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Karnal News: एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ कपिल किशोर का नाम
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- एशिया में सबसे ज्यादा रक्तदान शिविर लगाने का बनाया रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एशिया में सबसे ज्यादा रक्तदान शिविर लगाने के लिए कपिल किशोर का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। तीन अक्तूबर को फरीदाबाद में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कन्वोकेशन फॉर रिकाॅर्ड होल्डर्स के कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया गया।
कपिल किशोर ने बताया कि उनके द्वारा पिछले 12 सालों में अब तक 227 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 23,786 यूनिट ब्लड विभिन्न सरकारी ब्लड बैंकों को दिया जा चुका है। इसके लिए उनका नाम एशिया इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। कपिल खुद भी 78 बार रक्तदान कर चुके हैं, यही नहीं, उनकी पत्नी रूबी अग्रवाल भी 41 बार रक्तदान कर चुकी हैं, अब उनका बेटा सिद्धार्थ अग्रवाल भी 18 वर्ष का होने के बाद तीन बार रक्तदान कर चुका है। कपिल ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त की कमी न हो।
कुछ दिन पहले इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था नाम
अभी कुछ दिन पहले ही सबसे ज्यादा रक्तदान शिविर लगाने के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हुआ था, वर्ष 2018-19 और 2020-21 में जिले में सबसे ज्यादा रक्तदान करवाने के लिए दो बार हरियाणा के राज्यपाल उन्हें सम्मानित कर चुके हैं, इसके अलावा शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी बहुत बार उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थी जो धीरे-धीरे दूर हो गईं। दो-तीन सालों में शिविरों की संख्या बढ़कर लगभग 50 प्रति वर्ष पहुंच चुकी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एशिया में सबसे ज्यादा रक्तदान शिविर लगाने के लिए कपिल किशोर का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। तीन अक्तूबर को फरीदाबाद में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कन्वोकेशन फॉर रिकाॅर्ड होल्डर्स के कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया गया।
कपिल किशोर ने बताया कि उनके द्वारा पिछले 12 सालों में अब तक 227 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 23,786 यूनिट ब्लड विभिन्न सरकारी ब्लड बैंकों को दिया जा चुका है। इसके लिए उनका नाम एशिया इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। कपिल खुद भी 78 बार रक्तदान कर चुके हैं, यही नहीं, उनकी पत्नी रूबी अग्रवाल भी 41 बार रक्तदान कर चुकी हैं, अब उनका बेटा सिद्धार्थ अग्रवाल भी 18 वर्ष का होने के बाद तीन बार रक्तदान कर चुका है। कपिल ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त की कमी न हो।
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कुछ दिन पहले इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था नाम
अभी कुछ दिन पहले ही सबसे ज्यादा रक्तदान शिविर लगाने के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हुआ था, वर्ष 2018-19 और 2020-21 में जिले में सबसे ज्यादा रक्तदान करवाने के लिए दो बार हरियाणा के राज्यपाल उन्हें सम्मानित कर चुके हैं, इसके अलावा शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी बहुत बार उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थी जो धीरे-धीरे दूर हो गईं। दो-तीन सालों में शिविरों की संख्या बढ़कर लगभग 50 प्रति वर्ष पहुंच चुकी है।
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