{"_id":"682904554cbbac72b0071c04","slug":"jeena-the-farmers-daughter-achieved-success-by-studying-at-night-karnal-news-c-18-knl1008-648562-2025-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: किसान की बेटी जीना ने रात में पढ़ाई करके पाई सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: किसान की बेटी जीना ने रात में पढ़ाई करके पाई सफलता
विज्ञापन
किसान की बेटी जीना ने रात में पढ़ाई करके पाई सफलता
- बोलीं- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, मेहनत करनी ही पड़ती है
अंक : 495
स्थान : प्रदेश में तृतीय
मां : प्रियंका, गृहिणी
पिता : सुखबीर सिंह, किसान
स्कूल : आनंद पब्लिक स्कूल, निगदू करनाल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी के किसान की बेटी जीना चौहान ने रात में पढ़ाई करके सफलता पाई है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 10वीं के परीक्षा परिणाम में छात्रा ने 495 अंकों से प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। छात्रा का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत करनी ही पढ़ती है। किसान पिता सुखबीर सिंह का डॉक्टर बनने का सपना था, जिसे वे पूरा नहीं कर पाए, इसलिए अब बेटी पिता के सपने को पूरा करते हुए समाज के लिए कुछ करना चाहती है। आनंद पब्लिक स्कूल की छात्रा ने बिना ट्यूशन सफलता पाई। छात्रा कहना है कि पढ़ाई में उसकी मां प्रियंका ने भी मदद की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह घर में अपने दोनों छोटे भाईयों को भी पढ़ाती थी।
- लक्ष्य : डॉक्टर बनना चाहती हैं। इसके लिए मेडिकल संकाय लेंगी। डॉक्टर दूसरों के दुख का निवारण करता है, इसलिए यह प्रोफेशन चुना है।
- टिप्स : रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई की। कभी भी असफलता पर निराश न हों, मेहनत पर ही भरोसा रखें और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ें। मोबाइल और पारिवारिक कार्यक्रमों से भी दूसरी बनाई।
- अंक तालिका : अंग्रेजी और पंजाबी में 100, एसओएस में 99, गणित और हिंदी में 98, ग्रेड : ए प्लस
विज्ञापन
- बोलीं- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, मेहनत करनी ही पड़ती है
अंक : 495
स्थान : प्रदेश में तृतीय
मां : प्रियंका, गृहिणी
पिता : सुखबीर सिंह, किसान
स्कूल : आनंद पब्लिक स्कूल, निगदू करनाल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी के किसान की बेटी जीना चौहान ने रात में पढ़ाई करके सफलता पाई है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 10वीं के परीक्षा परिणाम में छात्रा ने 495 अंकों से प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। छात्रा का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत करनी ही पढ़ती है। किसान पिता सुखबीर सिंह का डॉक्टर बनने का सपना था, जिसे वे पूरा नहीं कर पाए, इसलिए अब बेटी पिता के सपने को पूरा करते हुए समाज के लिए कुछ करना चाहती है। आनंद पब्लिक स्कूल की छात्रा ने बिना ट्यूशन सफलता पाई। छात्रा कहना है कि पढ़ाई में उसकी मां प्रियंका ने भी मदद की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह घर में अपने दोनों छोटे भाईयों को भी पढ़ाती थी।
- लक्ष्य : डॉक्टर बनना चाहती हैं। इसके लिए मेडिकल संकाय लेंगी। डॉक्टर दूसरों के दुख का निवारण करता है, इसलिए यह प्रोफेशन चुना है।
- टिप्स : रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई की। कभी भी असफलता पर निराश न हों, मेहनत पर ही भरोसा रखें और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ें। मोबाइल और पारिवारिक कार्यक्रमों से भी दूसरी बनाई।
विज्ञापन
- अंक तालिका : अंग्रेजी और पंजाबी में 100, एसओएस में 99, गणित और हिंदी में 98, ग्रेड : ए प्लस