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Karnal News: एक से 14 अगस्त तक चलाया जाएगा कुष्ठ रोगी खोजी अभियान
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करनाल। जिले में एक से 14 अगस्त कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले के हर घर पहुंचकर कुष्ठ रोगियों की पहचान करेगी। अभियान के अंतर्गत 14 दिनों में लगभग तीन लाख घरों में, 16 लाख लोगों से संपर्क का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के 42 शहरी एवं ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोगी खोजी अभियान का संचालन किया जाएगा। ये अभियान जिले के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों-तरावड़ी, नीलोखेड़ी, इंद्री, घरौंडा, असंध, कुंजपुरा, बल्ला, पाढा, सांभली निसिंग, निगदू तथा अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों-शिव कॉलोनी, रामनगर, इंदिरा कॉलोनी, धोबी मोहल्ला, सेक्टर-13, सेक्टर-6 व वसंत विहार के क्षेत्रों में संचालित होगा। स्वास्थ्य विभाग की कुल 1174 टीमें जिनमें एक आशा वर्कर व एक पुरुष कार्यकर्ता होंगेए घर-घर जाकर कुष्ठ संभावित व्यक्तियों की पहचान करेंगे। कुल 235 एमपीएचडब्ल्यू टीम सुपरवाइजर टीमों का पर्यवेक्षण करेंगे।
सीटीएम मोनिका शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इन रोगियों को हेय दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि कुष्ठ रोग छूत की बीमारी नहीं है। लक्षणों के प्रारंभिक अवस्था में तथा पूरा इलाज लेने पर रोगी पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है। रोगी घर पर रहकर ही इलाज ले सकता है, विवाह कर सकता है, सामान्य जीवनयापन कर सकता है। उन्होंने जनसामान्य से निवेदन किया कि कुष्ठ के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं, झाड़-फूंक तथा अंधविश्वास से बचें। बिना जांच के मेडिकल स्टोर से स्वयं इलाज व दवा न लें।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी जागरूकः डॉ. पूनम चौधरी
सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि कुष्ठ रोगी खोजी स्वास्थ्य विभाग की टीमें जनसामान्य को कुष्ठ रोग के विषय में भी जागरूक करेंगी ताकि कुष्ठ संभावितों की शीघ्र पहचान कर उनकी जांच एवं समय पर इलाज करवाया जा सके तथा एनएलईपी के उद्देश्य 2027 तक कुष्ठ संचरण मुक्त भारत के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके। संभावित रोगियों की जांच डॉ. एसपी सिंघल, व डॉ. प्रदीप मान, त्वचा रोग विशेषज्ञ, कमरा नं.-23, ओपीडी ब्लॉक जिला नागरिक अस्पताल करनाल की ओर से की जाएगी। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि संवेदनशील स्थान जैसे-झुग्गी बस्ती, चावल मिल, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, इंडस्ट्रियल एरिया, लेबर चौक, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, ऑटो स्टैंड, कंस्ट्रक्शन साइट्स, ट्रक यूनियन व ढाबे आदि एलसीडीसी के मुख्य केंद्र होंगे।
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राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के 42 शहरी एवं ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोगी खोजी अभियान का संचालन किया जाएगा। ये अभियान जिले के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों-तरावड़ी, नीलोखेड़ी, इंद्री, घरौंडा, असंध, कुंजपुरा, बल्ला, पाढा, सांभली निसिंग, निगदू तथा अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों-शिव कॉलोनी, रामनगर, इंदिरा कॉलोनी, धोबी मोहल्ला, सेक्टर-13, सेक्टर-6 व वसंत विहार के क्षेत्रों में संचालित होगा। स्वास्थ्य विभाग की कुल 1174 टीमें जिनमें एक आशा वर्कर व एक पुरुष कार्यकर्ता होंगेए घर-घर जाकर कुष्ठ संभावित व्यक्तियों की पहचान करेंगे। कुल 235 एमपीएचडब्ल्यू टीम सुपरवाइजर टीमों का पर्यवेक्षण करेंगे।
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सीटीएम मोनिका शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इन रोगियों को हेय दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि कुष्ठ रोग छूत की बीमारी नहीं है। लक्षणों के प्रारंभिक अवस्था में तथा पूरा इलाज लेने पर रोगी पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है। रोगी घर पर रहकर ही इलाज ले सकता है, विवाह कर सकता है, सामान्य जीवनयापन कर सकता है। उन्होंने जनसामान्य से निवेदन किया कि कुष्ठ के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं, झाड़-फूंक तथा अंधविश्वास से बचें। बिना जांच के मेडिकल स्टोर से स्वयं इलाज व दवा न लें।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी जागरूकः डॉ. पूनम चौधरी
सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि कुष्ठ रोगी खोजी स्वास्थ्य विभाग की टीमें जनसामान्य को कुष्ठ रोग के विषय में भी जागरूक करेंगी ताकि कुष्ठ संभावितों की शीघ्र पहचान कर उनकी जांच एवं समय पर इलाज करवाया जा सके तथा एनएलईपी के उद्देश्य 2027 तक कुष्ठ संचरण मुक्त भारत के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके। संभावित रोगियों की जांच डॉ. एसपी सिंघल, व डॉ. प्रदीप मान, त्वचा रोग विशेषज्ञ, कमरा नं.-23, ओपीडी ब्लॉक जिला नागरिक अस्पताल करनाल की ओर से की जाएगी। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि संवेदनशील स्थान जैसे-झुग्गी बस्ती, चावल मिल, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, इंडस्ट्रियल एरिया, लेबर चौक, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, ऑटो स्टैंड, कंस्ट्रक्शन साइट्स, ट्रक यूनियन व ढाबे आदि एलसीडीसी के मुख्य केंद्र होंगे।