{"_id":"6aaad69cb889ebf42902bb11","slug":"lord-ganesha-is-warded-against-the-evil-eye-here-before-installation-karnal-news-c-246-1-ymn1001-162980-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: स्थापना से पहले यहां उतारी जाती है गणेश जी की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: स्थापना से पहले यहां उतारी जाती है गणेश जी की नजर
विज्ञापन
मॉडल टाउन में गणपति पंडाल में मौजूद गणपति सेना के पदाधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में इस बार पंडाल में भगवान गणेश की बाल स्वरूप प्रतिमा स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां पर पहले गणपति जी की नजर उतारने के बाद उनकी स्थापना की जाती है। ये जानकारी गणपति सेना के पदाधिकारियों ने दी।
उन्होंने बताया कि उत्सव शुरू करने के पहले वर्ष में पांच फीट की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके बाद समय के साथ प्रतिमा का आकार बढ़ता गया। इस बार पंडाल में साढ़े आठ फीट ऊंची प्रतिमा विराजमान की गई है। हर वर्ष भगवान गणेश की प्रतिमा का स्वरूप भी बदला जाता है। इस बार मंदिर की थीम पर तैयार किए गए पंडाल में बाल गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है।
पंडाल में प्रतिदिन सुबह आठ बजे और शाम सात बजे आरती की जाती है। आरती के बाद भगवान गणेश को लड्डुओं और मोदक का भोग लगाया जाता है।
शाम छह बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है। गणपति सेना से जुड़े पदाधिकारियों की सुबह-शाम ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
विज्ञापन
अन्य श्रद्धालु भी आरती में शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते हैं। सेना के सदस्यों ने बताया कि 18 को रात आठ बजे गणपति जी की चौकी आयोजित की जाएगी। रात 10 बजे भंडारे का आयोजन होगा। वहीं 19 सितंबर को राधाष्टमी के अवसर पर भगवान गणेश को 56 भोग लगाया जाएगा।
विज्ञापन
यमुनानगर। शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में इस बार पंडाल में भगवान गणेश की बाल स्वरूप प्रतिमा स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां पर पहले गणपति जी की नजर उतारने के बाद उनकी स्थापना की जाती है। ये जानकारी गणपति सेना के पदाधिकारियों ने दी।
उन्होंने बताया कि उत्सव शुरू करने के पहले वर्ष में पांच फीट की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके बाद समय के साथ प्रतिमा का आकार बढ़ता गया। इस बार पंडाल में साढ़े आठ फीट ऊंची प्रतिमा विराजमान की गई है। हर वर्ष भगवान गणेश की प्रतिमा का स्वरूप भी बदला जाता है। इस बार मंदिर की थीम पर तैयार किए गए पंडाल में बाल गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है।
विज्ञापन
पंडाल में प्रतिदिन सुबह आठ बजे और शाम सात बजे आरती की जाती है। आरती के बाद भगवान गणेश को लड्डुओं और मोदक का भोग लगाया जाता है।
शाम छह बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है। गणपति सेना से जुड़े पदाधिकारियों की सुबह-शाम ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
विज्ञापन
अन्य श्रद्धालु भी आरती में शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते हैं। सेना के सदस्यों ने बताया कि 18 को रात आठ बजे गणपति जी की चौकी आयोजित की जाएगी। रात 10 बजे भंडारे का आयोजन होगा। वहीं 19 सितंबर को राधाष्टमी के अवसर पर भगवान गणेश को 56 भोग लगाया जाएगा।