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लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का लघु सचिवालय पर प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बसताड़ा टोल पर पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज के दौरान वकील मनीष लाठर को लाठियों से पीटने के मामले को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर उन्हें निलंबित करने की मांग की। वहीं एसडीएम आशुष सिन्हा, डीएसपी पानीपत विरेंद्र सैनी, सीआईए इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने के लिए डीसी निशांत कुमार व एसपी गंगाराम पूनिया को शिकायत दी।
प्रदर्शन में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान कंवरप्रीत सिंह, उप प्रधान हरीश आर्य, महासचिव सुमित मोहन, पूर्व प्रधान निर्मल स्टौंडी, विरेंद्र पहल सहित अन्य वकील शामिल रहे। वकीलों ने जिला प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। यदि दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वह काम रोक देंगे और पूरे प्रदेश के वकीलों को कॉल कर देंगे।
पुलिस को दी शिकायत में मनीष लाठर ने बताया कि वह खुद किसान है और किसानों के साथ बसताड़ा टोल पर 28 अगस्त को मौजूद थे। सभी किसान शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। इसी दौरान एसडीएम व डीएसपी पुलिस बल के साथ पहुंचे। बसताड़ा टोल के ड्यूटी मजिस्ट्रेट न होने पर भी एसडीएम सिन्हा ने पुलिस को निर्देश दिए कि किसानों का सिर फोड़ दो। इसके बाद डीएसपी विरेंद्र सैनी उनकी तरफ आया। जब उन्होंने कोई लिखित में आदेश के बारे में पूछा तो डीएसपी सैनी ने अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ मिलकर उन पर लाठियां बरसा दीं। साथ ही करीब 50 किसानों के सिर में चोट लगी। इतना ही नहीं पुलिस के लाठी चार्ज से एक किसान की मौत भी हो गई है। इन आरोपियों पर हत्या, हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होना चाहिए।
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करनाल। बसताड़ा टोल पर पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज के दौरान वकील मनीष लाठर को लाठियों से पीटने के मामले को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर उन्हें निलंबित करने की मांग की। वहीं एसडीएम आशुष सिन्हा, डीएसपी पानीपत विरेंद्र सैनी, सीआईए इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने के लिए डीसी निशांत कुमार व एसपी गंगाराम पूनिया को शिकायत दी।
प्रदर्शन में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान कंवरप्रीत सिंह, उप प्रधान हरीश आर्य, महासचिव सुमित मोहन, पूर्व प्रधान निर्मल स्टौंडी, विरेंद्र पहल सहित अन्य वकील शामिल रहे। वकीलों ने जिला प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। यदि दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वह काम रोक देंगे और पूरे प्रदेश के वकीलों को कॉल कर देंगे।
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पुलिस को दी शिकायत में मनीष लाठर ने बताया कि वह खुद किसान है और किसानों के साथ बसताड़ा टोल पर 28 अगस्त को मौजूद थे। सभी किसान शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। इसी दौरान एसडीएम व डीएसपी पुलिस बल के साथ पहुंचे। बसताड़ा टोल के ड्यूटी मजिस्ट्रेट न होने पर भी एसडीएम सिन्हा ने पुलिस को निर्देश दिए कि किसानों का सिर फोड़ दो। इसके बाद डीएसपी विरेंद्र सैनी उनकी तरफ आया। जब उन्होंने कोई लिखित में आदेश के बारे में पूछा तो डीएसपी सैनी ने अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ मिलकर उन पर लाठियां बरसा दीं। साथ ही करीब 50 किसानों के सिर में चोट लगी। इतना ही नहीं पुलिस के लाठी चार्ज से एक किसान की मौत भी हो गई है। इन आरोपियों पर हत्या, हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होना चाहिए।
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