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करनाल शुगर मिल पैदा करेगी पंद्रह मेगावाट बिजली
करनाल
Updated Fri, 22 Nov 2013 10:02 PM IST
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करनाल में उत्कृष्टता के लिहाज से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी सहकारी चीनी मिल करनाल अब अपनी खुद की बिजली पैदा करेगी। योजना 15 मेगावाट बिजली जनरेट करने की है।
इसमें से पांच मेगावाट मिल अपने लिए कंज्यूम की जाएगी, जबकि 10 मेगावाट बेची जाएगी। इससे सहकारी मिल के साथ-साथ सरकार को भी फायदा होगा और मिल के आसपास के उपभोक्ताओं को निर्बाध व बेहतर गुणवत्ता की बिजली मिल सकेगी। यह खुलासा हरियाणा के सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने सहकारी चीनी मिल का औचक निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत में किया।
उन्होंने कहा कि को जनरेशन यानी इस योजना की फाइल तैयार कर ली गई है और मुख्यमंत्री के पास अवलोकनार्थ भेज दी गई है। उम्मीद है कि यह जल्द ही सिरे चढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि को जनरेशन की योजना को अंतिम रूप मिलते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
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इससे मिल में स्थापित ओल्ड टर्बाइन व बॉयलर जैसे उपकरण (मशीनरी) भी बदली जाएंगी और इस तरह से मिल का आधुनिकीकरण भी हो जाएगा। यह पहली बार हुआ है कि किसी प्रदेश की तीन सहकारी चीनी मिलें राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकुशलता के लिहाज से अव्वल चुनी गई हैं।
इनमें करनाल, पानीपत और शाहाबाद शामिल हैं। करनाल चीनी मिल की गन्ना रिकवरी की आउटपुट सर्वाधिक है। शाहाबाद चीनी मिल भी अपनी बिजली पैदा कर रहा है और हर वर्ष 14 करोड़ रुपये की बिजली मिल की ओर से बेची जा रही है।
हरियाणा में पूरे देश में किसानों को सर्वाधिक भाव 301 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में गन्ने का भाव कम दिए जाने से वहां के किसान नाराज चल रहे हैं और वहां की मिलें बंद होने के कगार पर हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री की हालिया घोषणा, जिसमें कहा गया है कि कोऑपरेटिव बैंकों से किसानों ने जो फसली कर्जा व लंबी अवधि का कर्जा लिया है, उनका एक मुश्त समाधान करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की जाएगी।
इसके अंतर्गत कुल ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे प्रदेश का किसान वर्ग अति खुश व उत्साहित है। करनाल शुगर मिल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मैं यहां आकर पहले किसानों से मिला हूं, बाद में अधिकारियों से। किसानों ने बताया कि वे गन्ने के भाव से खुश हैं। एक एकड़ में किसान को खर्चा निकालकर 50 हजार रुपये की बचत हो रही है।
केंद्र की स्कीमों की जानकारी के लिए सेवा केंद्र शुरू
करनाल में केन्द्र की ओर से प्रायोजित स्कीमों का मूल्यांकन, समीक्षा और उनसे आम जनता को मिलने वाले लाभ की प्रक्रिया में अब तेजी आएगी।
स्थानीय लघु सचिवालय के प्रशासनिक खंड के द्वितीय भवन की प्रथम मंजिल पर पंचायती राज विभाग की ओर से भव्य कक्ष विकसित किया गया है। सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत इस कक्ष का उद्घाटन किया। उनके साथ करनाल की विधायक और हरियाणा भंडारण निगम की अध्यक्षा सुमिता सिंह, उपायुक्त विकास यादव, पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद, अतिरिक्त उपायुक्त गिरीश अरोड़ा, निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता और कांग्रेस कमेटी के शहरी प्रधान सुरेश भारद्वाज उपस्थित थे।
सांसद ने मीडियाकर्मियों को बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से आम जनता के कल्याण, उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। इनके बेहतर क्रियान्वयन व समीक्षा नए कक्ष में बैठकर की जाएगी। उनका कहना था कि मेरे अतिरिक्त विधायक व मेयर भी यहां बैठकर लोगों की समस्या सुनेंगे और प्रशासन के साथ भी बेहतर समन्वय बना रहेगा और लोगों को भी यहां आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी।
इससे शहर, गांव व वार्डों में रहने वाली जनता को सुविधा के साथ-साथ उनकी सुनवाई भी की जाएगी। पिछले दिनों गोहाना रैली में मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों व उनके अधिकारियों की कार्यशैली की जवाबदेही तय करते हुए कहा था कि इसके लिए बाकायदा प्रदेश सरकार एक कानून ला रही है।
उस नजरिए से यह कक्ष बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा, ऐसी उम्मीद है। हम न केवल यहां विकास से जुड़ी स्कीमों की समीक्षा करेंगे, बल्कि सरकारी कार्यालयों व फील्ड में जाकर चल रहे विकास कार्यों को भी देखेंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और वह प्रभावी ढंग से होगा।
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इसमें से पांच मेगावाट मिल अपने लिए कंज्यूम की जाएगी, जबकि 10 मेगावाट बेची जाएगी। इससे सहकारी मिल के साथ-साथ सरकार को भी फायदा होगा और मिल के आसपास के उपभोक्ताओं को निर्बाध व बेहतर गुणवत्ता की बिजली मिल सकेगी। यह खुलासा हरियाणा के सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने सहकारी चीनी मिल का औचक निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत में किया।
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उन्होंने कहा कि को जनरेशन यानी इस योजना की फाइल तैयार कर ली गई है और मुख्यमंत्री के पास अवलोकनार्थ भेज दी गई है। उम्मीद है कि यह जल्द ही सिरे चढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि को जनरेशन की योजना को अंतिम रूप मिलते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
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इससे मिल में स्थापित ओल्ड टर्बाइन व बॉयलर जैसे उपकरण (मशीनरी) भी बदली जाएंगी और इस तरह से मिल का आधुनिकीकरण भी हो जाएगा। यह पहली बार हुआ है कि किसी प्रदेश की तीन सहकारी चीनी मिलें राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकुशलता के लिहाज से अव्वल चुनी गई हैं।
इनमें करनाल, पानीपत और शाहाबाद शामिल हैं। करनाल चीनी मिल की गन्ना रिकवरी की आउटपुट सर्वाधिक है। शाहाबाद चीनी मिल भी अपनी बिजली पैदा कर रहा है और हर वर्ष 14 करोड़ रुपये की बिजली मिल की ओर से बेची जा रही है।
हरियाणा में पूरे देश में किसानों को सर्वाधिक भाव 301 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में गन्ने का भाव कम दिए जाने से वहां के किसान नाराज चल रहे हैं और वहां की मिलें बंद होने के कगार पर हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री की हालिया घोषणा, जिसमें कहा गया है कि कोऑपरेटिव बैंकों से किसानों ने जो फसली कर्जा व लंबी अवधि का कर्जा लिया है, उनका एक मुश्त समाधान करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की जाएगी।
इसके अंतर्गत कुल ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे प्रदेश का किसान वर्ग अति खुश व उत्साहित है। करनाल शुगर मिल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मैं यहां आकर पहले किसानों से मिला हूं, बाद में अधिकारियों से। किसानों ने बताया कि वे गन्ने के भाव से खुश हैं। एक एकड़ में किसान को खर्चा निकालकर 50 हजार रुपये की बचत हो रही है।
केंद्र की स्कीमों की जानकारी के लिए सेवा केंद्र शुरू
करनाल में केन्द्र की ओर से प्रायोजित स्कीमों का मूल्यांकन, समीक्षा और उनसे आम जनता को मिलने वाले लाभ की प्रक्रिया में अब तेजी आएगी।
स्थानीय लघु सचिवालय के प्रशासनिक खंड के द्वितीय भवन की प्रथम मंजिल पर पंचायती राज विभाग की ओर से भव्य कक्ष विकसित किया गया है। सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत इस कक्ष का उद्घाटन किया। उनके साथ करनाल की विधायक और हरियाणा भंडारण निगम की अध्यक्षा सुमिता सिंह, उपायुक्त विकास यादव, पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद, अतिरिक्त उपायुक्त गिरीश अरोड़ा, निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता और कांग्रेस कमेटी के शहरी प्रधान सुरेश भारद्वाज उपस्थित थे।
सांसद ने मीडियाकर्मियों को बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से आम जनता के कल्याण, उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। इनके बेहतर क्रियान्वयन व समीक्षा नए कक्ष में बैठकर की जाएगी। उनका कहना था कि मेरे अतिरिक्त विधायक व मेयर भी यहां बैठकर लोगों की समस्या सुनेंगे और प्रशासन के साथ भी बेहतर समन्वय बना रहेगा और लोगों को भी यहां आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी।
इससे शहर, गांव व वार्डों में रहने वाली जनता को सुविधा के साथ-साथ उनकी सुनवाई भी की जाएगी। पिछले दिनों गोहाना रैली में मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों व उनके अधिकारियों की कार्यशैली की जवाबदेही तय करते हुए कहा था कि इसके लिए बाकायदा प्रदेश सरकार एक कानून ला रही है।
उस नजरिए से यह कक्ष बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा, ऐसी उम्मीद है। हम न केवल यहां विकास से जुड़ी स्कीमों की समीक्षा करेंगे, बल्कि सरकारी कार्यालयों व फील्ड में जाकर चल रहे विकास कार्यों को भी देखेंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और वह प्रभावी ढंग से होगा।