। दरअसल, अब मोबाइल फोन की ऐसी आदत लग चुकी है कि कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से अधिक समय तक दूर रहना नहीं चाहता है। दूसरी खास बात ये है कि अपना मोबाइल फोन, लोग दूसरे के हाथों में भी देना नहीं चाहते। इस समस्या के कारण कहीं न कहीं मतदान का प्रतिशत प्रभावित रहा। शुरुआती समय में इस बिंदु को भले ही जिला प्रशासन या चुनाव आयोग ने गंभीरता से नहीं लिया हो लेकिन लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इस बार मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी थी, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जो अकेले वोट डालने पहुंचे, उन्हें दोबारा घर लौट कर फोन घर पर रखने जाना पड़ा तो जो परिवार के साथ गए थे, उनमें एक व्यक्ति को बाहर खड़े रहकर मोबाइल फोन की रखवाली करनी पड़ी। इसका भी प्रभाव मतदान पर पड़ा। पहले चुनाव में भले ही मोबाइल फोन को स्वीचऑफ करके व्यक्ति मतदान कर देता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। हालांकि जिला निर्वाचन अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया था कि मतदाता वोट डालने के लिए जाते समय मतदान केंद्र में मोबाइल न ले जाएं। ये भी बताया था कि कौन-कौन अधिकारी अपना मोबाइल फोन मतदान केंद्र में ले जा सकेंगे लेकिन जिला प्रशासन सभी तक ये बात नहीं पहुंचा पाया।
परिणाम ये हुआ कि लोग मोबाइल फोन लेकर जब मतदान केंद्र पहुंचे तो उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। कहा कि मोबाइल फोन बाहर रखकर आओ। इसमें कई लोग ऐसे रहे, जो मोबाइल रखने वापस घर गए तो लौटकर ही नहीं आए। दरअसल, अब मोबाइल फोन की ऐसी आदत लग चुकी है कि कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से अधिक समय तक दूर रहना नहीं चाहता है। दूसरी खास बात ये है कि अपना मोबाइल फोन, लोग दूसरे के हाथों में भी देना नहीं चाहते। इस समस्या के कारण कहीं न कहीं मतदान का प्रतिशत प्रभावित रहा। शुरुआती समय में इस बिंदु को भले ही जिला प्रशासन या चुनाव आयोग ने गंभीरता से नहीं लिया हो लेकिन लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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