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Karnal News: जीटी रोड बेल्ट के शहरों में सबसे प्रदूषित रहा करनाल
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सेक्टर चार में धूल उड़ाते हुए जाता ट्रक। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की हवा में सुधार नहीं है। बुधवार को शहर की हवा का वायु गुणवत्ता सूचकांक 258 दर्ज किया गया। जीटी रोड बेल्ट के पानीपत से लेकर चंडीगढ़, पंचकूला तक के शहरों की बात करें तो करनाल की हवा सबसे खराब रही। चंडीगढ़ का एक्यूआई 197 दर्ज किया गया तो पंचकूला का महज 96 रहा। अंबाला का एक्यूआई 100 तो कुरुक्षेत्र का 226 रहा।
पानीपत का 172 और कैथल का एक्यूआई महज 98 दर्ज किया गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि पानीपत में छोटे-बड़े चार हजार से भी ज्यादा उद्योग हैं। ट्रैफिक भी पानीपत में करनाल से ज्यादा है। जबकि हरियाली करनाल में ज्यादा है। इसके बावजूद शहर की हवा पानीपत की अच्छी है।
बुधवार को शहर की हवा में पीएम 2.5 के कणों की मात्रा 258 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई। न्यूनतम मात्रा 181 जबकि अधिकतम मात्रा 317 दर्ज की गई। शहर की हवा में पीएम 2.5 के सूक्ष्म कणों की मात्रा सुबह 9 से 11 बजे तक सबसे अधिक रही। पीएम 10 के कणों की बात करें तो बुधवार को इनकी औसत 143 दर्ज की गई। पीएम 10 के न्यूनतम करण 118 और अधिकतम 176 दर्ज किए गए। इनकी मात्रा रात को 9 से सुबह के 9 बजे तक सबसे ज्यादा रही।
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गौर करने वाली बात ये है कि पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों की सबसे ज्यादा मात्रा सुबह के नौ बजे के आसपास रहती है। ये वही समय होता है जब लोग घरों से अपने कार्यालयों, स्कूल कॉलेज और संस्थानों की ओर निकलते हैं। वाहनों की वजह से सड़क किनारे उड़ने वाली धूल और वाहनों से निकलने वाला धुआं शहर के लोगों का दम घोंटने का काम कर रहा है।
कल से और बढ़ सकती है ठंड
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 4 दिसंबर से शहर के न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की अतिरिक्त गिरावट दर्ज की जा सकती है। रात को शहर का तापमान छह डिग्री या इससे कम भी पहुंच सकता है जबकि अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना है। लेकिन उसके बाद फिर से तापमान गिर सकता है।
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लोगों को भी अपनी शहर के हवा के प्रति जागरूक होना होगा। कूड़े-पराली में आग न लगाएं। आग लगाने वालों की निगम को शिकायत दें। वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें। इनके अलावा विभाग भी अपने स्तर पर शहर का सर्वे कर रहा है। अगर कोई नियमाें का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -रणदीप सिंधू, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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करनाल। शहर की हवा में सुधार नहीं है। बुधवार को शहर की हवा का वायु गुणवत्ता सूचकांक 258 दर्ज किया गया। जीटी रोड बेल्ट के पानीपत से लेकर चंडीगढ़, पंचकूला तक के शहरों की बात करें तो करनाल की हवा सबसे खराब रही। चंडीगढ़ का एक्यूआई 197 दर्ज किया गया तो पंचकूला का महज 96 रहा। अंबाला का एक्यूआई 100 तो कुरुक्षेत्र का 226 रहा।
पानीपत का 172 और कैथल का एक्यूआई महज 98 दर्ज किया गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि पानीपत में छोटे-बड़े चार हजार से भी ज्यादा उद्योग हैं। ट्रैफिक भी पानीपत में करनाल से ज्यादा है। जबकि हरियाली करनाल में ज्यादा है। इसके बावजूद शहर की हवा पानीपत की अच्छी है।
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बुधवार को शहर की हवा में पीएम 2.5 के कणों की मात्रा 258 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई। न्यूनतम मात्रा 181 जबकि अधिकतम मात्रा 317 दर्ज की गई। शहर की हवा में पीएम 2.5 के सूक्ष्म कणों की मात्रा सुबह 9 से 11 बजे तक सबसे अधिक रही। पीएम 10 के कणों की बात करें तो बुधवार को इनकी औसत 143 दर्ज की गई। पीएम 10 के न्यूनतम करण 118 और अधिकतम 176 दर्ज किए गए। इनकी मात्रा रात को 9 से सुबह के 9 बजे तक सबसे ज्यादा रही।
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गौर करने वाली बात ये है कि पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों की सबसे ज्यादा मात्रा सुबह के नौ बजे के आसपास रहती है। ये वही समय होता है जब लोग घरों से अपने कार्यालयों, स्कूल कॉलेज और संस्थानों की ओर निकलते हैं। वाहनों की वजह से सड़क किनारे उड़ने वाली धूल और वाहनों से निकलने वाला धुआं शहर के लोगों का दम घोंटने का काम कर रहा है।
कल से और बढ़ सकती है ठंड
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 4 दिसंबर से शहर के न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की अतिरिक्त गिरावट दर्ज की जा सकती है। रात को शहर का तापमान छह डिग्री या इससे कम भी पहुंच सकता है जबकि अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना है। लेकिन उसके बाद फिर से तापमान गिर सकता है।
लोगों को भी अपनी शहर के हवा के प्रति जागरूक होना होगा। कूड़े-पराली में आग न लगाएं। आग लगाने वालों की निगम को शिकायत दें। वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें। इनके अलावा विभाग भी अपने स्तर पर शहर का सर्वे कर रहा है। अगर कोई नियमाें का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -रणदीप सिंधू, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड