{"_id":"5e8a3db18ebc3e76aa59c331","slug":"kyc-is-3-years-difference-in-date-of-birth-so-make-online-request-correct-karnal-news-knl2718944","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईपीएफओ से पैसा नहीं निकलवा पा रहे तो ये खुशखबरी आपके लिए हैं, जानिए और फंड निकलवाइए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईपीएफओ से पैसा नहीं निकलवा पा रहे तो ये खुशखबरी आपके लिए हैं, जानिए और फंड निकलवाइए
Mon, 06 Apr 2020 04:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
गगन तलवार, करनाल
गगन तलवार, करनाल
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2020 04:47 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईपीएफओ के रिकॉर्ड में जन्मतिथि गलत होने के कारण पैसा ना निकलवा पाने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। अब वे ऑनलाइन रिक्वेस्ट डाल घर बैठे इसे ठीक करवा सकते हैं और जरूरतों को पूरा करने के लिए तीन माह के वेतन जितना पैसा नॉन रिफंडेबल स्कीम के तहत पीएफ खाते में से निकलवा सकते हैं।
कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में आपकी जरूरतों को समझते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने यह निर्णय लिया है, ताकि आपको बंदी के इस दौर में घर चलाने के लिए कर्ज ना लेना पड़े। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, केवाईसी में जन्मतिथि का संशोधन केवल तीन साल की अवधि तक का ही होगा।
यानी विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि और आपके आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि में तीन साल तक का ही अंतर होना चाहिए। करनाल स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में करनाल के अलावा सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला व यमुनानगर जिले के करीब तीन लाख कर्मचारी पंजीकृत हैं, जिनका हर माह ईपीएफ जमा होता है। रोजाना 350 से 400 लोग अपने कामों से कार्यालय पहुंचते हैं। इस फैसले से करनाल के काफी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
सभी औपचारिकताएं हुई खत्म
अब से पहले ईपीएफओ के रिकॉर्ड जन्मतिथि में केवल एक साल तक का अंतर होने पर सिंगल ऑनलाइन रिक्वेस्ट पर संशोधन किया जाता था। इससे ज्यादा समय के अंतर पर ऑनलाइन रिक्वेस्ट के अलावा कर्मचारी को कई तरह की औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ती थी। जिसमें उसे स्कूल का सर्टिफिकेट दिखाने के अलावा कई तरह के दस्तावेज विभाग के समक्ष पेश करने पड़ते थे। ऐसे में संशोधन कराने में काफी समय लगता था। अब सिंगल ऑनलाइन रिक्वेस्ट पर ये काम हो सकेगा।
ऐसे कर सकते हैं ठीक
रिकॉर्ड में जन्मतिथि का संशोधन कराने के लिए विभाग की साइट में अपना यूएएन नंबर डाल कर लॉग इन करना होगा। इसके बाद वे रिक्वेस्ट डालेंगे। यहां से दर्ज हुई रिक्वेस्ट एंप्लायर (जिस कंपनी में काम करता है) के पास जाएगी। वहां से जन्मतिथि वेरीफाई होने के बाद कर्मचारी की रिक्वेस्ट विभाग के पास पहुंचेगी। जिसे ठीक किया जाएगा।
कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में पीएफ के सदस्य यानी कर्मचारियों की जरूरतों को समझते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया कि जिस कर्मचारी के विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि गलत है, तो वह उसे ठीक करा सकता है। बशर्ते आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि और विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि में अंतर तीन वर्ष से कम होना चाहिए।
- अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल।
विज्ञापन
कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में आपकी जरूरतों को समझते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने यह निर्णय लिया है, ताकि आपको बंदी के इस दौर में घर चलाने के लिए कर्ज ना लेना पड़े। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, केवाईसी में जन्मतिथि का संशोधन केवल तीन साल की अवधि तक का ही होगा।
विज्ञापन
यानी विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि और आपके आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि में तीन साल तक का ही अंतर होना चाहिए। करनाल स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में करनाल के अलावा सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला व यमुनानगर जिले के करीब तीन लाख कर्मचारी पंजीकृत हैं, जिनका हर माह ईपीएफ जमा होता है। रोजाना 350 से 400 लोग अपने कामों से कार्यालय पहुंचते हैं। इस फैसले से करनाल के काफी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
सभी औपचारिकताएं हुई खत्म
अब से पहले ईपीएफओ के रिकॉर्ड जन्मतिथि में केवल एक साल तक का अंतर होने पर सिंगल ऑनलाइन रिक्वेस्ट पर संशोधन किया जाता था। इससे ज्यादा समय के अंतर पर ऑनलाइन रिक्वेस्ट के अलावा कर्मचारी को कई तरह की औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ती थी। जिसमें उसे स्कूल का सर्टिफिकेट दिखाने के अलावा कई तरह के दस्तावेज विभाग के समक्ष पेश करने पड़ते थे। ऐसे में संशोधन कराने में काफी समय लगता था। अब सिंगल ऑनलाइन रिक्वेस्ट पर ये काम हो सकेगा।
ऐसे कर सकते हैं ठीक
रिकॉर्ड में जन्मतिथि का संशोधन कराने के लिए विभाग की साइट में अपना यूएएन नंबर डाल कर लॉग इन करना होगा। इसके बाद वे रिक्वेस्ट डालेंगे। यहां से दर्ज हुई रिक्वेस्ट एंप्लायर (जिस कंपनी में काम करता है) के पास जाएगी। वहां से जन्मतिथि वेरीफाई होने के बाद कर्मचारी की रिक्वेस्ट विभाग के पास पहुंचेगी। जिसे ठीक किया जाएगा।
कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में पीएफ के सदस्य यानी कर्मचारियों की जरूरतों को समझते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया कि जिस कर्मचारी के विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि गलत है, तो वह उसे ठीक करा सकता है। बशर्ते आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि और विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि में अंतर तीन वर्ष से कम होना चाहिए।
- अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल।