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प्रेम ही आत्मा का सच्चा आहार : अनमोलानंद महाराज
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श्री हनुमान सेवा समिति की ओर से मां अन्नपूर्णा धाम आश्रम में कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। श्री हनुमान सेवा समिति की ओर से मां अन्नपूर्णा धाम आश्रम में आयोजित कथा में सोमवार को मध्यप्रदेश के आनंदपुर धाम से आए महात्मा परम अनमोलानंद महाराज ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि प्रेम ही आत्मा का सच्चा आहार है, यही हमें संसार के दुखों से मुक्त करता है। प्रेम हमें अपने और दूसरों के बीच की दूरी को मिटाकर एकता का अनुभव कराता है और जब तक हम दूसरों के लिए प्रेम नहीं कर सकते, तब तक हम सच्चे प्रेम को नहीं समझ सकते।
उन्होंने कहा कि वास्तव में तो ईश्वर से प्रेम करना सबसे बड़ा तप है, क्योंकि वह प्रेम हमें अपने भीतर की शांति और शक्ति से जोड़ता है। प्रेम वह दिव्य शक्ति है, जो सबको एक सूत्र में बांधती है। सच्चा प्रेम न दिखावा करता है, न कोई अपेक्षाएं रखता है, यह बस शुद्ध और निरंतर होता है। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि अच्छे कर्म करो मरने के बाद स्वर्ग में जाओगे, सुबह-शाम प्रभु का नाम लिया करो, स्वर्ग में सुख पाओगे, मैंने कहा श्री आनंदपुर धाम जाओ, जीते जी स्वर्ग देख पाओगे और सतगुरु जी के सामने दरबार में बैठ जाओ स्वर्ग को ही भूल जाओगे।
इस अवसर पर बालकिशन त्रिपाठी, अमन शर्मा, वेद सलूजा, विपिन छाबड़ा, प्रदीप गर्ग, प्रवीन गर्ग, अनिल सिंगला, राजेश जैन, अशोक लूथरा, पार्षद नरेश गाबा, अशोक काठपाल, संजय गाबा सहित सभी सदस्य मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। श्री हनुमान सेवा समिति की ओर से मां अन्नपूर्णा धाम आश्रम में आयोजित कथा में सोमवार को मध्यप्रदेश के आनंदपुर धाम से आए महात्मा परम अनमोलानंद महाराज ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि प्रेम ही आत्मा का सच्चा आहार है, यही हमें संसार के दुखों से मुक्त करता है। प्रेम हमें अपने और दूसरों के बीच की दूरी को मिटाकर एकता का अनुभव कराता है और जब तक हम दूसरों के लिए प्रेम नहीं कर सकते, तब तक हम सच्चे प्रेम को नहीं समझ सकते।
उन्होंने कहा कि वास्तव में तो ईश्वर से प्रेम करना सबसे बड़ा तप है, क्योंकि वह प्रेम हमें अपने भीतर की शांति और शक्ति से जोड़ता है। प्रेम वह दिव्य शक्ति है, जो सबको एक सूत्र में बांधती है। सच्चा प्रेम न दिखावा करता है, न कोई अपेक्षाएं रखता है, यह बस शुद्ध और निरंतर होता है। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि अच्छे कर्म करो मरने के बाद स्वर्ग में जाओगे, सुबह-शाम प्रभु का नाम लिया करो, स्वर्ग में सुख पाओगे, मैंने कहा श्री आनंदपुर धाम जाओ, जीते जी स्वर्ग देख पाओगे और सतगुरु जी के सामने दरबार में बैठ जाओ स्वर्ग को ही भूल जाओगे।
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इस अवसर पर बालकिशन त्रिपाठी, अमन शर्मा, वेद सलूजा, विपिन छाबड़ा, प्रदीप गर्ग, प्रवीन गर्ग, अनिल सिंगला, राजेश जैन, अशोक लूथरा, पार्षद नरेश गाबा, अशोक काठपाल, संजय गाबा सहित सभी सदस्य मौजूद थे।
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